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RBI Monetary Policy 2019: RBI ने सस्ता किया कर्ज, लगातार दूसरी बार रेपो रेट 0.25% घटाया; जानिए महंगाई और ग्रोथ रेट पर क्या रहा रुख

RBI Monetary Policy Today: रेपो रेट में कटौती के बाद नया कर्ज लेना सस्ता होने की उम्मीद है.

April 4, 2019 1:32 PM

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Reserve Bank of India Monetary Policy 2019: चुनावी सीजन के दौरान रिजर्व बैंक (RBI) ने चालू वित्त वर्ष 2019-20 की अपनी पहली द्विमासिक मौद्रिक समीक्षा में रेपो रेट (Repo Rate) में 0.25 फीसदी की कटौती की है. रेपो रेट अब घटकर 6.00 फीसदी हो गया. रेपो रेट वह दर है, जिस पर RBI बैंकों को कर्ज देता है. साथ ही RBI ने रिवर्स रेपो रेट 6 फीसदी से घटाकर 5.75 फीसदी कर दिया है. इसके अलावा RBI ने ब्याज दरों पर न्यूट्रल रुख कायम रखा है. MPC की अगली बैठक अब 3,4 और 6 जून को होगी.

इस साल रिजर्व बैंक ने Repo Rate में लगातार दूसरी बार कटौती की है. इससे पहले, RBI ने फरवरी में हुई MPC बैठक में रेपो रेट में 0.25 फीसदी की कटौती की थी. 18 महीने के बाद ब्याज दरों में यह पहली कटौती थी. रेपो रेट में कटौती के बाद नया कर्ज लेना जहां सस्ता होने की उम्मीद है. वहीं, आपके होम लोन, आटो लोन और पर्सनल लोन की EMI भी घट जाएगी.

कटौती के बाद RBI की प्रमुख दरें

रेपो रेट: 6.0 फीसदी
रिवर्स रेपो रेट : 5.75 फीसदी
CRR: 4.0 फीसदी
SLR: 19.25 फीसदी

महंगाई और GDP ग्रोथ अनुमान घटाया

RBI ने जनवरी-मार्च 2019 के लिए खुदरा महंगाई अनुमान घटाकर 2.4 फीसदी कर दिया है. वित्त वर्ष 2019-20 के अप्रैल-सितंबर के दौरान खुदरा महंगाई अनुमान घटाकर 2.9-3 फीसदी और अक्टूबर-मार्च के लिए घटाकर 3.5-3.8 फीसदी कर दिया है.

वहीं वित्त वर्ष 2019-20 के लिए GDP ग्रोथ अनुमान घटाकर 7.2 फीसदी कर दिया है. वित्त वर्ष 2019-20 की पहली छमाही अप्रैल-सितंबर में ग्रोथ रेट 6.8 फीसदी से 7.1 फीसदी रहने का और दूसरी छमाही अक्टूबर-मार्च में ग्रोथ रेट 7.3 फीसदी से 7.4 फीसदी रहने का अनुमान जताया गया है.

हर तरह के रिस्क फैक्टर पर किया है गौर: RBI गवर्नर

बैठक के बाद प्रेस कांफ्रेंस के दौरान RBI गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि दरों में कटौती करते हुए हर तरह के रिस्क फैक्टर का ध्यान रखा गया है. ऐसा ही महंगाई और ग्रोथ रेट अनुमान घटाते वक्त भी किया गया है. 2019 में RBI रेपो रेट में अब तक कुल 0.50 फीसदी की कटौती कर चुका है.

आगे कहा कि MPC ने गौर किया कि घरेलू अर्थव्यवस्था को खासकर वैश्विक मोर्चे पर प्रतिकूल स्थितियों का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि ग्लोबल इकोनॉमी में सुस्ती दिख रही है. इसलिए निजी निवेश को बढ़ावा देकर विकास दर को बढ़ावा देने की जरूरत है.

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बैंक क्रेडिट में हुई है वृद्धि

बैंक लोन पर आरबीआई गवर्नर ने कहा कि बैंकों द्वारा लोन दिया जाना बढ़ रहा है लेकिन यह बहुत ज्यादा बढ़ोत्तरी नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि बैड लोन के रिजॉल्यूशन को लेकर रिवाइज्ड सर्कुलर जल्द आएगा.

इस वजह से की कटौती

RBI द्वारा दरों में कटौती करने के पीछे मकसद 4 फीसदी खुदरा महंगाई का मध्यावधि लक्ष्य हासिल करने के साथ-साथ ग्रोथ को सहारा देना भी है. विशेषज्ञ भी मान रहे थे कि महंगाई दर और आर्थिक आंकड़ों को देखते हुए ग्रोथ को बढ़ावा देने के लिए रिजर्व बैंक ब्याज दरों में चौथाई फीसदी की कटौती करेगा. 6 सदस्यों वाली मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक की अध्यक्षता RBI गवर्नर शक्तिकांत दास ने की.

Repo Rate कट के पक्ष में थे 6 में से 4 सदस्य

मौद्रिक समीक्षा समिति (MPC) के छह में से चार सदस्य डॉ. पमी दुआ, डॉ. रविंद्र एच ढोलकिया, डॉ.एमडी पात्रा और RBI गवर्नर शक्तिकांत दास Repo Rate में चौथाई फीसदी की कटौती के फैसले के पक्ष में वोट किया. वहीं, डॉ. चेतन घाटे और डॉ. विरल आचार्य पॉलिसी रेट में बदलाव नहीं करने के  पक्ष में थे. MPC मीटिंग के मिनट्स 18 अप्रैल को जारी होंगे.

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