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रुपये और ट्रेड वार ने मार्केट तोड़ा, सेंसेक्स 509 अंक टूटा, 2 दिन में निवेशकों के 4.43 लाख करोड़ डूबे

रुपये में रिकवरी और ग्लोबल मार्केट में मिले-जुले संकेतों के बीच मंगलवार को घरेलू शेयर बाजार बढ़त के साथ खुला, लेकिन कुछ देर में ही बढ़त गंवा दी. सेंसेक्स 51 अंक टूटकर 37870 के स्तर पर आ गया.

September 11, 2018 5:24 PM
stock market, BSE, NSE, sensex, nifty, pharma, bank, IT, metal, auto, FMCG, rupee, dollar, crude, demand, trade war, bond yieldरुपये में रिकवरी और ग्लोबल मार्केट में मिले-जुले संकेतों के बीच मंगलवार को घरेलू शेयर बाजार बढ़त के साथ खुला, लेकिन कुछ देर में ही बढ़त गंवा दी. सेंसेक्स 51 अंक टूटकर 37870 के स्तर पर आ गया. (Reuters)

रुपये में कमजोरी, ट्रेड वार बढ़ने की आशंका और ग्लोबल मार्केट में मिले-जुले संकेतों के बीच मंगलवार को घरेलू शेयर बाजार में चौतरफा बिकवाली हावी रही. नतीजा बाजार बड़ी गिरावट के साथ बंद हुआ. सेंसेक्स 509 अंक टूटकर 37413 के स्तर पर बंद हुआ. वहीं, निफ्टी भी 155 अंक टूटकर 11283 के स्तर पर बंद हुआ. निफ्टी पर सभी 11 इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए. सबसे ज्यादा गिरावट एफएमसीजी सेक्टर में रही है. आईटीसी का शेयर 3.26 फीसदी तक टूटा है. कारोबार में रुपया फिर 72.60 के स्तर से नीचे आ गया है.

निवेशकों के 2.11 लाख करोड़ डूबे

सोमवार को बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों का कुल माके्रट कैप 15542389 करोड़ रुपए था. जबकि मंगलवार को 509 अंकों की गिरावट के बाद यह घटकर 15331728 करोड़ रुपये रह गया. यानी एक दिन में निवेशकों के करीब 2.11 लाख करोड़ रुपये डूब गए. पिछले 2 दिन की बात करें तो बीएसई का कुल मार्केट कैप 4.43 लाख करोड़ रुपये घट गया है.

इन 5 वजहों से गिरा बाजार

1. कमजोर रुपया

रुपये में लगातार आ रही गिरावट से मार्केट सेंटीमेंट बिगड़ गया है. मंगलवार के कारोबार के दौरान डॉलर के मुकाबले रुपया 72.65 के स्तर तक लुढ़क गया. रुपये में करीब 20 पैसे तक की तेज गिरावट दर्ज की गई.

2. US-चीन ट्रेड वॉर

अमेरिकी प्रेसिडेंट डोनॉल्ड ट्रम्प की तरफ से चीनी उत्पादों पर अतिरिक्त 267 अरब डॉलर का टैरिफ लगाने की संभावनाओं पर विचार करने की खबरों से देश की दो बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में तनाव बढ़ता जा रहा है. अमेरिकी में जॉब डाटा बेहतर होने और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की तरफ से ब्याज दरों में बढ़ोतरी का रास्ता अपनाने की खबरों के बाद ट्रम्प की तरफ यह बयान आया है. ट्रेड वार गहराने की आशंका का असर एशियाई बाजारों पर पड़ रहा है.

3. क्रूड में तेजी

क्रूड यानी कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के चलते रुपया और बांड दोनों पर दबाव बढ़ रहा है. भारत अपनी जरूरत का 80 फीसदी से ज्यादा क्रूड आयात करता है. ऐसे में क्रूड महंगा होने से न केवल आयातकों की तरफ से डॉलर की डिमांड बढ़ रही है बल्कि महंगाई भड़कने का भी खतरा बढ़ गया है. मंगलवार को इंटरनेशनल मार्केट में क्रूड के दाम 78 डॉलर प्रति बैरल के पार चले गए.

4. आर्थिक आंकड़े

आरबीआई की रिपोर्ट के अनुसार, व्यापार घाटा बढ़ने से देश का चालू खाता घाटा (CAD) वैल्यू टर्म में अप्रैल-जून तिमाही के दौरान बढ़कर 15.8 अरब डॉलर हो गया. पिछले साल इसी​ तिमाही में यह आंकड़ा 15 अरब डॉलर था. इसके अलावा, सरकार की कुल देनदारी बढ़ने की रिपोर्ट से भी मार्केट का सेंटीमेंट कमजोर हुआ. जून तिमाही में सरकार की कुल लायबिलिटी बढ़कर 79.8 लाख करोड़ हो गई, जो मार्च 2018 तक 77.98 लाख करोड़ थी. जून 2018 तक कुल लॉयबिलिटी में सरकारी कर्ज की हिस्सेदारी 89.3 फीसदी हो गई.

5. बॉन्ड यील्ड में तेजी

10 साल की बॉन्ड यील्ड करीब 8.11 फीसदी हो गई, जोकि नवंबर 2014 के बाद सबसे ज्यादा है. जब भी मैक्रोइकोनॉमिक इंडिकेटर्स कमजोर पड़ते हैं, बॉन्ड यील्ड बढ़ जाती है. तब निवेशक अपने जोखिम से बचने के लिए बॉन्ड से अधिक रिटर्न चाहते हैं.

किन शेयरों में तेजी, किनमें गिरावट

कारोबार के दौरान यूपीएल, कोल इंडिया, ग्रैसिम, इंफोसिस, एचयूएल, एमएमटीसी, श्रीइंफ्रा, हिंदुस्तान कॉपर और अल्केम में तेजी रही है. वहीं, आईटीसी, टाटा मोटर्स, वेदांता, बजाज फाइनेंस, भारती एयरटेल, सिप्ला, जेपी एसोसिएट, फिनोलेक्स इंडिया, ग्लैक्सो, बलरामपुर चीनपी मिल और मुथ्थूट फाइनेंस में गिरावट रही है.

FMCG में तेज गिरावट

निफ्टी पर 11 में से 11 इंडेक्स लाल निशान में हैं. सबसे ज्यादा गिरावट एफएमसीजी सेक्टर में रही है. मेटल, आॅटो, फार्मा, आईटी, रियल्टी और बैंक इंडेक्स में भी बड़ी गिरावट रही है. बीएसई पर मिडकैप इंडेक्स में 208 अंकों की गिरावट रही है तो स्मालकैप में 188 अंकों की कमजोरी रही है.

रुपया 72.71 के भाव पर 

मंगलवार को रुपया 72.71 प्रति डॉलर के स्तर तक आ गया. रुपये की शुरूआत 15 पैसे मजबूती के साथ 72.30 प्रति डॉलर के स्तर पर हुई थी. सोमवार को रुपया 72.45 प्रति डॉलर के भाव पर बंद हुआ था. सोमवार को कारोबार के दौरान रुपये ने 72.68 प्रति डॉलर का सबसे निचला स्तर भी टच किया था. क्रूड के भाव बढ़ने, ग्लोबल टेंशन, ट्रेड वार के बीच डॉलर की डिमांड बढ़ने से रुपये पर दबाव है. जानकार मान रहे हैं कि रुपये में अभी गिरावट बढ़ेेगी और यह 74 के भाव तक टूट सकता है.

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