मुख्य समाचार:
  1. आचार्य के इस्तीफे के अगले दिन आरबीआई यूनियन की मांग, गवर्नर और डिप्टी गवर्नर का चयन कॉलेजियम से

आचार्य के इस्तीफे के अगले दिन आरबीआई यूनियन की मांग, गवर्नर और डिप्टी गवर्नर का चयन कॉलेजियम से

कॉलेजियम के जरिये गवर्नर और डिप्टी गवर्नरों का चयन किए जाने से केंद्रीय बैंक की स्वायत्तता को कायम रखा जा सकेगा.

June 25, 2019 7:48 PM
Viral Acharya, RBI, Freedom Of RBI, Central bank Freedom, Urjit patel, Viral Acharya Vs Modi Govt, विरल आचार्य, कौन हैं विरल आचार्य, Inflation, MPC, आरबीआई यूनियन, rbi, rbi union,भारतीय रिजर्व बैंक कानून की धारा 8 के तहत गवर्नर और डिप्टी गवर्नरों की नियुक्ति सरकार द्वारा की जाती है.

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के डिप्टी गवर्नर विरल आचार्य के इस्तीफे के बाद केंद्रीय बैंक की कर्मचारी यूनियन ने मंगलवार को कहा कि नए गवर्नर और डिप्टी गवर्नरों का चयन के लिए विशेषज्ञों का कॉलेजियम बनाया जाना चाहिए. ऑल इंडिया रिजर्व बैंक एम्पलाइज एसोसिएशन ने बयान में कहा कि कॉलेजियम के जरिये गवर्नर और डिप्टी गवर्नरों का चयन किए जाने से केंद्रीय बैंक की स्वायत्तता को कायम रखा जा सकेगा. भारतीय रिजर्व बैंक कानून की धारा 8 के तहत गवर्नर और डिप्टी गवर्नरों की नियुक्ति सरकार द्वारा की जाती है.

विरल आचार्य का निजी कारणों से इस्तीफा

रिजर्व बैंक ने सोमवार को संक्षिप्त बयान में कहा था कि विरल आचार्य ने अपरिहार्य निजी कारणों से अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. वह 23 जुलाई तक मिंट रोड कार्यालय में अपने पद पर रहेंगे. आचार्य रिजर्व बैंक के सबसे कम उम्र के डिप्टी गवर्नर हैं. रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर पद से कार्यकाल पूरा होने के पहले इस्तीफा देने वाले विरल आचार्य केंद्रीय बैंक की स्वतंत्रता और स्वायत्तता के मजबूत पक्षधर थे. आचार्य का यह मानना था कि आरबीआई की स्वतंत्रता आर्थिक प्रगति एवं वित्तीय स्थिरता के लिए आवश्यक है. इसी बात को लेकर उनकी मोदी सरकार से भी तनातनी हो गई थी.

मोदी सरकार को ‘चेतावनी’ देने वाले विरल आचार्य

कॉलेजियम से ज्ञान और अनुभव का उचित आकलन संभव

कर्मचारी यूनियन ने कहा, ‘‘इस तरह के संवेदनशील और महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्ति का फैसला मंत्रालय के कुछ अधिकारियों द्वारा नहीं किया जाना चाहिए और न ही वित्त मंत्री को यह काम करना चाहिए. इस तरह की नियुक्ति विशेषज्ञों के कॉलेजियम द्वारा की जानी. इस कॉलेजियम में केंद्रीय बैंक के पूर्व गवर्नर, अन्य प्रमुख केंद्रीय बैंकर और अर्थशास्त्री शामिल रहने चाहिए.’’ यूनियन का मानना है कि सिर्फ इस तरह का निकाय ही ऐसे पद के लिए किसी व्यक्ति की क्षमता, ज्ञान और अनुभव का उचित तरीके से आकलन कर सकता है.

Go to Top

FinancialExpress_1x1_Imp_Desktop