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G-Sec: RBI के एलानों से बॉन्ड मार्केट में आएगी तेजी! क्या सरकारी बांड में लगाना चाहिए पैसे?

Should you invest in G-Sec: RBI की सरकारी बांड की खरीद से बॉन्ड मार्केट में तेजी आएगी और बॉन्ड यील्ड को कम करने में मदद मिलेगी.

Updated: May 05, 2021 4:12 PM
Should you invest in G-SecShould you invest in G-Sec: RBI की सरकारी बांड की खरीद से बॉन्ड मार्केट में तेजी आएगी और बॉन्ड यील्ड को कम करने में मदद मिलेगी.

Should you invest in G-Sec: कोरोना की दूसरी लहर के खतरे को देखते हुए रिजर्व बैंक आफ इंडिया (RBI) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने ऐलान किया है कि 35000 करोड़ रुपये की गर्वमेंट सिक्योरिटीज की खरीद (GSAP) का दूसरा चरण 20 मई को शुरू किया जाएगा. कोरोना का अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले निगेटिव असर को देखते हुए सेंट्रल बैंक ने ये एलान किया है. माना जा रहा है कि सरकारी बांड की खरीद से बॉन्ड मार्केट में तेजी आएगी और बॉन्ड यील्ड को कम करने में मदद मिलेगी. इसके पहले GSAP के पहले चरण के तहत अप्रैल में 25000 करोड़ के सरकारी बांड की खरीइ की गई थी. इसे बाजार का शानदार रिस्पांस मिला था. कोरोना की दूसरी लहर से अर्थव्यवस्था को उबारने के लिए शक्तिकांत ने कुछ और भी बड़े एलान किए हैं.

क्या है G-sec?

गवर्नमेंट बांड ऐसा डेट इंस्ट्रूमेंट है, जिसकी खरीद-फरोख्त होती है. केंद्र और राज्य सराकरों इन्हें जारी करती हैं. केंद्र या राज्यों की सरकारों को कई बार फंड की जरूरत पड़ती है. कई बार लिक्विडिटी क्राइसिस की स्थिति बनती है. ऐसे में बाजार से पैसा जुटाने के लिए वे ऐसे बांड जारी करती हैं. यह छोटी और लंबी अवधि दोनों के लिए जारी किए जाते हैं. सिक्युरिटी एक साल से अधिक की अवधि के लिए जारी की जाती है तो इसे गवर्नमेंट बांड कहते हैं.

बता दें कि बॉन्ड की यील्ड और बॉन्ड की कीमत के बीच विपरीत संबंध होता है. बॉन्ड की कीमत बढ़ने पर उसकी यील्ड घट जाती है. बॉन्ड की कीमत घटने पर उसकी यील्ड बढ़ जाती है. पिछले कुछ समय से बॉन्ड की यील्ड लगातार बढ़ रही थी. बॉन्ड यील्ड का बढ़ना इकोनॉमी के लिए अच्छे संकेत नहीं होते हैं.

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सुरक्षित विकल्प तलाश रहे हैं लोग

यहां उन लोगों को पैसे लगाने चाहिए, जो अपने निवेश पर सुरक्षित और स्थिर रिटर्न चाहते हैं. कोविड के चलते मौजूदा समय में निवेशकों का फोकस ऐसे विकल्पों पर बढ़ रहा है, जहां उनका पैसा सुरक्षित रहे और गारंटेड रिटर्न मिल सके. इन विकल्पों में एफडी, आरडी, टैक्स फ्री बांड के साथ गवर्नमेंट सिक्युरिटीज (G-sec) भी शामिल हैं. गवर्नमेंट सिक्युरिटीज डेट इंस्ट्रूमेंट होते हैं, जो केंद्र या राज्य सरकारों द्वारा जारी किए जाते हैं. सरकार द्वारा जारी होने की वजह से ये सुरक्षित विकल्प माने जाते हैं. डेट म्यूचुअल फंड भी अपना पैसा सरकारी G-sec में निवेश करते हैं. ब्याज दरें अभी निचले सतरों पर है. ऐसे में यह अभी निवेश के लिए बेहतर विकल्प हो सकता है.

क्या स्माल सेविंग्स से अच्छा है विकल्प

कई ऐसे गवर्नमेंट बांड हैं, जिनमें पिछले 5 साल का रिटर्न 7 से 8 फीसदी सालाना तक है. वहीं कुछ 10 साल के मेच्योरिटी वाले बांड भी हैं, जिनमें 10 फीसदी सालाना तक के हिसाब से रिटर्न मिला है. अगर सही स्कीम का चुनाव करें तो रिटर्न के लिहाज से यह एफडी से बेहतर हो सकता है. वहीं इसमें 10 साल की मेच्योरिटी वाली स्कीम भी है. अगर आप G-Sec में निवेश करते हैं और तीन साल से अधिक समय तक निवेश बनाये रखते हैं तो म्यूचुअल फंड के माध्यम से निवेश करने पर आप इनकम टैक्स में लाभ उठा सकते हैं.

बीते 5 साल के दौरान IDFC गवर्नमेंट सिक्युरिटीज कांसटेंट मेच्योरिटी, ABSL गवर्नमेंट सिक्युरिटीज, DSP गवर्नमेंट सिक्युरिटीज, DSP 10Y G-Sec और LIC MF गवर्नमेंट सिक्युरिटीज ने 8 से 9 फीसदी तक रिटर्न दिए हैं. जबकि 5 साल की एफडी पर प्रमुख बैंक 5.75 फीसदी से 6.25 फीसदी सालाना के हिसाब से ब्याज दे रहे हैं.

कैसे करें निवेश

ब्रोकरेज प्लेटफॉर्म की मदद से इसमें निवेश किया जा सकता है. म्यूचुअल फंड के माध्यम से अप्रत्यक्ष तरीके से भी गवर्नमेंट बांड में निवेश कर सकते हैं. क्योंकि डेट फंड अपना पैसा इसमें लगाते हैं.

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