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RBI Monetary Policy : महंगाई दर को लेकर सतर्क है आरबीआई, जानिए मार्केट और ग्रोथ को लेकर क्या है एक्सपर्ट्स की राय

रिजर्व बैक पर महंगाई दर के लगातार बढ़ने की वजह से दबाव है. ऐसे में ब्याज दरों में कटौती यह दबाव और बढ़ाने वाला साबित हो सकता था.

August 6, 2021 8:00 PM
rbi bad bankRBI's approval could come either in September or October, sources added

रिजर्व बैंक ने अपने मॉनेटरी पॉलिसी रिव्यू के दौरान ब्याज दरों में किसी परिवर्तन का ऐलान नहीं किया. रेपो रेट (Repo rate) में कोई बदलाव नहीं किया है. यह पहले की तरह 4 फीसदी पर बरकरार है. दरअसल रिजर्व बैक पर महंगाई दर के लगातार बढ़ने की वजह से दबाव है. ऐसे में ब्याज दरों में कटौती यह दबाव और बढ़ाने वाला साबित हो सकता था. कई एक्सपर्ट्स का भी मानना है कि महंगाई के दबाव में ही आरबीआई ने पॉलिसी दरों में कोई बदलाव नहीं किया. आइए जानते हैं उन्होंने आरबीआई की नई मॉनेटरी पॉलिसी रिव्यू के बारे में क्या कहा.

कुमारेश रामाकृष्णन, CIO-Fixed Income, PGIM India Mutual Fund

आरबीआई ने इस साल के लिए खुदरा महंगाई दर का अपना टारगेट 5.1 फीसदी से बढ़ा कर 5.7 फीसदी कर दिया है. सप्लाई साइड की दिक्कतों और रॉ मैटेरियल की कीमतों में बढ़ोतरी को देखते हुए इसने यह टारगेट बढ़ाया है. आरबीआई ने 8 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच चुकी लिक्विडिटी से सरप्लस लिक्विडिटी भी घटाने के लिए प्रस्ताव किया है. Variable rate reverse repos यानी VRRR मौजूदा दो लाख करोड़ रुपये से बढ़ा कर चार लाख करोड़ रुपये करने का लक्ष्य रखा गया है. आज के पॉलिसी रिव्यू को देखते हुए बैंकिंग, पीएसयू, कॉरपोरेट बॉन्ड और डायनैमिक बॉन्ड कैटेगरी पर हमारा फोकस जारी रहेगा.

महेंद्र जाजू, Chief investment officer—fixed income, Mirae Asset

मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी ने प्रमुख ब्याज दरों में परिवर्तन की सिफारिश नहीं की क्योंकि महंगाई का दबाव बना हुआ है. साथ ही कमेटी का ग्रोथ बढ़ाने पर पूरा ध्यान है. कमेटी ने महंगाई दर में 50 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी का अनुमान लगाया है वहीं ग्रोथ 9.5 फीसदी रहने की बात कही है. ब्याज दर न बढ़ाने के आरबीआई के इस फैसले से डेट फंड को ज्यादा फायदा होगा और वे आगे रेट में किसी भी बढ़ोतरी का अच्छे तरीके से सामना कर पाएंगे.

विकास जैन, Senior Research Analyst. Reliance Securities

मॉनेटरी प़ॉलिसी कमेटी ने यथास्थिति बरकरार रखी है. रेपो रेट 4 और रिवर्स रेपो रेट 3.35 फीसदी पर बकरार है. ग्रोथ अनुमान भी 9.5 फीसदी पर रखा गया है, क्योंकि पिछली तिमाहयों की तुलना में इकोनॉमी अब बेहतर स्थिति में है. महंगाई दर का अनुमान 5.1 फीसदी से बढ़ा कर 5.7 फीसदी कर दिया है. फिलहाल हमारा मानना है कि आरबीआई की पॉलिसी का रुख ग्रोथ को बढ़ावा देने वाला रहेगा. ऐसे में मध्यावधि में मार्केट का माहौल पॉजिटिव रहेगा.

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रवींद्र सुधालकर, CEO- Reliance Home Finance

इकोनॉमी में ग्रोथ को लेकर जो चिंता बनी हुई है उसे देखते हुए मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी ने ब्याज दरों में कोई परिवर्तन नहीं किया. इकोनॉमी में कोरोना की तीसरी लहर की आशंका से अभी भी चिंता बनी हुई है. महंगाई का बढ़ना भी चिंता का कारण है. ऐसे में ब्याज दरों में कोई भी कटौती ग्रोथ के लिए मुश्किल खड़ी कर सकती थी. गवर्नर शक्तिकांत दास ने 9.5 फीसदी की ग्रोथ को लेकर विश्वास जताया है लेकिन उनका मानना है कि इकोनॉमी में अभी डिमांड की कमी है. आरबीआई की ओर से यथास्थिति रखने से होम लोन के मोर्चे पर अनिश्चितता खत्म हो गई है.

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