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  1. इन्वेस्टर्स के डेटा की सुरक्षा के लिए SEBI ने उठाया कदम, म्यूचुअल फंड्स और AMCs के लिए लाई साइबर सिक्योरिटी फ्रेमवर्क

इन्वेस्टर्स के डेटा की सुरक्षा के लिए SEBI ने उठाया कदम, म्यूचुअल फंड्स और AMCs के लिए लाई साइबर सिक्योरिटी फ्रेमवर्क

यह फ्रेमवर्क अगले वित्त वर्ष 1 अप्रैल से लागू होगा.

January 10, 2019 7:58 PM
Sebi brings cybersecurity framework for mutual funds and AMCsअब म्यूचुअल फंड और AMCs पर हुए सभी साइबर हमलों की रिपोर्ट प्रत्येक तिमाही सेबी के पास सॉफ्ट कॉ़पी के रूप में जमा करनी होगी. (Reuters)

मार्केट रेगुलेटर सेबी ने म्यूचुअल फंड्स और एसेट मैनेजमेंट कंपनीज (AMCs) के लिए साइबर सुरक्षा का फ्रेमवर्क जारी किया है. सेबी की यह पहल किसी भी प्रकार के डेटा लीक की संभावना की रोकथाम के लिए है. यह फ्रेमवर्क अगले वित्त वर्ष 1 अप्रैल से लागू होगा.

सेबी द्वारा जारी अधिसूचना के मुताबिक, अब म्यूचुअल फंड और AMCs पर हुए सभी साइबर हमलों की रिपोर्ट प्रत्येक तिमाही सेबी के पास सॉफ्ट कॉ़पी के रूप में जमा करनी होगी. इससे अन्य म्युचूअल फंड और AMCs सतर्क हो सकेंगे और संभावित खतरों के प्रति वे अपनी तैयारी कर सकेंगे.

हर साल एक बार समीक्षा जरूरी

सेबी के मुताबिक, तकनीकी विकास का नकारात्मक असर पूंजी बाजार पर पड़ा है और डेटा लीक जैसी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं. ऐसी परिस्थितियों में एक कठोर कानून की आवश्यकता महसूस की जा रही थी. सेबी की अधिसूचना के मुताबिक, अब सभी कंपनियों को फ्रेमवर्क के आधार पर साइबर सुरक्षा के लिए पॉलिसी डॉक्युमेंट बनाना होगा. इन नीतियों को AMC और ट्रस्टीज के बोर्ड से मंजूरी भी लेनी होगी.

हालांकि ये नीतियां जरूरी नहीं हैं कि सेबी के फ्रेमवर्क के मुताबिक ही हों लेकिन उससे अलग किसी भी प्रस्ताव पर कारण भी बताना होगा. इस डॉक्युमेंट को हर साल कम से कम एक बार AMCs और ट्रस्टीज के बोर्ड मूल्यांकन करेंगे ताकि उसे और मजबूत बनाया जा सके. सेबी ने यह भी कहा है कि किसी भी शख्स के पास कॉन्फिडेंशियल डेटा को एक्सेस करने का अधिकार नहीं होगा, चाहे उसकी रैंक और पोजिशन कितनी भी बड़ी क्यों न हो.

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