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चुनावी मौसम में क्या सस्ता होगा कर्ज? RBI की 3 दिन की मौद्रिक समीक्षा बैठक शुरू, रेपो रेट में 0.25% कटौती की उम्मीद

उम्मीद की जा रही है कि मौद्रिक नीति समिति (MPC) पॉलिसी रेट में 0.25 फीसदी की और कटौती कर सकती है.

April 2, 2019 6:05 PM
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भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की नए वित्त वर्ष 2019-20 की पहली द्विमासिक मौद्रिक समीक्षा बैठक मंगलवार को शुरू हुई. उम्मीद की जा रही है कि मौद्रिक नीति समिति (MPC) आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए पॉलिसी रेट में 0.25 फीसदी की और कटौती कर सकती है. केंद्रीय बैंक ने फरवरी में 18 महीने के बाद रेपो दर में 0.25 फीसदी की कटौती की थी. लगातार दूसरी बार ब्याज दर में कटौती से इस चुनावी सीजन में कर्ज लेने वालों को बड़ी राहत मिल सकती है.

MPC बैठक के नतीजे गुरुवार को आएंगे 

रिजर्व बैंक गवर्नर शक्तिकान्त दास की अगुवाई वाली मौद्रिक नीति समिति (MPC) बैठक के नतीजों की घोषणा बृहस्पतिवार को करेगी. दास पहले ही विभिन्न अंशधारकों (उद्योग संगठनों, डिपॉजिटर्स यूनियन, एमएसएमई प्रतिनिधि और बैंकर) के साथ बैठक कर चुके हैं.

इंडस्ट्री अनुमान के अनुसार, महंगाई दर आरबीआई के 4 फीसदी के लक्ष्य के दायरे में है और इसलिए अर्थव्यवस्था को बूस्ट देने के लिए रेपो रेट में कटौती होनी चाहिए. रेपो रेट पर बैंक आरबीआई से कर्ज लेते हैं.

रेटिंग फर्म ICRA के अनुसार, आने वाली मौद्रिक समीक्षा नीति में आरबीआई रेपो रेट में 0.25 फीसदी की कटौती कर सकता है.

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ब्याज दरों में कटौती का बेहतर अवसर: CII

उद्योग संगठन सीआईआई के महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी के अनुसार, महंगाई दर दायरे में है इसलिए ब्याज दरों में कटौती का बेहतर अवसर है. उन्होंने कहा कि 2018-19 की दूसरी छमाही में वृद्धि दर में सुस्त रफ्तार को देखते हुए रिजर्व बैंक को रेपो रेट में कम से कम चौथाई फीसदी की कटौती करनी चाहिए.

बता दें, एमपीसी में दो केंद्र सरकार के प्रति​निधि और तीन बाहरी मेम्बर होते हैं. मौद्रिक समीक्षा के दौरान एमपीसी खुदरा महंगाई दर, इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन और ग्लोबल इकोनॉमी आउटलुम के आंकड़ों पर गौर करती है.

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