छोटे कारोबारियों को आसानी से मिलेगा कर्ज, SIDBI के स्पेशल रेटिंग सिस्टम में जानिए ऐसा क्या है खास

Credit and Finance for MSME: छोटे कारोबारियों के लिए कर्ज हासिल करना जल्द ही और आसान होने वाला है.

SIDBI to launch a CIBIL-like score for MSMEs
एमएसएमई सेक्टर के लिए प्रमुख वित्तीय संस्थान स्माल इंडस्ट्रीज डेवलपमेंट बैंक ऑफ इंडिया (SIDBI) एमएसएमईज के लिए एक नया क्रेडिट रिस्क रैंकिंग लॉन्च करेगा.

Credit and Finance for MSME: छोटे कारोबारियों के लिए कर्ज हासिल करना जल्द ही और आसान होने वाला है. एमएसएमई सेक्टर के लिए प्रमुख वित्तीय संस्थान स्माल इंडस्ट्रीज डेवलपमेंट बैंक ऑफ इंडिया (SIDBI) एमएसएमईज के लिए एक नया क्रेडिट रिस्क रैंकिंग लॉन्च करेगा. इससे छोटे कारोबारियों को कर्ज देने के लिए बैंक तेजी से फैसले ले सकेंगे. इसे क्रेडिट इंफॉर्मेशन कंपनी ट्रांसयूनियन सिबिल और MSMEs के लिए डिजिटल लेंडिंग प्लेटफॉर्म ऑनलाइन पीएसबी लोन्स (OPL) ने मिलकर तैयार किया है. यह एमएसएमईज से जुड़े क्रेडिट रिस्क के लिए फिट स्कोर देगा. अभी इसका सिडबी के 400 ग्राहकों के साथ परीक्षण किया जा रहा है और बैंक की योजना इसे 600 और ग्राहकों तक पहुंचाने की है.

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ऐसे तैयार होगा Fit Score

सिडबी के एक अधिकारी ने इसके बारे में जानकारी दी कि नई रेटिंग को जीएसटी डेटा, आईटीआर रिटर्न और चालू बैंक खाते के आधार पर तैयार किया जाएगा. ऑफिशियल ने बताया कि इन डिटेल्स का मिलान कंपनी के रीपेमेंट डेटा से किया जाएगा और फिट स्कोर के कई बकेट तैयार किए जाएंगे. उदाहरण के लिए जिन कंपनियों का जीएसटी रिकॉर्ड अस्थिर है और आय में उतार-चढ़ाव के चलते लोन पर डिफॉल्ट होने की आशंका है, उनका फिट स्कोर खराब होगा. यह एमएसएमईज के लिए एक स्टैंडर्ड रैंक की तरह काम करेगा और इससे बैंकों को इनके लोन आवेदन पर प्रोसेस करने में तेजी आएगी.

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मौजूदा रेटिंग सिस्टम में करनी पड़ती है बैंकों की मेहनत

एमएसएमई एसोसिएशन चैंबर ऑफ इंडियन माइक्रो, स्माल एंड मीडियम एंटरप्राइडेड (CIMSME) के प्रेसिडेंट मोहन गुप्ता के मुताबिक नई रैंकिंग की सफलता इस पर निर्भर करेगी कि बैंक इसे कैसे लेते हैं. इसके अलावा एक एमएसएमई रेटिंग्स अभी की है लेकिन इसमें बैंकों को लोन एप्लीकेशन पर फैसला लेने के लिए अपने इंटरनल रेटिंग मेथडोलॉजी या बैंक लोन रेटिंग्स (BASEL) पर निर्भर होना होता है. सिबिल का छोटे कारोबारियों के लिए भी एक क्रेडिट स्कोर सिबिल एमएसएमई रैंक (CMR) है जिसकी वैल्यू एक से 10 के बीच होती है. सीएमआर-1 से सीएमआर-3 की रेटिंग को कम रिस्क वाला माना जाता है जबकि सीएमआर-7 से सीएमआर-10 तक अधिक रिस्क वाला. पूर्व एमएसएमई मंत्री नितिन गडकरी ने पहले एमएसएमईज के लिए रेटिंग सिस्टम तैयार करने का ऐलान किया था लेकिन पिछले साल जुलाई 2021 में मौजूदा एमएसएमई मंत्री नारायण राणे ने संसद को जानकारी दिया था कि सरकार की अभी ऐसी कोई योजना नहीं है.
(Article: Sonal Khetarpal)

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