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GDP डेटा विवाद पर बोले RBI गवर्नर दास, सरकारी आंकड़ों के हिसाब से ही चलता है रिजर्व बैंक

100 से अधिक अर्थशास्त्रियों के एक समूह ने हाल में आर्थिक वृद्धि और कुछ अन्य विषयों से सबंधित सरकार के आंकड़ों की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए थे.

April 4, 2019 3:40 PM
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भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने गुरुवार को साफ-साफ कहा कि केंद्रीय बैंक अर्थव्यवस्था के आकलन और पॉलिसी निर्धारण के लिए सरकारी आंकड़ों पर ही चलता है. उन्होंने यह बात ऐसे समय कही है जबकि 100 से अधिक अर्थशास्त्रियों के एक समूह ने हाल में आर्थिक वृद्धि (GDP) और कुछ अन्य विषयों से सबंधित सरकार के आंकड़ों की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए थे. हालांकि, उसके बाद 130 से अधिक सीए के समूह ने इन अर्थशास्त्रियों की राय पर सवाल खड़े किए थे.

सरकार में काम करने के बाद आरबीआई की कमान संभाल रहे गवर्नर दास ने यहां मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक के बाद संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि रिजर्व बैंक केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (CSO) की ओर से तैयार किए गए आंकड़ों के हिसाब से ही चलता है. मौद्रिक नीति समिति की बैठक के पहले वित्त मंत्री जेटली के साथ अपनी बैठक के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि इसमें कोई ‘असामान्य बात नहीं है.’’

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पिछले गवर्नर उर्जित पटेल के समय में एक बार गवर्नर और मौद्रिक नीति समिति (MPC) सदस्यों ने वित्त मंत्री के साथ बैठक करने से इनकार कर दिया था. दास ने कहा कि पॉलिसी तय के लिए समिति के गठन के बाद भी आमने सामने या अन्य तरीके से इस तरह की बैठकें होती रही हैं. उन्होंने कहा कि आरबीआई के फंड की स्थिति पर निगाह रखे हुए और उस पर उसकी निगाह बनी रहेगी.

जालान समिति को चाहिए कुछ दिन और

एक सवाल पर उन्होंने कहा कि जालान समिति को अपनी सिफारिशें तय करने के लिए कुछ दिन का समय और चाहिए. यह समिति आरबीआई के पास मिनिमम कैपिटल का फार्मूला तय करने की सिफारिश देने को बिठाई गई है. दास ने कहा कि पूर्व आरबीआई गवर्नर विमल जालान ने उनसे मिलकर चर्चा की थी. समिति ने काफी चर्चा पूरी कर ली है तथा उसे अपनी रिपोर्ट तय करने के लिए कुछ दिन का समय और चाहिए.

RBI के पास 9.4 लाख करोड़ रुपये का रिजर्व

रिजर्व बैंक अपने पास 9.4 लाख करोड़ रुपये का रिजर्व रखता है. सरकार के एक वर्ग को लगता है कि इस स्तर का बफर रिजर्व का भंडार जरूरत से ज्यादा है. उनका मानना है कि रिजर्व बैंक इसमें से 1.7 लाख करोड़ रुपये से 3 लाख करोड़ रुपये सरकार को आराम से ट्रांसफर कर सकता है.

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