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RBI ने बैंक CEO के लिए तय किया अधिकतम टेन्योर, Kotak Bank के उदय कोटक समेत इन पर पड़ेगा असर

बैंकों के एमडी, सीईओ या पूर्णकालिक निदेशकों के कार्यकाल अवधि को लेकर RBI द्वारा जारी निर्णायक दिशा-निर्देश निजी बैंकों, स्माल फाइनेंस बैंक (एसएफबी) और विदेशी बैंकों के पूर्ण स्वामित्व वाली इकाई पर भी लागू होंगे.

Updated: Apr 28, 2021 4:39 PM
RBI CEO tenure cap know here how it will impact Uday Kotak HDFC Bank ICICI Bank Axis Bank safeआरबीआई के नए गाइडलाइंस का कोटक महिंद्रा बैंक पर नकारात्मक असर पड़ेगा क्योंकि बैंक के प्रमोटर एमडी और सीईओ उदय कोटक की अब दोबारा इस पद पर नियुक्ति नहीं हो सकेगी.

बैंकों के एमडी, सीईओ या पूर्णकालिक निदेशकों के कार्यकाल अवधि को लेकर केंद्रीय बैंक रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) द्वारा जारी निर्णायक दिशा-निर्देश निजी बैंकों, स्माल फाइनेंस बैंक (एसएफबी) और विदेशी बैंकों के पूर्ण स्वामित्व वाली इकाई पर भी लागू होंगे. नए गाइडलाइंस के तहत निजी बैंकों के मामले में एमडी और सीईओ के तौर पर एक ही शख्स लगातार 15 साल तक कार्य नहीं कर सकता. हालांकि प्रमोटर एमडी/सीईओ के मामले में अधिकतम टेन्योर 12 वर्ष तय किया गया है. आरबीआई द्वारा जारी निर्देशों के मुताबिक विशेष परिस्थितियों में और बैंक के विवेक के मुताबिक प्रमोटर सीईओ का कार्यकाल 15 वर्ष तक के लिए बढ़ाया जा सकता है. एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और इंडसइंड बैंक के प्रबंधन में कुछ समय पहले बदलाव किया जा चुका है लेकिन एक्सिस सिक्योरिटीज के रिसर्च एनालिस्ट्स सिजी फिलिप और दयानंद वैद्य के मुताबिक कोटक महिंद्रा बैंक, डीसीबी बैंक, सिटी यूनियन बैंक, फेडरल बैंक और आरबीएल बैंक के वर्तमान एमडी 10 वर्षों से अधिक समय से कार्यरत हैं.

आरबीआई के निर्देशों से एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और एक्सिस बैंक पर असर नहीं पड़ेगा क्योंकि इनके सीईओ की अभी हाल ही में नियुक्ति हुई है और इनके पास 10 साल से अधिक का समय इस पद पर बने रहने की है. एचडीएफसी बैंक के सीईओ ने पिछले साल 2020 में, आईसीआईसीआई बैंक के सीईओ ने दो साल पहले पदभार संभाला था.

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RBI गाइडलाइंस का Kotak Mahindra Bank पर नकारात्मक प्रभाव

कोटक महिंद्रा बैंक के एमडी का कार्यकाल 2024 तक और सिटी यूनियन बैंक के एमडी का कार्यकाल 2026 तक बढ़ाया चुका है. एनालिस्ट्स का मानना है कि आरबीआई के नए गाइडलाइंस का कोटक महिंद्रा बैंक पर नकारात्मक असर पड़ेगा क्योंकि बैंक के प्रमोटर एमडी और सीईओ उदय कोटक की अब दोबारा इस पद पर नियुक्ति नहीं हो सकेगी. हालांकि बैंक में उनकी हिस्सेदारी जारी रहेगी. उदय कोटक को उनके पद पर फिर से 1 जनवरी 2021 को तीन साल के लिए नियुक्त किया गया था. Macquarie Research के एक नोट में एनालिस्ट सुरेश गणपति ने कहा कि तीन साल की यह अवधि पूरा होने के बाद उदय कोटक बैंक के एमडी और सीईओ नहीं बन सकेंगे क्योंकि उनका 15 वर्षों का कार्यकाल पूरा हो जाएगा.
गणपति के मुताबिक कोटक बैंक के ज्वाइंट एमडी उदय कोटक के बाद बैंक के सीईओ नहीं बन सकेंगे क्योंकि बोर्ड में 15 साल का कैप पूर्णकालिक निदेशकों पर भी लागू हो सकता है.

1 अक्टूबर 2021 से लागू हो जाएगा आरबीआई गाइडलाइंस

आरबीआई सर्कुलर के मुताबिक निजी सेक्टर के बैंकों में एमडी, सीईओ और पूर्णकालिक निदेशक अधिकतम 70 वर्ष तक ही पदभार संभाल सकेंगे. बैंकों को आरबीआई के इस दिशा-निर्देश को 1 अक्टूबर 2021 से लागू करना होगा. आरबीआई के निर्देश के मुताबिक अगर कोई एमडी, सीईओ और पूर्णकालिक निदेशक 1 अक्टूबर तक 12 या 15 साल का कार्यकाल पूरा कर लेता है तो भी उसे मौजूदा कार्यकाल पूरा करने की इजाजत रहेगी.
आरबीआई ने स्पष्ट किया है कि समान बैंक में कोई इंडिविजुअल एमडी, सीईओ या पूर्णकालिक निदेशक के तौर पर फिर से पदभार संभाल सकता है, अगर बोर्ड इसे जरूरी समझता हो. हालांकि इसके लिए अन्य जरूरी शर्तों के साथ कम से कम तीन साल का गैप होना चाहिए. आरबीआई के मुताबिक इस तीन साल के कूलिंग पीरियज में इंडिविजुअल बैंक या इसके किसी ग्रुप एंटिटी में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से किसी भी रूप से नहीं जुड़े रहेंगे.
(आर्टिकल: सुरभि जैन)

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