Snapdeal IPO: Snapdeal का भी आ सकता है IPO, अगले कुछ हफ्तों में दाखिल किया जा सकता है ड्राफ्ट पेपर

Snapdeal 25 करोड़ डॉलर, यानी करीब 1,870 करोड़ रुपये का आईपीओ लाने पर विचार कर रहा है.

Snapdeal to file DRHP in coming weeks, looks at Rs 1,870 crore IPO in H1 2022: Report
ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म स्नैपडील आईपीओ लाने की तैयारी में है.

Snapdeal IPO: ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म स्नैपडील आईपीओ लाने की तैयारी में है. सूत्रों के मुताबिक, कंपनी अगले कुछ हफ्तों में सेबी (SEBI) के पास अपना ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) दाखिल कर सकती है. कंपनी अगले साल की पहली छमाही में अपना आईपीओ लॉन्च करना चाहती है. कंपनी 25 करोड़ डॉलर, यानी करीब 1,870 करोड़ रुपये का आईपीओ लाने पर विचार कर रही है, जिससे कंपनी की वैल्यू करीब 1.5-1.7 अरब डॉलर हो सकती है. स्नैपडील दिसंबर-जनवरी में DRHP दाखिल कर सकता है और अप्रुवल के बाद 2022 की पहली छमाही में आईपीओ लॉन्च करेगा.

Upcoming IPO: IPO निवेशकों के लिए दिसंबर भी हो सकता है शानदार, 10 कंपनियां 10 हजार करोड़ जुटाने के लिए तैयार

सूत्रों के मुताबिक कंपनी के फाउंडर्स आईपीओ के हिस्से के रूप में अपना शेयर नहीं बेचेंगे. इसके अलावा, प्रमुख शेयरधारक भी अपना शेयर नहीं बेचने का फैसला कर सकते हैं. हालांकि, स्नैपडील ने इस बारे में कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया. स्नैपडील के निवेशकों में SoftBank, BlackRock Inc, Temasek Holdings Pte और EBay Inc जैसे नाम शामिल हैं. बता दें कि 2021 में कई टेक्नोलॉजी से संबंधित स्टार्टअप कंपनियां इंडियन स्टॉक एक्सचेंजों में लिस्ट हुए हैं.

कई आईपीओ ने निवेशकों को किया मालामाल

फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म जोमैटो और ब्यूटी व पर्सनल केयर रिटेलर एफएसएन ई-कॉमर्स वेंचर्स लिमिटेड (नायका) जैसी ऑनलाइन कॉमर्स फर्मों के आईपीओ को निवेशकों की शानदार प्रतिक्रिया मिली है. हालांकि, देश के सबसे बड़े आईपीओ पेटीएम की लिस्टिंग कमजोर रही. पेटीएम 2,150 रुपये प्रति शेयर के ऑफर प्राइस से नीचे कारोबार कर रहा है.

Manufacturing Sector : नवंबर में और मजबूत हुआ मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर, 10 महीने के टॉप लेवल पर पहुंची ग्रोथ

कंपनी के बारे में

  • स्नैपडील एक प्रमुख ई-कॉमर्स कंपनी है. यह खास तौर पर वैल्यू सेगमेंट पर फोकस करती है, जिसमें 90 प्रतिशत से ज्यादा प्रोडक्ट 1,000 रुपये से कम कीमत पर बेचे जाते हैं. इसके 80 फीसदी से ज्यादा यूजर मेट्रो शहरों से बाहर रहते हैं.
  • स्नैपडील एक समय में भारतीय ई-कॉमर्स स्पेस में लीडिंग कंपनी रही है, हालांकि इसे अमेज़ॅन और फ्लिपकार्ट से कड़ी टक्कर मिली, जिसके चलते यह पीछे हो गई.
  • 2017 में, स्नैपडील, फ्लिपकार्ट के साथ एक पोटेंशियल मर्जर डील से बाहर आ गया. इसके बाद उसने “स्नैपडील 2.0” के साथ “वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर” बनने की रणनीति अपनाई.
  • कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू वित्त वर्ष 2020 में मामूली रूप से बढ़कर 846.4 करोड़ रुपये हो गया, जो वित्त वर्ष 2019 में 839.4 करोड़ रुपये था.
  • स्नैपडील वीडियो, वर्नाकुलर और अन्य स्ट्रेटजिक प्रोजेक्ट्स में भी निवेश कर रहा है, जिसका मकसद नए यूजर्स के बीच ऑनलाइन बाजार को बढ़ाना है. कंपनी खास तौर पर टियर II शहरों और उसके बाहर रहने वाले लोगों को टारगेट कर रही है.

Get Business News in Hindi, latest India News in Hindi, and other breaking news on share market, investment scheme and much more on Financial Express Hindi. Like us on Facebook, Follow us on Twitter for latest financial news and share market updates.

Financial Express Telegram Financial Express is now on Telegram. Click here to join our channel and stay updated with the latest Biz news and updates.

TRENDING NOW

Business News