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सेंसेक्स 505 अंक टूटकर बंद, निवेशकों के 1 लाख करोड़ डूबे; बाजार में गिरावट की 5 बड़ी वजह

रुपये में कमजोरी, कमजोर ग्लोबल संकेतों और ट्रेड वार बढ़ने की आशंका से घरेलू शेयर बाजार में बड़ी गिरावट दिख रही है. सेंसेक्स 263 अंक टूटकर 38000 के नीचे 37828 के स्तर पर आ गया.

September 17, 2018 5:56 PM
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रुपये में कमजोरी, कमजोर ग्लोबल संकेतों और ट्रेड वार बढ़ने की आशंका से घरेलू शेयर बाजार में बड़ी गिरावट रही है. सेंसेक्स 505 अंक टूटकर 37586 के स्तर पर बंद हुआ. वहीं, निफ्टी भी 144 अंक टूटकर 11371 के स्तर पर बंद हुआ. ऐसी रिपोर्ट आई है कि यूएस नए सिरे से चीन के इंपोर्ट पर टैरिफ की घोषणा कर सकता है. वहीं, आर्थिक समीक्षा बैठक के बाद होने वाले ऐलान से उम्मीदें पूरी न होने से रुपये में कमजोरी है. रुपया आज कमजोर होकर ट्रेड कर रहा है. कारोबार के दौरान निफ्टी पर तीनों बैंक इंडेक्स में बड़ी गिरावट दिख रही है. आईटी को छोड़कर सभी इंडेक्स कमजोर हुए हैं. एशियाई बाजारों में कमजोरी का रुख है. मार्केट की इस गिरावट में निवेशकों के 1 लाख करोड़ रुपये डूब गए.

शुक्रवार को हुई थी आर्थिक समीक्षा

रुपये में गिरावट, क्रूड और चालू खाता घाटे को लेकर पीएम मोदी ने शुक्रवार को आर्थिक समीक्षा बैठक की थी. जिसके बाद कुछ बड़े ऐलान भी किए गए थे. लेकिन जानकार मान रहे हैं कि इससे बाजार की उम्मीदें पूरी नहीं हुई हैं, कोई बड़ा पैकेज नहीं लाया गया है. जिसका असर करंसी और शेयर बाजार पर दिख रहा है. हो सकता है कि आगे घोषणाओं को लागू करने पर इसका बेहतर असर दिखे.

समीक्षा के बाद कहा गया था कि गैर-जरूरी इंपोर्ट को कम करने के लिए कदम उठाए जाएंगे. मसाला बॉन्ड जारी करने वाले बैंकों पर से प्रतिबंध हटाए जाएंगे. मैन्युफैक्चरिंग एंटिटीज को एक साल की मैच्योरिटी के लिए 5 करोड़ डॉलर तक की ईसीबी को एक्सेस करने की अनुमति दी जाएगी. एक्सटर्नल कमर्शियल बॉरोइंग्स के संदर्भ में इंफ्रा लोन के लिए अनिवार्य हेजिंग शर्तों का रिव्यू किया जाएगा.

इन 5 वजहों से गिरा बाजार

1. US-चीन ट्रेड वॉर

अमेरिकी प्रेसिडेंट डोनॉल्ड ट्रम्प की तरफ से चीनी उत्पादों पर अतिरिक्त 267 अरब डॉलर का टैरिफ लगाने की संभावनाओं पर विचार करने की खबरों से देश की दो बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में तनाव बढ़ता जा रहा है. अमेरिकी में जॉब डाटा बेहतर होने और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की तरफ से ब्याज दरों में बढ़ोतरी का रास्ता अपनाने की खबरों के बाद ट्रम्प की तरफ यह बयान आया है. ट्रेड वार गहराने की आशंका का असर एशियाई बाजारों पर पड़ रहा है.

2. कमजोर रुपया

रुपये में लगातार आ रही गिरावट से मार्केट सेंटीमेंट बिगड़ गया है. सोमवार के कारोबार के दौरान डॉलर के मुकाबले रुपया 85 पैसे तक टूटकर 72.69 के स्तर तक लुढ़क गया. मोदी के आर्थिक समीक्षा बैठक में कुछ बड़े ऐलान किए गए, लेकिन यह बाजार की उम्मीदों से कम रहा, जिससे रुपये में गिरावट दिखी.

3. क्रूड में तेजी

क्रूड यानी कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के चलते रुपया और बांड दोनों पर दबाव बढ़ रहा है. भारत अपनी जरूरत का 80 फीसदी से ज्यादा क्रूड आयात करता है. ऐसे में क्रूड महंगा होने से न केवल आयातकों की तरफ से डॉलर की डिमांड बढ़ रही है बल्कि महंगाई भड़कने का भी खतरा बढ़ गया है. सोमवार को इंटरनेशनल मार्केट में क्रूड के दाम 78.64 डॉलर प्रति बैरल के पार चले गए.

4. आर्थिक आंकड़े

आरबीआई की रिपोर्ट के अनुसार, व्यापार घाटा बढ़ने से देश का चालू खाता घाटा (CAD) वैल्यू टर्म में अप्रैल-जून तिमाही के दौरान बढ़कर 15.8 अरब डॉलर हो गया. पिछले साल इसी​ तिमाही में यह आंकड़ा 15 अरब डॉलर था. इसके अलावा, सरकार की कुल देनदारी बढ़ने की रिपोर्ट से भी मार्केट का सेंटीमेंट कमजोर हुआ. जून तिमाही में सरकार की कुल लायबिलिटी बढ़कर 79.8 लाख करोड़ हो गई, जो मार्च 2018 तक 77.98 लाख करोड़ थी. जून 2018 तक कुल लॉयबिलिटी में सरकारी कर्ज की हिस्सेदारी 89.3 फीसदी हो गई.

5. बॉन्ड यील्ड में तेजी

10 साल की बॉन्ड यील्ड करीब 8.11 फीसदी हो गई, जोकि नवंबर 2014 के बाद सबसे ज्यादा है. जब भी मैक्रोइकोनॉमिक इंडिकेटर्स कमजोर पड़ते हैं, बॉन्ड यील्ड बढ़ जाती है. तब निवेशक अपने जोखिम से बचने के लिए बॉन्ड से अधिक रिटर्न चाहते हैं.

किन शेयरों में तेजी, किनमें गिरावट

कारोबार के दौरान विप्रो, एचसीएल टेक, आयशर मोटर्स, टेक महिंद्रा, डॉ रेड्डी, बलरामपुर चीनी मिल्स, एचएससीएल, इनॉक्स वाइंड, केन फिन होम्स और जेएसएल हिसार के शेयरों में तेजी रही है. वहीं, इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस, टाइटन, अल्ट्राटेक सीमेंट, एशियन पेट्स, एसबीआई, क्वालिटी, केईआई, जेपी एसोसिएट्स और मण्णापुरम फाइनेंस में गिरावट रही है.

बैंक शेयरों में तेज गिरावट

निफ्टी पर आईटी को छोड्कर सभी इंडेक्स दबाव में दिखे. सबसे ज्यादा गिरावट बैंक के तीनों इंडेक्स में रही है. निफ्टी बैंक में 330 अंकों से ज्यादा गिरावट रही है. पीएसयू बैंक इंडेक्स 1.7 फीसदी और प्राइवेट बैंक इंडेक्स में 1.1 फीसदी की गिरावट रही है. फार्मा, मेटल और आॅटो में भी गिरावट रही है. बीएसई मिडकैप में करीब 124 अंकों की गिरावट रही है. बीएसई स्मालकैप में 8 अंकों की गिरावट रही है.

रुपये में 67 पैसे गिरावट

सोमवार को डॉलर के मुकाबले रुपये में बड़ी गिरावट देखने को मिल रही है. रुपया 67 पैसे कमजोर होकर 71.52 प्रति डॉलर के भाव पर खुला. शुक्रवार को रुपया 71.85 प्रति डॉलर के भाव पर बंद हुआ था. माना जा रहा है कि मोदी के आर्थिक समीक्षा से करंसी मार्केट की उम्मीदें पूरी नहीं हुईं, जिससे आज गिरावट देखने को मिल रही है. हालांकि एक्सपर्ट का कहना है कि सरकार ने जो ऐलान किए हैं, उनका असर रुपये में रिकवरी के रूप में आगे देखने को मिल सकता है. बता दें कि आर्थिक समीक्षा की खबर के बाद बुधवार के कारोबार में रुपया रिकॉर्ड लो 72.91 से 100 पैसे तक मजबूत होकर 71.91 प्रति डॉलर पर आ गया था.

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