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छोटे कर्जदारों और इंडिविजुअल को RBI ने दिया लोन मोरेटोरियम का तोहफा, इन कंडीशंस में मिलेगा फायदा

केंद्रीय बैंक RBI ने इंडिविजुअल और छोटे कर्जदारों को अपना कर्ज चुकाने के लिए अधिक समय उपलब्ध करा दिया है.

Updated: May 05, 2021 3:27 PM
RBI announces moratorium on loans fresh lending to vaccine makers hospitals Check detailsआरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास ने आज बिना किसी पूर्वनिर्धारित कार्यक्रम के लोगों को बड़ा तोहफा दिया है.

केंद्रीय बैंक RBI ने आज बुधवार 5 अप्रैल को कुछ इंडिविजुअल और छोटे कर्जदारों को अपना कर्ज चुकाने के लिए अधिक समय उपलब्ध करा दिया है. आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास ने आज बिना किसी पूर्वनिर्धारित कार्यक्रम के आज संबोधित करते हुए कहा कि उन इंडिवुजअल्स और छोटे व मध्यम श्रेणी की कंपनियों को दो साल की अवधि तक मोरेटोरियम उपलब्ध होगा जिन्होंने पिछले साल 2020 में अपने कर्ज को रीस्ट्रक्चर नहीं किया था और मार्च 2021 तक लोन खाते स्टैंडर्ड अकाउंट्स के तौर पर क्लासीफाइड किए गए थे. आरबीआई के इस एलान का 25 करोड़ रुपये तक के कर्जदारों को फायदा मिलेगा.

एलान के मुताबिक इस योजना के तहत सभी बैंक और लेंडिंग इंस्टीट्यूशंस 30 सितंबर 2021 तक लोन को रीस्ट्रक्चर कर सकेंगी. जिन लोगों ने पिछले साल 2020 में लोन रीस्ट्रक्चरिंग का फायदा उठा लिया था, उन्हें भी इस योजना का फायदा मिलेगा. पिछले साल लोन रीस्ट्रक्चरिंग के तहत 2 साल तक के मोरेटोरियम का फायदा मिला था, ऐसे लोगों को इस साल रीस्ट्रक्चरिंग के तहत मोरेटोरियम अवधि को कुल 2 साल की अवधि तक बढ़ाया जा सकता है.

इसके अलावा केंद्रीय बैंक ने वैक्सीन बनाने वाली कंपनियों, अस्पतालों और कोरोना से जुड़े हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर को प्रॉयोरिटी के तौर पर लोन उपलब्ध कराने के लिए बैंकों को मंजूरी दी है. आरबीआई के एलान के मुताबिक इसके लिए रेपो रेट पर 31 मार्च 2020 तक तीन साल की अवधि के लिए लोन लिया जा सकता है.

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हर केस के लिए अलग होगी रीस्ट्रक्चरिंग

कोरोना महामारी की दूसरी लहर के चलते लिक्विडिटी का संकट बना हुआ है जिसके चलते इंडिविजुअल कर्जदार प्रभावित हुए हैं. सभी खरीदार ऐसी स्थिति में नहीं है कि वे समय पर ईएमआई का भुगतान कर सकें हैं. ऐसे में अपने लेंडर के पास जाकर लोन के रीस्ट्रक्चर के लिए अनुरोध कर सकते हैं. इसके तहत दो साल की अवधि तक की राहत मिल सकती है. हालांकि रीस्ट्रक्चरिंग बैंक द्वारा निर्धारित कंडीशंस के मुताबिक हर केस के लिए अलग होगी. आरबीआई के इस एलान का फायदा पिछले साल रीस्ट्रक्चरिंग का फायदा उठाने वालों को भी मिलेगा और जिन्होंने नहीं उठाया, उन्हें भी मिलेगा.

हेल्थ सेक्टर को 50 हजार करोड़ लिक्विडिटी सपोर्ट

आरबीआई ने बैंकों को कुछ विशेष प्रकार के कर्ज बांटने की स्थिति में 50 हजार करोड़ रुपये के लिक्वडिटी सपोर्ट देने की बात कही है. आरबीआई के एलान के मुताबिक वैक्सीन बनाने वाली कंपनियों, वैक्सीन के आयातक/सप्लायर्स व प्रॉयोरिटी मेडिकल डिवाइसेज, ऑक्सीजन व वेंटिलेटर्स के मैनुफैक्चरर्स व सप्लायर्स, वैक्सीन व कोरोना से संबंधित दवाइयों के आयातक, लॉजिस्टिक्स फर्म्स और मरीजों के इलाज के लिए नया कर्ज उपलब्ध कराने के लिए आरबीआई लिक्विडिटी सपोर्ट देगा. ये लोन 3 साल की अवधि के लिए रेपो रेट पर 31 मार्च 2020 तक उपलब्ध होंगे,

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