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  1. Yes Bank में इस एक शख्स के डूब गए 7000 करोड़, 10% शेयरों का है मालिक

Yes Bank में इस एक शख्स के डूब गए 7000 करोड़, 10% शेयरों का है मालिक

पिछले 11 महीनों में यस बैंक (Yes Bank) के शेयरों में आई गिरावट से निवेशकों की करीब 75 हजार करोड़ की दौलत साफ हो चुकी है.

July 18, 2019 7:44 PM
This banker's wealth erodes by 1 billion dollar in yes bankImage: Bloomberg

पिछले 11 महीनों में यस बैंक (Yes Bank) के शेयरों में आई गिरावट से निवेशकों की करीब 75 हजार करोड़ की दौलत साफ हो चुकी है. इनमें से एक शख्स ऐसा भी है, जिसके अकेले के इन महीनों में लगभग 100 करोड़ डॉलर यानी करीबन 6887.40 करोड़ रुपये डूब चुके हैं. यह शख्स हैं यस बैंक के फाउंडर व पूर्व CEO राणा कपूर.

यस बैंक की मुश्किलें खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं. बुधवार को खराब तिमाही नतीजे आने के बाद गुरुवार के कारोबार में यस बैंक में 15 फीसदी की बड़ी गिरावट आई. इसका शेयर टूटकर 83.70 के स्तर पर आ गया, जो 5 साल का नया लो है. वहीं रिकॉर्ड हाई से शेयर में करीब 80 फीसदी की गिरावट आ चुकी है. हालांकि शेयर बाजार बंद होने के बाद यस बैंक 12.85 फीसदी की गिरावट के साथ 85.80 पर सेटल हुआ.

20 अगस्त 2018 को कितनी थी दौलत

ब्लूमबर्ग बिलियेनियर इंडेक्स के मुताबिक, गुरुवार की इस गिरावट के बाद राणा कपूर की नेट वर्थ गिरकर 36.3 करोड डॉलर यानी लगभग 2500 करोड़ रुपये पर आ गई, जो 20 अगस्त 2018 को 140 करोड़ डॉलर थी. राणा कपूर के पास यस बैंक के 10 फीसदी शेयर हैं.

2004 में शुरू

राणा कपूर ने अशोक कपूर के साथ मिलकर यस बैंक को 2004 में शुरू किया था. उन्होंने 15 सालों के अंदर यस बैंक को भारत का चौथा सबसे बड़ा प्राइवेट सेक्टर बैंक बना दिया था. सितंबर में RBI ने राणा कपूर के कार्यकाल विस्तार पर रोक लगाते हुए बैंक को नया MD और CEO ढूंढने को कहा था. राणा कपूर का कार्यकाल 31 जनवरी को खत्म हो गया. अब यस बैंक के नए सीईओ रवनीत गिल हैं, जो इससे पहले दाइचे बैंक में थे.

मुनाफा 91% घटा, NPA हाई

वित्त वर्ष 2020 की पहली तिमाही में सालाना आधार पर यस बैंक का मुनाफा 91 फीसदी घटकर 114 करोड़ रुपये रह गया है. बैंक के नए एनपीए सामने आए हैं. वहीं फंसे कर्ज को देखते हुए प्रोविजनिंग भी 3 गुना बढ़ गई है. ग्रॉस एनपीए 5.01 फीसदी जो रुपये में 12092 करोड़ रुपये रहा है. नेट एनपीए 2.91 फीसदी, जो रुपये में 6883 करोड़ रुपये है.

जून तिमाही में फंसे हुए कर्ज को देखते हुए बैंक ने प्रोविजनिंग में करीब 3 गुना बढ़ोत्तरी की है. सालाना आधार पर प्रोविजनिंग 624 करोड़ से बढ़कर 1784 करोड़ रुपये हो गई है. NIM जून तिमाही में सालाना आधार पर 3.3 फीसदी से घटकर 2.8 फीसदी रहा है.

 

लिस्ट होने के बाद दिया था 33 गुना तक रिटर्न

यस बैंक ने 20 अगस्त के पहले पिछले कई साल से निवेशकों को लगातार बेहतर रिटर्न दिया था. शेयर बाजार में जुलाई 2005 में लिस्ट होने के बाद शेयर का भाव 12.37 रुपये से बढ़कर 20 अगस्त 2018 को 404 रुपये हो गया, यानी इस दौरान करीब 3100 फीसदी यानी 33 गुना रिटर्न दिया.

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