सर्वाधिक पढ़ी गईं

5 साल से ऑयल कंपनियों ने नहीं बढ़ाए हैं दाम, सऊदी अरब ने महंगे तेल पर कहा- भारत निकाले 2020 का स्टॉक

सऊदी अरब ने तेल उत्पादन पर भारत के अनुरोध को इंकार करते हुए कहा कि पिछले साल सस्ती दरों पर खरीदे गए क्रूड का इस्तेमाल करने को कहा है.

Updated: Mar 05, 2021 9:11 PM
Saudi asks India to use cheap oil it bought last year to cool prices and oil companies have not revised rate since last five yearsपेट्रोल और डीजल के भाव रिकॉर्ड स्तर पर चल रहे हैं.

महंगे तेल से लोगों को आगे भी झटका लग सकता है. एक तरफ ओपेक+ देशों ने इसके उत्पादन में बढ़ोतरी का फैसला नहीं किया और दूसरी तरफ तेल कंपनियों ने पिछले पांच साल से दाम नहीं बढ़ाए हैं और अगर उन्होंने महंगे क्रूड प्राइसेज का भार आम लोगों पर डाला तो पेट्रोल-डीजल के भाव में जबरदस्त उछाल आ सकता है. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महंगे तेल की कीमतों के चलते भारत ने ओपेक (ऑर्गेनाइजेशन ऑफ पेट्रोलियम एक्सपोर्टिंग कंट्रीज) और रुस (ओपेक+) से उत्पादन नियंत्रण में ढील देने को कहा था. इस पर सऊदी अरब ने भारत से कहा कि वह पिछले साल सस्ते भाव पर खरीदे गए तेल का प्रयोग कर महंगाई से राहत दे सकती है. ओपेक+ देशों द्वारा अप्रैल में आपूर्ति नहीं बढ़ाने का फैसला लिए जाने के बाद शुक्रवार को इसकी कीमत 1 फीसदी बढ़कर 67.44 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई. भारतीय तेल मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने ओपेक देशों से उत्पादन पर अपना नियंत्रण कम करने को अनुरोध किया था ताकि तेल की कीमतें स्थिर रह सकें.
धर्मेंद्र प्रधान के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती तेल की कीमतों से इकोनॉमिक रिकवरी और मांग पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है. पिछले साल कोरोना महामारी के वक्त तेल की मांग लगभग शून्य हो जाने के चलते भारत ने ओपेक+ देशों द्वारा क्रूड प्रोडक्शन में कटौती किए जाने का समर्थन किया था. केंद्रीय मंत्री के मुताबिक उस समय ओपेक ने 2021 की शुरुआत से सामान्य उत्पादन करने की बात कही थी लेकिन अभी तक ऐसा नहीं हो सका है.

फिर बढ़ेंगे पेट्रोल और डीजल के दाम! OPEC के इस फैसले से क्रूड में जोरदार तेजी, ब्रेंट 67 डॉलर के पार

अप्रैल-मई 2020 में 19 डॉलर के भाव क्रूड की खरीदारी

सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्री प्रिंस अब्दुलाजीज बिन सलमान ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि भारत ने पिछले साल बहुत सस्ती दरों पर तेल खरीदा था, उसे स्टोरेज से निकालकर लोगों को राहत पहुंचाना चाहिए. भारत ने पिछले साल अप्रैल-मई 2020 में 16.71 बैरल क्रूड खरीदा था और इसे अपने तीन स्ट्रेटजिक पेट्रोलियम रिजर्व्स में स्टोर किया था. ये तीनों रिजर्व्स विशाखापत्तनम (आंध्र प्रदेश) और कर्नाटक के मंगलोर व पडूर में स्थित हैं. 21 सितंबर 2020 को राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित जवाब में केंद्रीय मंत्री ने जानकारी दिया था कि इस दौरान भारत ने औसतन 19 डॉलर प्रति बैरल के भाव पर क्रूड खरीदा था.

GST के दायरे में आया पेट्रोल-डीजल तो 75 रु/ली तक आ सकते हैं भाव, रेवेन्यू भी नहीं होगा कम: SBI रिपोर्ट

पिछले पांच साल से स्थिर हैं पेट्रोल और डीजल के भाव

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल के भाव बढ़ रहे हैं लेकिन पिछले पांच साल से तेल कंपनियों ने तेल के भाव नहीं बढ़ाए हैं. इस समय भारत में पेट्रोल और डीजल के खुदरा भाव रिकॉर्ड स्तर पर हैं और अगर तेल कंपनियों ने इंटरनेशनल ऑयल प्राइसेज के मुताबिक इसके भाव बढ़ाए तो तेल और महंगा हो सकता है. तेल कंपनियों ने उत्तर प्रदेश और गुजरात जैसे प्रमुख राज्यों के चुनाव के चलते 2017-2018 में तेल के भाव नहीं बढ़ाए थे. पेट्रोल और डीजल के खुदरा भाव में सबसे बड़ा हिस्सा टैक्सेज का है.

फरवरी में 61.22 डॉलर के भाव हुआ आयात

अप्रैल-दिसंबर 2020 में भारत ने औसतन 50 डॉलर प्रति बैरल के भाव से तेल आयात किया था जबकि 2019-20 में औसतन भाव 60.47 डॉलर प्रति बैरल थे. फरवरी 2021 में भारत ने औसतन 61.22 डॉलर प्रति बैरल के भाव से क्रूड ऑयल का आयात किया था और जनवरी 2021 में 54.79 डॉलर प्रति बैरल के भाव से क्रूड ऑयल का आयात किया था. पिछले साल अप्रैल 2020 में क्रूड ऑयल के भाव 19.90 डॉलर प्रति बैरल और जून-दिसंबर 2020 में इसके भाव 40-49 डॉलर प्रति बैरल पर थे. भारत अपनी जरूरत का करीब 85 फीसदी तेल आयात करता है.

Get Business News in Hindi, latest India News in Hindi, and other breaking news on share market, investment scheme and much more on Financial Express Hindi. Like us on Facebook, Follow us on Twitter for latest financial news and share market updates.

  1. बिज़नस न्यूज़
  2. अंतरराष्ट्रीय
  3. 5 साल से ऑयल कंपनियों ने नहीं बढ़ाए हैं दाम, सऊदी अरब ने महंगे तेल पर कहा- भारत निकाले 2020 का स्टॉक

Go to Top