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ELSS फंड 3 माह में 36% तक हुए सस्ते, निवेश का सही मौका! 10 साल में 3.5 गुना बढ़ा चुके हैं पैसा

कोरोना संकट के चलते पिछले 3 महीने के दौरान ELSS म्यूचुअल फंड की कई स्कीम सस्ती हो गई हैं.

March 26, 2020 5:43 PM
Tax Savings, Top ELSS mutual fund scheme for investment, mutual fund, best mutual funds for investment, tax saver mutual fund, म्यूचुअल फंड, top mutual fund ideaकोरोना संकट के चलते पिछले 3 महीने के दौरान ELSS म्यूचुअल फंड की कई स्कीम सस्ती हो गई हैं.

Invest in ELSS Mutual Fund For Tax saving: कोरोना वायरस आउटब्रेक के चलते जहां दुनियाभर के शेयर बाजारों में गिरावट है, घरेलू शेयर बाजार भी इससे बुरी तरह से प्रभावित हुए हैं. सेंसेक्स और निफ्टी में इस साल 30 फीसदी तक गिरावट आ चुकी थी. इक्विटी ही नहीं बल्कि म्यूचुअल फंड बाजार में भी निवेशकों को खासा नुकसान उठाना पड़ा है. इक्विटी ओरिएंटेड फंडों में लगातार निगेटिव रिटर्न मिल रहा है. यहां तक कि सेफ माने जाने वाले म्यूचुअल फंड की ELSS कटेगिरी में भी अच्छी गिरावट आई है. पिछले 3 महीने की बात करें तो ELSS म्यूचुअल फंड में कई स्कीम हैं, जिन्होंने 30 से 36 फीसदी तक निगेटिव रिटर्न दिया है. एक्सपर्ट का कहना है कि यह उनके लिए बेहतर है जो टैक्स सेविंग के लिए कोई बेहतर विकल्प खोज रहे हैं. अब 30 जून तक टैक्स सेविंग के लिए निवेश कर सकते हैं, ऐसे में सस्ते मिल रहे ELSS फंडों की ओर ध्यान देना चाहिए.

एक्सपर्ट की राय

BPN फिनकैप कंसल्टेंट प्राइवेट लिमिटेड के सीईओ अमित निगम का कहना है कि भले ही अब बड़े करदाताओं के लिहाज से ELSS उतनीसबसे अच्छे विकल्पों में से एक है. दूसरी ओर जरूरी नहीं है कि इसे सिर्फ टैक्स सेविंग के लिए ही नहीं, बल्कि रेगुलर निवेश के लिए भी चुना जा सकता है. सबसे अच्छी बात है कि पिछली गिरावट में इनका वैल्यूएशन भी अच्छा हो गया है. आज भी अगर 3 से 5 साल की अवधि का रिटर्न देखें तो एफडी और दूसरी स्माल सेविंग्स स्कीम से बेहतर है. यहां तक कि कुछ स्कीम में बेहद उंचा रिटर्न मिला है.

उनका कहना है कि इस कटेगिरी में भी निवेशक एसआईपी का रास्ता अपना सकते हैं. सबसे अच्छी स्ट्रैटेजी यह रहेगी कि मौजूदा फाइनेंशियल के लिए जितना निवेश करना हो, उतना 3 महीनों में एसआईपी के जरिए करें. इन 3 महीनों में किए गए निवेश का फायदा इस पूरे फाइनेंशियल में टैक्स बचाने के रूप में मिलेगा. उनका कहना है कि यह ध्यान जरूर रखना चाहिए कि इस कटेगिरी में निवेश का लक्ष्य कम से कम 5 साल जरूर रखें. दूसरा यह जरूरी नहीं है कि लॉकइन पीरियड के बाद इसे भुना लें. अगर रिटर्न अच्छा मिल रहा तो इसे लंबे समय तक के लिए जयरी रख सकते हैं.

3 महीनों में इन फंड में सबसे ज्यादा निगेटिव रिटर्न

निप्पॉन इंडिया टैक्स सेवर फंड                  36%
एचडीएफसी टैक्स सेवर फंड                     35%
फ्रैंकलिन टैक्सशील्ड                                  35%
IDFC टैक्स एडवांटेज फंड                        34%
क्वांटम टैक्स सेविंग फंड                              33%
सुदंरम डाइवर्सिफाइड इक्विटी फंड            33%
ICICI प्रू LT इक्विटी (टैक्स सेविंग)             33%
ITI लांग टर्म इक्विटी फंड                           32%
L&T टैक्स एडवांटेज फंड                           31%
डीएसपी टैक्स सेवर फंड                             31%

लंबी अवधि के लिए इन फंडों पर रख सकते हैं नजर

Axis लांग टर्म इक्विटी फंड
10 साल की रिटर्न: 13 फीसदी सालाना
1 लाख निवेश की 10 साल में वैल्यू: 3.48 लाख
10 हजार मंथली एसआईपी की 10 साल में वेल्यू: 21.49 लाख

इन्वेस्को इंडिया टैक्स फंड
10 साल की रिटर्न: 10 फीसदी सालाना
1 लाख निवेश की 10 साल में वैल्यू: 2.54 लाख
10 हजार मंथली एसआईपी की 10 साल में वेल्यू: 17.87 लाख

टाटा इंडिया टैक्स सेविंग फंड
10 साल की रिटर्न: 9 फीसदी सालाना
1 लाख निवेश की 10 साल में वैल्यू: 2.35 लाख
10 हजार मंथली एसआईपी की 10 साल में वेल्यू: 17.14 लाख

केनरा रिबेको इक्विटी टैक्स सेवर फंड
10 साल की रिटर्न: 8.56 फीसदी सालाना
1 लाख निवेश की 10 साल में वैल्यू: 2.27 लाख
10 हजार मंथली एसआईपी की 10 साल में वेल्यू: 16.84 लाख

DSP टैक्स सेवर फंड
10 साल की रिटर्न: 8.55 फीसदी सालाना
1 लाख निवेश की 10 साल में वैल्यू: 2.27 लाख
10 हजार मंथली एसआईपी की 10 साल में वेल्यू: 16.85 लाख

अभी क्यों बेहतर विकल्प

जब मौजूदा समय में इक्विटी मार्केट में गिरावट चल रही है, बहुत से निवेशक डेट फंड का रुख कर सकते हैं. लेकिन लांग टर्म रिटर्न देखें तो ईएलएसएस का रिटर्न डेट से ज्यादा रहा है. दूसरा अभी बहुत से शेयर भी बहुत सस्ते हो गए हैं, जिनमें आगे बाजार स्थिर होने पर तेजी आएगी. इसका फायदा ईएलएसएस निवेशकों को मिलेगा. कोरोना का खतरा कम होते ही अच्छी कंपनियों के शेयरों में जोरदार तेजी आने की उम्मीद है.

इसका फायदा यह है कि इसमें निवेश करने पर सेक्शन 80सी के तहत टैक्स में छूट मिलती है. 80सी के तहत 1.5 लाख तक निवेश किया जा सकता है. ज्यादातर ईएलएसएस का लॉन-इन पीरियड केवल 3 साल का ही होता है, जिसके बाद आप इसे भुना सकते हैं. ELSS के निवेशक सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) को भी चुन सकते हैं.

(नोट: हमने यह जानकारी एक्सपर्ट से बातचीत और म्यूचुअल फंड स्कीम के प्रदर्शन के आधार पर दी है. बाजार के जोखिम को देखते हुए निवेश के पहले जानकारों की राय जरूर लें.)

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