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मौद्रिक नीति समीक्षा (MPC) बैठक: आज आएगा फैसला, RBI 0.25% घटा सकता है रेपो रेट

एक्सपर्ट्स का कहना है कि इसके पीछे वजह वैश्विक मंदी से डॉमेस्टिक ग्रोथ पर प्रभाव पड़ने की आशंका के बीच आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देना रहेगी.

April 4, 2019 7:33 AM
RBI-MPC Meet: repo rate Key Decisions of first monetary policy review meeting of FY20 अप्रैल की MPC बैठक नए वित्त वर्ष 2019-20 की पहली द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक है. (Reuters)

RBI-MPC Meet: 2 अप्रैल को शुरू हुई मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक का फैसला आज आने वाला है. उम्मीद की जा रही है कि RBI रेपो रेट में 0.25 फीसदी की कटौती कर सकता है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि इसके पीछे वजह वैश्विक मंदी से डॉमेस्टिक ग्रोथ पर प्रभाव पड़ने की आशंका के बीच आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देना रहेगी.

नए वित्त वर्ष की पहली RBI-MPC Meet

अप्रैल की MPC बैठक नए वित्त वर्ष 2019-20 की पहली द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक है. 6 सदस्यों वाली मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक की अध्यक्षता RBI गवर्नर शक्तिकांत दास कर रहे हैं. मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक के फैसलों को 4 अप्रैल 2019 को 11.45 मिनट पर वेबसाइट पर डाल दिया जाएगा.

फरवरी में 18 माह बाद घटाई थी दर

RBI ने फरवरी में हुई बैठक में रेपो रेट में 0.25 फीसदी की कटौती की थी. ऐसा 18 महीनों के गैप के बाद किया गया था. अब फिर से रेपो रेट में कटौती से इलेक्शन सीजन में कर्ज लेने वालों को राहत मिलेगी.

इंडस्ट्री ने की है कटौती की वकालत

RBI गवर्नर शक्तिकांत दास पहले से इंडस्ट्री बॉडीज, डिपॉजिटर्स एसोसिएशन, MSME रिप्रेजेंटेटिव्स और बैंकरों समेत अन्य स्टेकहोल्डर्स के साथ मीटिंग्स कर चुके हैं. इंडस्ट्री ने महंगाई का स्तर RBI के तय लेवल 4 फीसदी से कम होने का हवाला देते हुए मुख्य ब्याज दरों में एक बार फिर कटौती की वकालत की है. साथ ही इकोनॉमिक ग्रोथ को बूस्ट करने की जरूरत पर बल दिया है.

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ब्याज दरों में कटौती का बेहतर अवसर: CII

उद्योग संगठन सीआईआई के महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी के अनुसार, महंगाई दर दायरे में है इसलिए ब्याज दरों में कटौती का बेहतर अवसर है. 2018-19 की दूसरी छमाही में वृद्धि दर में सुस्त रफ्तार को देखते हुए रिजर्व बैंक को रेपो रेट में कम से कम चौथाई फीसदी की कटौती करनी चाहिए. रेटिंग फर्म ICRA ने भी दरों में 0.25 फीसदी की कटौती का अनुमान जताया है.

आनंद राठी शेयर्स एंड स्टाक ब्रोकर्स के मुख्य अर्थशास्त्री और कार्यकारी निदेशक सुजन हाजरा का कहना है कि कमजोर वृद्धि परिदृश्य और मुद्रास्फीति में नरमी को देखते हुए रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समीक्षा में रेपो दर में कटौती नहीं होने का कोई कारण नहीं है.

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