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RIL का भारत की आधी ऑनलाइन ग्रॉसरी सेल्स पर होगा कब्जा, रिपोर्ट में दावा

भारत का ई-कॉमर्स बिजनेस 2024 तक 99 अरब डॉलर का हो जाएगा और 27 फीसदी की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) से बढ़ेगा.

Updated: Jul 21, 2020 6:31 PM
Reliance Industries to capture half of online grocery sales till 2024, India e-commerce to grow 27 percent: Goldman Sachsयह अनुमान गोल्डमैन सैक्स ने अपनी रिपोर्ट ‘ग्लोबल इंटरनेट: ई-कॉमर्स स्टीपनिंग कर्व’ में जताया है.

भारत का ई-कॉमर्स बिजनेस 2024 तक 99 अरब डॉलर का हो जाएगा और 27 फीसदी की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) से बढ़ेगा. साथ ही तब तक रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) आधी ऑनलाइन ग्रॉसरी सेल्स पर कब्जा कर लेगी. यह अनुमान गोल्डमैन सैक्स ने अपनी रिपोर्ट ‘ग्लोबल इंटरनेट: ई-कॉमर्स स्टीपनिंग कर्व’ में जताया है. गोल्डमैन सैक्स के मुताबिक, कोविड19 महामारी ने कंज्यूमर पैकेज्ड गुड्स जैसी कैटेगरीज में ई-कॉमर्स की पैठ को ग्लोबली दोगुना कर दिया है. जो ग्रोथ सामान्य हालात में 3 साल में दर्ज होती, वह 3 महीने में दर्ज कर ली गई है.

रिपोर्ट में कहा गया कि हमारा अनुमान है कि भारत का ई-कॉमर्स बिजनेस 2024 तक 99 अरब डॉलर का हो जाएगा. यह 27 फीसदी CAGR से ग्रोथ दर्ज करेगा. ग्रॉसरी और फैशन/अपैरल इस ग्रोथ के प्रमुख वाहक हो सकते हैं. रिटेल की ऑनलाइन पैठ 2024 तक 10.7 फीसदी हो जाने का अनुमान है, जो 2019 में 4.7 फीसदी थी. आगे कहा कि इंडिया इंटरनेट में हमारे मुताबिक हाल फिलहाल का सबसे बड़ा ईवेंट रिलायंस इंडस्ट्रीज की ई-कॉमर्स मार्केट में एंट्री और इसकी ऑनलाइन ग्रॉसरी के लिए वॉट्सऐप के साथ साझेदारी है.

81% हो जाएगी ऑनलाइन ग्रॉसरी मार्केट की ग्रोथ रेट

गोल्डमैन सैक्स का कहना है कि बिगबास्केट और ग्रोफर्स की ऑनलाइन ग्रॉसरी मार्केट में 2019 में हिस्सेदारी 80 फीसदी से अधिक थी. ऑनलाइन ग्रॉसरी बाजार पिछले कुछ सालों से साल दर साल 50 फीसदी की दर से बढ़ रहा है. लेकिन कोविड19 महामारी से लोगों की ऑनलाइन पर बड़ी संख्या में शिफ्टिंग और हाल ही में आरआईएल की एंट्री से ऑनलाइन ग्रॉसरी मार्केट की ग्रोथ रेट बढ़कर 81 फीसदी हो जाएगी. आगे कहा कि हमारा मानना है कि RIL की फेसबुक के साथ पार्टनरशिप से RIL 2024 तक 50 फीसदी से अधिक हिस्सेदारी के साथ ऑनलाइन ग्रॉसरी में मार्केट लीडर बन जाएगी.

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रिटेल मार्केट में ग्रॉसरी कैटेगरी की 60% हिस्सेदारी

भारतीय ई-कॉमर्स मार्केट में आने वाले वक्त में ग्रोथ की प्रमुख वजह ग्रॉसरी/एफएमसीजी जैसी कैटेगरीज में बेहतर पैठ, पेमेंट इकोसिस्टम में सुधार और वॉट्सऐप आदि के जरिए शॉपिंग में आसानी होंगे. गोल्डमैन सैक्स ने यह भी कहा कि हमारा अनुमान है कि नॉन-ग्रॉसरी ई-कॉमर्स पैठ में अगले दो सालों में 500 बेसिस प्वॉइंट्स की बड़ी तेजी आएगी और यह 2021 तक 16.1 फीसदी की ग्रोथ रेट हासिल कर लेगा.

भारत में ग्रॉसरी कैटेगरी 2019 तक 380 अरब डॉलर का मार्केट थी. यह पूरे रिटेल मार्केट का 60 फीसदी है. इसमें ऑनलाइन ग्रॉसरी मार्केट की हिस्सेदारी अभी 0.5 फीसदी भी कम है, इसका साइज केवल 2 अरब डॉलर का है. गोल्डमैन सैक्स का कहना है कि भारत में ऑनलाइन ग्रॉसरी मार्केट के अगले 5 सालों में 20 गुना बढ़कर 29 अरब डॉलर का हो जाने का अनुमान है.

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