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‘रिटर्न मशीन’ बजाज फाइनेंस पर कोरोना का साया! मुनाफे के लिए करना होगा इंतजार, 15 साल में बना चुका है करोड़पति

शेयर बाजार की रिटर्न मशीन माने जाने वाली बजाज फाइनेंस के जून तिमाही के नतीजों पर कोरोना वायरस महामारी का साफ असर देखने को मिला है.

Published: July 22, 2020 11:39 AM
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Experts View on Bajaj Finance: शेयर बाजार की रिटर्न मशीन माने जाने वाली बजाज फाइनेंस के जून तिमाही के नतीजों पर कोरोना वायरस महामारी का साफ असर देखने को मिला है. जून तिमाही में बजाज फाइनेंस का शुद्ध मुनाफा 20 फीसदी गिरकर 960 करोड़ के करीब रहा. वहीं कंपनी ने 1450 करोड़ की अतिरिक्त प्रोविजनिंग की है, जिससे कुल प्रोविजनिंग बढ़कर 2970 करोड़ रुपये हो गया है. एयूएम ग्रोथ वित्त वर्ष 2021 की पहली तिमाही में 10 साल में सबसे सुस्त रही है. वहीं लोन ग्रोथ भी कमजोर रही है. फिलहाल एक्सपर्ट मान रहे हैं कि कंपनी के लिए कोविड 19 की चुनौतियों से पूरी तरह पार पाने में वक्त लग सकता है. ऐसे में शेयरों पर भी आगे दबाव रहेगा.

निवेशकों के लिए रिटर्न मशीन

बजाज फाइनेंस की बात करें तो यह लंबे समय से निवेशकों के लिए रिटर्न मशीन साबित हुआ है. इसने 15 साल, 10 साल या 5 साल की अवधि में शेयर धारकों को मालामाल कर दिया है.

15 साल की बात करें तो शेयर ने निवेशकों को 13100 फीसदी रिटर्न दिया है. इस दौरान (जुलाई 2005 से जुलाई 2020) शेयर का भाव 25 रुपये से बढ़कर 3300 रुपये पहुंच गया. यानी यहां 15 साल में निवेशकों का पैसा 132 गुना बढ़ गया. वहीं, पिछले 10 साल में शेयर 52 रुपये से बढ़कर 3300 रुपये पहुंच गया. यानी निवेशकों का पैसा 63 गुना बढ़ गया. फीसदी के हिसाब से 6246 फीसदी रिटर्न मिला. पिछले 5 साल में शेयर ने 500 फीसदी से ज्यादा रिटर्न दिया है.

सुस्त रही AUM ग्रोथ

बजाज फाइनेंस की एयूएम ग्रोथ सिर्फ 7 फीसदी रही जो बेहद सुस्त है. यह अप्रैल के 38600 करोड़ के मुकाबले 21700 करोड़ रुपये रहा. एक्सपर्ट का कहना है कि एयूएम में ग्रोथ 10 साल की सबसे सुस्त ग्रोथ है. एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) 30 जून 2020 को करीब 1.38 लाख करोड़ रुपये रहा. जबकि 30 जून 2019 को यह 1.29 लाख करोड़ रुपये था. आटो, रूरल और SME सेग्मेंट में दबाव की वजह से ऐसा हुआ. एक और निगेटिव बात यह रही कि बजाज फाइनेंस ने 8600 करोड़ के टर्म लोन को फ्लेक्सी लोन में बदल दिया.

लोनबुक में सुस्ती

अप्रैल से जून तिमाही के दौरान बजाज फाइनेंस की लोनबुक सुस्त रही है. इस दौरान बजाज फाइनेंस की न्यू लोनबुक 17 लाख रही, जबकि पिछले साल की समान तिमाही में यह 73 लाख थी. यानी लोनबुक में करीब 76.7 फीसदी गिरावट सालाना आधार पर रही. लॉकडाउन की वजह से रीपेमेंट में देरी से भी कंपनी पर दबाव बना है.

आगे शेयर पर रहेगा दबाव!

ब्रोकरेज हाउस एमके ग्लोबल ने बजाज फाइनेंस के शेयर में होल्ड रेटिंग देते हुए 2950 रुपये का लक्ष्य तय किया है. ब्रोकरेज के अनुसार जून तिमाही में बजाज फाइनेंस के एयूएम में ग्रोथ पिछले 10 साल के दौरान सबसे कम रही है. लोअर रीपेमेंट और स्लो ग्रोथ इस बात के संकेत हैं कि लोनबुक में शॉर्ट टर्म के दौरान और गिरावट आ सकती है. ऐसे में FY21 की दूसरी तिमाही में दबाव रहेगा.

ब्रोकरेज हाउस मोतीलाल ओसवान ने भी शेयर के लिए न्यूट्रल रेटिंग रखते हुए शेयर का टारगेट प्राइस 3000 रुपये रखा है. हालांकि ब्रोकरेज का कहना है कंपनी कास्ट कटिंग के हर जरूरी उपाय कर रही है. कंपनी के पास लिक्विडिटभ्मो की कोई कमी नहीं है. बैलेंसशीट भी मजबूत है. मोरेटोरियम में कमी भी बजाज फाइनेंस के लिए पॉजिटिव है. बेहतर एसेट क्वालिटी भी कंपनी के लिए पॉजिटिव होगी.

(Disclaimer: यह जानकारी बीएसई पर कंपनी द्वारा दी गई सूचना और शेयर के प्रदर्शन के आधार पर है. हम यहां शेयर में निवेश की सलाह नहीं दे रहे. बाजार के जोखिम को देखते हुए एक्सपर्ट से सलाह लेकर ही निवेश करें.)

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