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युद्ध छिड़ने का सता रहा है डर! म्यूचुअल फंड में अपनाएं STP स्ट्रैटेजी; रिस्क होगा कम, मिलेगा तगड़ा रिटर्न

Mutual Fund STP: जब शेयर बाजार में गिरावट का हो डर तो म्यूचुअल फंड निवेशकों के लिए बेस्ट हो सकता है एसटीपी का तरीका.

January 9, 2020 3:16 PM
systematic investment plan, STP, mutual fund STP, When Geopolitical Tension Increase, Choose STP Strategy In Mutual Fund Investment, liquid fund, ultra short term fund, largecap fund, multicap fund, midcap fund, debt fund, equity fundजब शेयर बाजार में गिरावट का हो डर तो म्यूचुअल फंड निवेशकों के लिए बेस्ट हो सकता है एसटीपी का तरीका.

Choose STP Strategy In Mutual Fund Investment: इन दिनों मध्य एशिया में यूएस और ईरान टेंशन पर दुनियाभर के बाजारों की नजर है. पहले यूएस का हमला, फिर ईरान के पलटवार से मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ गया है. हालांकि बुधवार को ट्रम्प की ओर से शांति की बात की गई है, लेकिन आगे क्या होगा, इसे लेकर अनिश्चितता अभी बनी हुई है. फिलहाल अगर आगे फिर किसी भी ओर से एक्शन होता है तो इसका बुरा असर दुनियाभर के शेयर बाजारों पर होगा. ऐसे में म्यूचुअल फंड निवेशक भी अपने निवेश को लेकर डरे हुए हैं. एक्सपर्ट का कहना है कि ऐसे माहौल में डरने की बजाए सिस्टमैटिक ट्रांसफर प्लान यानी STP की स्ट्रैटेजी अपनना बेहतर तरीका है. इससे लंबी अवधि में जहां रिस्क कम होगा, वहीं अच्छे रिटर्न की उम्मीद बढ़ जाएगी.

क्या है म्यूचुअल फंड का सिस्टमैटिक ट्रांसफर प्लान

असल में STP के जरिए एक निश्चित अवधि में म्यूचुअल फंड निवेशक अपना पैसा धीरे धीरे निवेश कर सकता है. अगर बाजार में तउार चढ़ाव का डर बन जाता है तो इक्विटी फंड में एक मुश्म पैसा लगाने की बजाए सिस्टमैटिक ट्रांसफर प्लान बेहतर तरीका है. इसके तहत पहले निवेशक एक मुश्त रकम किसी खास स्कीम में लगाते हैं. इसके बाद एक तय समय अंतराल पर उस स्कीम से थोड़ा थोड़ा निवेश दूसरी स्कीम में ट्रांसफर करते रहते हैं. ज्यादातर मामलों में निवेशक एकमुश्त रकम का निवेशक लिक्विड या अल्ट्रा शॉर्ट फंड में करते हैं और इसे इक्विटी फंड में ट्रांसफर करते हैं.

6 माह के लिए STP बेहतर विकल्प

फाइनेंशियल एडवाइजर फर्म BPN फिनकैप के डायरेक्‍टर एके निगम का कहना है कि मौजूदा सिनेरियो में म्यूचुअल फंड निवेशकों को एक मुश्त रकम इक्विटी फंड्स में निवेश करने से बचना चाहिए. उनका कहना है कि मध्य एशिया के माहौल में अनिश्चितता है. आगे अगर माहौल और खराब होता है तो पहले से हाई वैल्युएशन पर चल रहे इक्विटी मार्केट में उतार चढ़ाव बढ़ सकता है. इसलिए निवेशकों को 6 माह के लिए STP करना चाहिए.

उनका कहना है कि अभी निवेशकों को 6 माह के लिए STP के तहत लिक्विड फंड या अल्ट्रा शॉर्ट टर्म फंड में एकमुश्त रकम निवेश करना चाहिए. निवेश ट्रांसफर करने के लिए टाइम गैप 1 हफ्ते का रखना चाहिए. इस लिहाज से 24 से 25 हफ्तों के दौरान धीरे धीरे अपना पूरा निवेश लॉर्जकैप फंड, मल्टीकैप फंड और लॉर्ज एंड मिडकैप फंड में ट्रांसफर कर देना चाहिए.

इसे ऐसे समझ सकते हैं कि अगर आपको 10 लाख रुपये निवेश करना है तो अभी पूरी रकम लिक्विड फंड और अल्ट्राशॉर्ट टर्म फंड में लगाएं. पूरी रकम को 24 बार में यानी हर हफ्ते करीब 42 हजार की रकम लॉर्जकैप, मल्टीकैप और लॉर्ज एंड मिडकैप सेग्मेंट में अच्छे फंड में ट्रांसफर करें.

क्या है इसका फायदा

एसटीपी में पैसा लिक्विड या अल्ट्रा शॉर्ट टर्म फंड में तब तक पड़ा रहता है, जब तक वह इक्विटी फंड में ट्रांसफर नहीं हो जाता. इस पैसे पर आपको रिटर्न मिलता है, जो आम तौर पर सेविंग्स बैंक अकाउंट के मुकाबले ज्यादा होता है.

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