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सोयाबीन के लिए बारिश बनी मुसीबत, फसल खराब होने से भाव 4100 रु के पार; कहां तक होगा महंगा

सोया का NCDEX पर इस समय 4100 के करीब भाव चल रहा है. सोया के भाव में और अधिक उछाल की आशंका दिख रही है.

October 16, 2020 8:11 AM
soya price up mustard playing catalyst role may down after januaryसरसों ने भी सोया के भाव बढ़ाए हैं.

सोया का NCDEX पर इस समय 4100 के करीब भाव चल रहा है. सोया के भाव में और अधिक उछाल की आशंका दिख रही है. महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश मैं सोया की फसल को बारिश के कारण बहुत नुकसान हुआ जिसके कारण सोयाबीन के भाव में बढ़ोतरी हो रही है. मध्य प्रदेश में अगस्त में बारिश की कमी से और महाराष्ट्र में बारिश के कारण सोयाबीन की फसल 20 से 30 फीसदी का नुकसान हुआ है. सोया अभी 4100 के आसपास चल रहा है और 2 महीने के भीतर इसके 4400 के पार जाने की उम्मीद है.

मानसून ने बढ़ाए सोया के भाव

देश में सबसे अधिक सोया महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश में होता है और दोनों ही राज्यों में मौसम के कारण सोया की 20 से 30 फीसदी फसल बर्बाद हुई जिसमें मध्यप्रदेश में बारिश की कमी और महाराष्ट्र में अत्यधिक बारिश की वजह से फसल बर्बाद हुई. इसके अलावा बारिश की वजह से सोया में ऑयल कंटेंट कम हुआ है जिसके कारण सोया की मांग बढ़ी है.

सरसों ने भी बढ़ाए सोया के भाव

सोया के भाव में बढ़ोतरी की एक वजह सरसों के भाव में बढ़ोतरी के कारण इसके तेल के रेट भाव बढ़ रहे हैं और सरसों तेल में ब्लेंडिंग को भी मना कर दिया गया है जिसकी वजह से सरसों के भाव और तेजी से बढ़ रहे हैं. सरसों के बढ़ने के साथ-साथ अन्य तिलहनों के भी दाम बढ़ रहे हैं क्योंकि उनकी मांग बढ़ रही है इसलिए सोया के भी भाव बढ़ रहे हैं.

उत्पादन में अधिक बढ़ोतरी नहीं

सोयाबीन प्रोसेसर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सोपा) के आंकड़ों के मुताबिक, चालू फसल वर्ष में अक्टूबर-फरवरी में सोयाबीन की आवक 10.4 करोड़ टन के उत्पादन का अनुमान है, जबकि पिछले वर्ष 9.3 करोड़ टन सोया उत्पादित हुआ था. सोया के उत्पादन में आंशिक बढ़ोतरी मामूली है और इसकी फसल दो मुख्य राज्यों में बर्बाद होने के कारण सोया के भाव बढ़ रहे हैं.

आयात से भी भाव में कमी की उम्मीद नहीं.

एंजेल ब्रोकिंग के डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट, रिसर्च (कमोडिटीज एंड करंसीज) अनुज गुप्ता के मुताबिक अगर सोया के भाव पर नियंत्रण के लिए इसका आयात किया जाता है तो भी इसके भाव में नरमी की उम्मीद नहीं की जा सकती क्योंकि अमेरिका में दो-तीन तूफानों के कारण वहां सोया और काटन की फसल बर्बाद हुई है. इसकी वजह से वैश्विक स्तर पर भी सोया की आपूर्ति के बेहतर होने की संभावना है. बता दें कि अमेरिका दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सोया उत्पादक है. इस समय सबसे अधिक सोया ब्राजील में उत्पादित होता है लेकिन एक साल पहले तक सबसे अधिक सोया अमेरिका में होता था. अनुज गुप्ता के मुताबिक अगली फसल जनवरी तक आएगी और तब इस के भाव में गिरावट देखने को मिलेगा. इसके भाव 3400-3500 तक तक जा सकते हैं.

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