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कोरोना के सर्विस सेक्टर पर हुए असर का अभी तक आकलन नहीं, डिमांड घटने से मार्च में PMI 50 अंक से नीचे

मार्च में पीएमआई सर्विस सूचकांक 49.3 अंक पर रहा, जो फरवरी में 85 महीनों के उच्च स्तर पर पहुंचकर 57.5 अंक था.

April 6, 2020 3:20 PM
setback for Indian economy! COVID-19 pandemic pulls India's service sector activity into contraction modeकोरोना वायरस संकट के चलते मांग में आई कमी की वजह से सेवा क्षेत्र में यह गिरावट देखी गई.

COVID-19 pandemic Impact on March 2020 Service PMI: देश के सर्विस सेक्टर की गतिविधियों में मार्च में गिरावट देखी गई. एक मासिक सर्वेक्षण के मुताबिक कोरोना वायरस संकट के चलते मांग में आई कमी की वजह से सेवा क्षेत्र में यह गिरावट देखी गई. कंपनियों के पर्चेजिंग मैनेजर्स के बीच किए जाने वाले मासिक सर्वेक्षण ‘आईएचएस मार्किट इंडिया सर्विसेस बिजनेस एक्टिविटी इंडेक्स’ (सर्विस पीएमआई) की सोमवार को जारी मार्च की रिपोर्ट में यह आंकड़े सामने आए.

मार्च में पीएमआई सर्विस सूचकांक 49.3 अंक पर रहा, जो फरवरी में 85 महीनों के उच्च स्तर पर पहुंचकर 57.5 अंक था. पीएमआई सूचकांक का 50 अंक से नीचे रहना गतिविधियों में संकुचन जबकि 50 अंक से ऊपर रहना बढ़त के रुख को दिखाता है. सर्वेक्षण के लिए आंकड़े 12 से 27 मार्च के बीच जुटाए गए.

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सर्विस सेक्टर पर असर का अब तब आकलन नहीं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में कोरोना वायरस के सामुदायिक फैलाव को रोकने के लिए 14 अप्रैल तक 21 दिन का लॉकडाउन (सार्वजनिक पाबंदी) की घोषणा की थी. इस वजह से सेवा क्षेत्र की मांग में व्यापक कमी देखी गई है. आईएचएस मार्किट के अर्थशास्त्री जो हाएस ने कहा, ‘‘कोरोना वायरस महामारी के भारतीय सेवा क्षेत्र पर असर का अब तब पूरी तरह आकलन नहीं किया जा सका है. निश्चित तौर पर अभी और बुरी स्थिति होनी बाकी है. लॉकडाउन की वजह से देशभर में दुकानें बंद हैं. इससे सेवा क्षेत्र पर भारी दबाव है.’’

निर्यात भी कोरोना वायरस की वजह से प्रभावित

सर्वेक्षण के मुताबिक घरेलू मांग में कमी के साथ-साथ सेवाओं का निर्यात भी कोरोना वायरस की वजह से प्रभावित हुआ है. सितंबर 2019 के बाद सेवा क्षेत्र की भारतीय कंपनियों की ऑर्डर बुक में मार्च में पहली बार गिरावट देखी गई. हाएस ने कहा कि सार्वजनिक बंद से सामने आने वाली आर्थिक चुनौती से निपटने का दबाव अब पूरी तरह सरकार पर होगा. इस बीच एकीकृत पीएमआई उत्पादन सूचकांक मार्च में 50.6 अंक पर रहा. फरवरी में यह 57.6 अंक था. यह सूचकांक संयुक्त तौर पर मैन्युफैक्चरिंग गतिविधियों और सर्विस सेक्टर की गतिविधियों के रुख को देखता है.

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