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COVID-19: Q4 में ज्यादातर कंपनियों का रेवेन्यू 5% गिरा, 2996 की रेटिंग नीचे आई

कोराना वायरस महामारी के चलते लॉकडाउन के असर से कोई भी सेक्टर नहीं बचा है.

Published: July 5, 2020 10:34 AM
SBI Research Report, COVID-19 impact, majority companies in all sectors seen 5% revenue decline, profit decline upto 30%, balance sheet, which sectors most hit due to COVID-19, FMCG, Auto, consumer durable, capital goods, real estate, sugarकोराना वायरस महामारी के चलते लॉकडाउन के असर से कोई भी सेक्टर नहीं बचा है.

कोराना वायरस महामारी के चलते लॉकडाउन के असर से कोई भी सेक्टर नहीं बचा है. तकरीबन हर प्रमुख सेक्टर की ज्यादातर कंपनियों का रेवेन्यू FY20 की मार्च तिमाही में 5 फीसदी गिरा है. ऑपरेटिंग प्रॉफिट के साथ-साथ बॉटम लाइन में भी सेक्टर्स को करीब 30 फीसदी तक गिरावट का सामना करना पड़ा है. एसबीआई इकोरैप की ताजा रिपोर्ट में ये बातें कही गई हैं. रिपोर्ट के अनुसार जिन कंपनियों की बैलेंसशीट मजबूत है, उन्हें इस दबाव से निकलने में आसानी होगी. लेकिन हल्की बैलेंसशीट वाली कंपनियां अभी फंसी रहेंगी.

गिर रही है कंपनियों की रेटिंग

रिपोर्ट में बताया गया है कि महामारी से पूरे सेक्टर में असाधारण तरीके से रेटिंग घट रही है. रिपोर्ट में कहा गया है कि FY21 की पहली तिमाही के दौरान चुनिंदा सेक्टरों के लिए हमारे पास 182 रेटिंग अपग्रेड और 2996 रेटिंग डाउनग्रेड थी.लगभग सभी क्षेत्रों में महत्वपूर्ण रेटिंग में गिरावट का सामना करना पड़ रहा है. उर्वरक, टेक्सटाइल, ऑटोमोबाइल, कंज्यूमर ड्यूरेबल, रियल्टी, कंस्ट्रक्शन, शुगर, कैपिटल गुड्स सेक्टर में कई कंपनियों की रेटिंग डाउनग्रेड हुई है.

इन सेक्टर में डबल डिजिट में ग्रोथ घटी

ओवरऑल रिपोर्ट में कहा गया है कि कोई भी सेक्टर कोविड-19 के प्रभाव से अछूता नहीं रहा है. इसकी वजह से लॉकडाउन खुलने के बाद भी इन कंपनियों को आर्थिक दबाव झेलना होगा. खास तौर पर रिपोर्ट में ऑटो व आटो एंसीलियरीज, टेक्सटाइल, स्टील, नॉन फेरस, रीयल एस्टेट, कंस्ट्रक्शन, कैपिटल गुड्स, नॉन इलेक्ट्रिक इक्यूपमेंट जैसे क्षेत्रों का हवाला दिया गया है. इन सेक्टर में हर पैरामीटर पर डबल डिजिट में निगेटिव ग्रोथ रही है.

मजबूत बैलेंसशीट वाली कंपनियां करेंगी जल्द रिकवर

रिपोर्ट में कहा गया है कि हम मानते हैं कि वर्तमान असाधारण परिस्थितियों में, मुनाफे और घाटे के पैरामीटर को देखने का कोई मतलब नहीं है. मौजूदा समय में कंपनियों की बैलेंस शीट की ताकत का बारीकी से निरीक्षण करना सबसे महत्वपूर्ण है. रिपोर्ट के अनुसार ऑटोमोबाइल, एफएमसीजी, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स जैसे सेक्टर में कई कंपनियों के पास मजबूत बैलेंसशीट की ताकत है. ऐसे में निगेटिव ग्रोथ के बाद भी ये कंपनियों कोविड 19 के दबाव से जल्द बाहर आने में कामयाब रहेंगी. लेनि शुगर, स्टील, टेलिकॉम सर्विसेज, कंस्ट्रक्शन, रियल्टी सेक्टर में कंपनियों के पास बैलेंसशीट उतनी मजबूत नहीं है. ऐसे में अन कंपनियों पर अभी लंबे समय तक दबाव रह सकता है.

 

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