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Jio के सस्ते आॅफर क्या हो जाएंगे बंद? TRAI का नियम बन सकता है वजह

कुछ सर्किल्स में अगर Jio ने अपने टैरिफ के दाम और घटाए तो उस पर दंडात्मक कार्रवाई हो सकती है.

November 5, 2018 7:20 AM
Reliance Jio may find it difficult to play the tariff cardट्राई ने फरवरी में बेहद सस्ते टैरिफ प्लान्स प्रिडेटरी प्राइसिंग, जो प्रतिस्पर्धा खत्म कर दें, उन पर लगाम लगाने के​ लिए नियम जारी किया था. (Reuters)

रिलायंस Jio के लिए अपने टैरिफ प्लान्स को और सस्ता करना मुश्किल हो सकता है. विशेषकर उन 5 टेलिकॉम ​सर्किल्स में, जहां इसकी मार्केट हिस्सेदारी 30 फीसदी या उससे ज्यादा है.

ये सर्किल्स ओडिशा, असम, हिमाचल प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश के C कैटेगरी सर्किल्स हैं. यहां पिछले कुछ महीनों में Jio ने काफी ग्रोथ दर्ज की है. इसके पीछे इसका Jio फीचर फोन है. टैरिफ कार्ड और सस्ते फोन के अलावा जियो के C कैटेगरी सर्किल्स में अच्छा प्रदर्शन करने के पीछे इसकी अच्छी 4 जी सर्विस भी है, जिसमें अन्य कंपनियां पीछे हैं.

क्या कहते हैं विश्लेषक?

विश्लेषकों का मानना है कि अब इन C कैटेगरी सर्किल्स में Jio अपने टैरिफ को और कम नहीं कर पाएगी. इसकी वजह है कि अगर Jio ने अपने टैरिफ के दाम और घटाए तो उस पर दंडात्मक कार्रवाई हो सकती है. ऐसा इसलिए क्योंकि टेलिकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी आॅफ इंडिया (TRAI) ने फरवरी में बेहद सस्ते टैरिफ प्लान्स (प्रिडेटरी प्राइसिंग), जो प्रतिस्पर्धा खत्म कर दें, उन पर लगाम लगाने के​ लिए नियम जारी किया था.

क्या है नियम

इसके तहत अगर कोई मोबाइल आॅपरेटर ऐसा करता है तो उस पर 50 लाख रुपये प्रति सर्किल का जुर्माना लगाया जाएगा. ट्राई ने रेगुलेशन में कहा था कि अगर 30 फीसदी से ज्यादा मार्केट हिस्सेदारी वाला कोई टेलिकॉम आॅपरेटर एवरेज वेरिएबल कॉस्ट से कम पर अपनी सर्विस देता है तो ऐसे टैरिफ को प्रिडेटरी प्राइसिंग में रखा जाएगा. माना जाएगा कि वह आॅपरेटर प्रतिस्पर्धा घटा रहा है या अन्य कंपनियों को मार्केट से बाहर करना चाहता है.

Jio को कैसे मिला फायदा

जब यह नियम आया, उस वक्त Jio की मार्केट हिस्सेदारी 30 फीसदी से कम थी. लेकिन अन्य टेलिकॉम कंपनियों जैसे भारती एयरटेल, वोडाफोन या आइडिया सेल्युलर की हिस्सेदारी इससे ज्यादा थी. ऐसे में Jio बेहद सस्ता टैरिफ आॅफर कर सकती थी और उसने ऐसा किया भी. उसके मुकाबले अन्य कंपनियां एक हद तक ही टैरिफ घटा सकीं. लेकिन अब Jio लगातार ग्रोथ कर रही है और इसकी हिस्सेदारी बढ़ रही है.

Jio ही रही इस नियम के पीछे की वजह

ट्राई का यह नियम Jio के सितंबर 2016 में मार्केट में उतरने के बाद ही आया क्योंकि Jio ने फ्री सर्विस के साथ एंट्री की थी. ऐसे में अन्य कंपनियों ने विरोध दर्ज किया और इसे अनैतिक करार दिया.

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