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26% करेक्शन के बाद भी मिडकैप सेगमेंट महंगा, सिर्फ गिरावट देखकर निवेश से बचने की सलाह

एक्सपर्ट का मानना है कि मिडकैप इंडेक्स की बात करें तो यह करेक्शन के बाद भी ओवरवैल्यूड दिख रहा है. ऐसे में अगले 2 से 3 महीनों तक अभी इंडेक्स पर दबाव रहेगा.

October 9, 2018 7:52 AM
stock market, midcap stocks, BSE, NSE, sensex, nifty, invest, return, शेयर बाजार, मिडकैप शेयर, PE ratio, overvaluedएक्सपर्ट का मानना है कि मिडकैप इंडेक्स की बात करें तो यह करेक्शन के बाद भी ओवरवैल्यूड दिख रहा है. ऐसे में अगले 2 से 3 महीनों तक अभी इंडेक्स पर दबाव रहेगा.

शेयर मार्केट में आई गिरावट में पिछले 5 साल से आउटपरफॉर्म करने वाले मिडकैप सेग्मेंट में सबसे ज्यादा गिरावट देखी गई है. जहां स्मालकैप इंडेक्स अपने आॅलटाइम हाई से 14 फीसदी कमजोर हुआ है, मिडकैप इंडेक्स अपने आॅलटाइम हाई से करीब 26 फीसदी कमजोर हो चुका है. एक्सपर्ट का मानना है कि मिडकैप इंडेक्स की बात करें तो यह करेक्शन के बाद भी ओवरवैल्यूड दिख रहा है. ऐसे में अगले 2 से 3 महीनों तक अभी इंडेक्स पर दबाव रहेगा. निवेशक अगर लंबी अवधि के लिए इंतजार कर पाएं तो मजबूत फंडामेंटल वाले शेयर चुनें, सिर्फ गिरावट देखकर खरीददारी न करें.

मिडकैप इंडेक्स अभी भी ओवरवैल्यूड

इक्विटी 99 के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट राहुल शर्मा का कहना है कि मिडकैप स्टॉक्स में 2013 से स्ट्रॉन्ग प्राइमरी अपट्रेंड मोमेंटम के साथ रैली रही है. पिछले 5 साल कें मिडकैप इंडेक्स ने 250 फीसदी रिटर्न दिया है. इस दौरान निफ्टी मिडकैप इंडेक्स का PE रेश्यो 17—18 से बढ़कर जनवरी 2018 में 53 के पीक लेवल पर पहुंच गया. हालांकि जनवरी 2018 के बाद से मिडकैप इंडेक्स 26 फीसदी करेक्ट हुआ है लेकिन PE अभी भी 44 पर बना हुआ है जो सेग्मेंट के लिए ओवरहीटेड है. हिस्टोरिक कंफर्ट लेवल 35 से 40 के बीच में है. ऐसे में अभी भी सेग्मेंट में करेक्शन के चांस हैं.

सिर्फ गिरावट देखकर निवेश न करें

इंडिपेंडेंट मार्केट एक्सपर्ट अंबरीश बालिगा का कहना है कि मिडकैप अभी थोड़ा रिस्की दिख रहा है. सिर्फ इसलिए मिडकैप शेयरों का चुनाव नहीं करना चाहिए कि गिरावट के बाद सस्ते हो गए हैं. अभी कई मिडकैप और स्मालकैप में कोई न कोई कंसर्न बना हुआ है. मसलन नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल सेक्टर में शेयर खासे करेकट हुए हैं. लेकिन इनमें अभी कंसर्न दिख रहा है. इसलिए निवेशकों को सेलेक्टेड शेयरों में ही निवेश करने की सलाह है, जिनके फंडामेंटल मजबूत दिख रहे हैं. मसलन प्राज इंडस्ट्रीज और इंडोकाउंट इंडस्ट्रीज में निवेश किया जा सकता है. दोनों शेयरों में 20 फीसदी तक अपसाइड मूवमेंट देखने को मिल सकता है.

मार्केट स्थिर होने तक इंतजार करें

ट्रेड स्विफ्ट के रिसर्च हेड संदीप जैन का कहना है कि अगर मौजूदा समय की बात करें तो लंबी अवधि के नजरिए से निवेश करने की सोच रहे हैं, तभी मिडकैप सेग्मेंट में नए निवेश के लिए आएं. अभी घरेलू और बाहरी स्तर पर कई कारण हैं जो मार्केट में दबाव बनाए रखेंगे. वहीं, आगे स्टेट इलेक्शन भी है. आगे मैक्रो एन्वायरमेंट सुधरने और बाजार स्थिर होने पर पहले लॉर्जकैप में सुधार दिखेगा, दूसरे फेज में मिडकैप और स्मालकैप में रिकवरी आएगी. ऐसे में तबतक निवेशकों को इंतजार करना चाहिए. पुराने निवेशकों को होल्ड करना चाहिए. फ्रेश निवेश करना है तो मारूति सुजुकी जैसे लॉर्जकैप का चुनाव कर सकते हैं, जिसका वैल्युएशन बेहतर हो गया है.

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