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TRAI की 8,293 मेगाहर्ट्ज की रेडियोवेव के लिए 5.77 लाख करोड़ की नीलामी योजना की सिफारिश

यदि ट्राई की सिफारिशों को सरकार मंजूरी दे देती है तो यह आवृत्तियों की संख्या के लिहाज से देश की सबसे बड़ी स्पेक्ट्रम नीलामी होगी.

August 2, 2018 10:50 AM
trai, trai full form in hindi, telecom regulatory authority of india, trai india, business news in hindiयदि ट्राई की सिफारिशों को सरकार मंजूरी दे देती है तो यह आवृत्तियों की संख्या के लिहाज से देश की सबसे बड़ी स्पेक्ट्रम नीलामी होगी. (PTI)

नई दूरसंचार नियामक ट्राई अब तक की सबसे बड़ी स्पेक्ट्रम बिक्री की तैयारी में है. ट्राई ने 8,293.95 मेगाहर्ट्ज की दूरसंचार आवृत्तियों (फ्रीक्वेंसी) की नीलामी कुल 5.77 लाख करोड़ रुपये आधार मूल्य पर करने की सिफारिश की है. यह पिछली बिक्री से मामूली ज्यादा है.

भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने नीलामी के लिए अपनी सिफारिश में कहा, “सभी उपलब्ध स्पेक्ट्रम को आगामी नीलामी में रखा जाना चाहिए.” दूरसंचार विभाग ने ट्राई को नौ बैंडों में 8,096.45 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम की उपलब्धता के बारे में सूचित किया था. यदि ट्राई की सिफारिशों को सरकार मंजूरी दे देती है तो यह आवृत्तियों की संख्या के लिहाज से देश की सबसे बड़ी स्पेक्ट्रम नीलामी होगी.

ट्राई ने दूरसंचार उद्योग को राहत देते हुये अपने सुझाव में “700 मेगाहर्ट्ज बैंड के आधार मूल्य में 43 प्रतिशत की कटौती का सुझाव दिया है. ट्राई ने इसके लिए आधार मूल्य करीब 6,568 करोड़ रुपये प्रति मेगाहर्ट्ज रखने की सिफारिश की है. पिछली नीलामी में यह बोली पाने में असफल रहा था।. सरकार ने अभी तक अगले दौर की स्पेक्ट्रम नीलामी की तारीख तय नहीं की है.

ट्राई ने देशभर में 1800 मेगाहर्ट्ज बैंड स्पेक्ट्रम की नीलामी में आधार मूल्य अखिल भारतीय आधार पर 3,285 करोड़ रुपये प्रति मेगाहर्ट्ज रखने की सिफारिश की है. भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने दूरसंचार उद्योग को राहत देते हुये अपने सुझाव में कहा कि “700 मेगाहर्ट्ज बैंड का आरक्षित मूल्य 1800 मेगाहर्ट्ज के आरक्षित मूल्य के दोगुने के बराबर होना चाहिए जो 6,568 करोड़ रुपये बनता है. इससे इस बैंड की आरक्षित कीमत करीब 43 प्रतिशत कम होगी. सरकार ने 2016 की स्पेक्ट्रम नीलामी में 700 मेगाहर्ट्ज बैंड का आधार मूल्य 11,485 करोड़ रुपये प्रति मेगाहर्ट्ज निर्धारित किया था. उस समय 700 मेगाहर्ट्ज की यह आरक्षित दर 1800 मेगाहर्ट्ज की अरक्षित दर की तुलना में चार गुनी थी. इस दौरान, करीब 4 लाख करोड़ रुपये मूल्य का स्पेक्ट्रम नीलामी के लिए रखा गया था लेकिन कीमत ज्यादा होने के कारण किसी ने इसे नहीं लिया था.

नियामक ने उन दूरसंचार र्सिकलों में भी स्पेक्ट्रम की कीमत घटाने की सिफारिश की है, जिसमें 2016 में स्पेक्ट्रम नहीं बिके थे. इसके अलावा, ट्राई ने प्रस्तावित 5जी स्पेक्ट्रम के लिये 3300-3600 मेगाहर्ट्ज बैंड में सिफारिश जारी की. उसने 3300-3600 मेगाहर्ट्ज बैंड का आरक्षित मूल्य 1800 मेगाहर्ट्ज के आरक्षित मूल्य के 30 प्रतिशत के बराबर रखने की सिफारिश की है. इसके लिए आधार मूल्य 492 करोड़ रुपये प्रति मेगाहर्ट्ज रखने की सिफारिश की है. ट्राई ने 3300-3600 मेगाहर्ट्ज बैंड में स्पेक्ट्रम को 20 मेगाहर्ट्ज के ब्लॉक में नीलामी में रखा जाना चाहिए. इस बैंड में एकाधिकार को रोकने के लिये प्रति बोलीदाता 100 मेगाहर्ट्ज की सीमा तय करने को कहा गया है.

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