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योगी सरकार जल्द लाएगी फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री के लिए मेगा पॉलिसी, 15 हजार करोड़ के नए निवेश की उम्मीद

पॉलिसी का ड्राफ्ट तैयार है और कुछ ही दिनों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा इसकी घोषणा संभव है.

September 23, 2020 8:08 PM
उत्तर प्रदेश सरकार (UP Government) खाद्य प्रसंस्करण (फूड प्रोसेसिंग) उद्योग पर एक नई महत्वपूर्ण पॉलिसी ला रही है, जिससे सूक्ष्म से लेकर बड़े उद्योग तक व्यापक पैमाने पर लाभान्वित होंगे. इसके तहत बड़े उद्योगों को सौ करोड़ रुपये तक की सब्सिडी मिलना भी संभव होगा. पॉलिसी का ड्राफ्ट तैयार है और कुछ ही दिनों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा इसकी घोषणा संभव है. यह जानकारी उत्तर प्रदेश के कृषि उत्पादन आयुक्त आलोक सिन्हा ने फूड प्रोसेसिंग पर आयोजित पीएचडी चैम्बर ऑफ कॉमर्स के एक वेबिनार में उद्यमियों को दी.इसके तहत बड़े उद्योगों को सौ करोड़ रुपये तक की सब्सिडी मिलना भी संभव होगा. Image; PTI

उत्तर प्रदेश सरकार (UP Government) खाद्य प्रसंस्करण (फूड प्रोसेसिंग) उद्योग पर एक नई महत्वपूर्ण पॉलिसी ला रही है, जिससे सूक्ष्म से लेकर बड़े उद्योग तक व्यापक पैमाने पर लाभान्वित होंगे. इसके तहत बड़े उद्योगों को सौ करोड़ रुपये तक की सब्सिडी मिलना भी संभव होगा. पॉलिसी का ड्राफ्ट तैयार है और कुछ ही दिनों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा इसकी घोषणा संभव है. यह जानकारी उत्तर प्रदेश के कृषि उत्पादन आयुक्त आलोक सिन्हा ने फूड प्रोसेसिंग पर आयोजित पीएचडी चैम्बर ऑफ कॉमर्स के एक वेबिनार में उद्यमियों को दी.

उन्होने कहा कि भारत की 70% आबादी गांवों में रहती है, जबकि अर्थव्यवस्था में उनका योगदान सिर्फ 27 फीसदी का है. सरकार किसानों की आमदनी में वृद्धि कर उनका यह योगदान बढ़ाने का हर संभव व पारदर्शी प्रयास कर रही है. स्वाभाविक रूप से फूड प्रोसेसिंग के माध्यम से किसानों के उत्पादों की लागत बढ़ाकर इस लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है. आज प्रदेश में पैदा होने वाले खाद्यान्न का सिर्फ 6% भाग ही प्रोसेस्ड हो पाता है, जिसे अगले पांच सालों में 20% करने का लक्ष्य है. इस दृष्टि से उत्तर प्रदेश की फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री में निवेश की असीम संभावनाएं मौजूद हैं. वेबिनार में बताया गया कि फूड प्रो​सेसिंग क्षेत्र में उत्तर प्रदेश में 15000 करोड़ का निवेश हुआ है. अब और 15000 करोड़ रुपये के निवेश को आकर्षित करने की तैयारी है.

सालाना 70000 करोड़ का खाद्यान्न हो जाता है बर्बाद

पीएचडी चैंबर के इस वेबिनार में खाद्य प्रसंस्करण विभाग के प्रमुख सचिव बी एल मीणा ने बताया कि उत्तर प्रदेश में कोल्ड चेन के अभाव में सालाना 70000 करोड़ रुपये का खाद्यान्न बर्बाद हो जाता है. इसके लिए प्रदेश सरकार बड़े पैमाने पर सब्सिडी स्कीम चला रही है, जिसके तहत दो मीट्रिक टन से ज्यादा माल का परिवहन करने वाले उद्यमी 50 करोड़ रुपये तक की सब्सिडी ऑपरेशन ग्रीन के तहत हासिल कर सकते हैं.

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उद्योगों के लिए भी लागू हो सोलर एनर्जी सुविधा

पीएचडी चैंबर के को-चेयरमैन मनीष खेमका ने सोलर एनर्जी की सुविधा को उद्योगों के लिए भी लागू करने की अधिकारियों से मांग की. इससे कोल्ड स्टोरेज व अन्य फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स के बिजली खर्च को घटाकर उन्हें अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रतियोगी बनाया जा सकेगा. गौरतलब है कि वर्तमान में औद्योगिक इकाइयों को सोलर एनर्जी के नेट मीटर लगाने की अनुमति नहीं है. इस कारण उनके लिए सोलर प्लांट लगाना संभव नहीं है. कृषि उत्पादन आयुक्त आलोक सिन्हा ने बताया कि यह मांग सरकार के समक्ष विचाराधीन है और जल्द ही इस पर सकारात्मक निर्णय होने की संभावना है. उन्होंने अपने स्तर से भी जनहित के इस मुद्दे की पैरवी करने का भरोसा दिलाया.

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