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कॉरपोरेट टैक्स कटौती से ज्यादातर एशियाई अर्थव्यवस्थाओं की बराबरी में भारत, टॉप 1000 कंपनियों के बचेंगे 37000 करोड़

यह बात क्रिसिल रिसर्च ने एक बयान में ही है.

September 22, 2019 6:45 PM

Top 1,000 listed firms may see tax savings of Rs 37k cr on tax cut: Crisil

सरकार द्वारा कॉरपोरेट टैक्स में कटौती के फैसले से शीर्ष 1,000 सूचीबद्ध कंपनियों को 37,000 करोड़ रुपये की टैक्स बचत होगी. यह बात क्रिसिल रिसर्च ने एक बयान में ही है. बयान में कहा गया है कि टैक्स रेट में कटौती से भारत अब ज्यादातर एशियाई अर्थव्यवस्थाओं के समकक्ष आ गया है. एक बड़ा कदम उठाते हुए सरकार ने शुक्रवार को कॉरपोरेट टैक्स की प्रभावी दर को घटाकर 25.17 फीसदी कर दिया. इनमें घरेलू कंपनियों पर लगने वाले सभी उपकर और अधिभार भी शामिल हैं.

क्रिसिल रिसर्च ने बयान में कहा, ‘‘पिछले कुछ दिन में भारतीय अर्थव्यवस्था की सुस्ती को दूर करने के लिए कई उपायों की घोषणा की गई है. शुक्रवार को की गई घोषणा का सबसे व्यापक असर होगा. हमारे विश्लेषण के अनुसार कॉरपोरेट टैक्स में कटौती से टॉप 1,000 कंपनियों को 37,000 करोड़ रुपये की बचत होगी. यह सरकार के कुल बचत अनुमान का करीब 25 फीसदी बैठता है.’’

NSE के m-cap में इन कंपनियों की हिस्सेदारी 70%

क्रिसिल रिसर्च का विश्लेषण 80 से अधिक क्षेत्रों की 1,000 कंपनियों पर आधारित है. नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के बाजार पूंजीकरण में इन कंपनियों का हिस्सा 70 फीसदी बैठता है. विश्लेषण से पता चलता है कि पिछले पांच साल के दौरान प्रभावी टैक्स की दर बढ़ी है.

तेल एवं गैस और वित्तीय सेवा क्षेत्र की कंपनियां शामिल

इन 1000 कंपनियों में तेल एवं गैस और वित्तीय सेवा क्षेत्र की कंपनियां शामिल हैं. भारतीय कंपनियों द्वारा दिए जाने वाले टैक्स का करीब एक-तिहाई इन कंपनियों द्वारा चुकाया जाता है. यह आकलन वित्त वर्ष 2018-19 के टैक्स पूर्व लाभ पर आधारित है.

 

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