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रेपो रेट में कटौती से शेयर बाजार को मिलेगा बूस्ट, रेट सेंसिटिव सेक्टर्स होंगे विनर

Rate Sensitive Stocks: रेपो रेट में कटौती से रेट सेंसिटिव सेक्टर्स को फायदा होगा.

Published: February 8, 2019 7:55 AM
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Rate Sensitive Sectors: आरबीआई (RBI) ने मुद्रास्फीति में नरमी को देखते हुए रेपो रेट में 17 महीने बाद 0.25 फीसदी की कटौती की है. इसके बाद रेपो रेट घटकर 6.25 फीसदी हो गया है. एक्सपर्ट मान रहे हैं कि रिजर्व बैंक का यह कदम शेयर बाजार (Stock Market) के लिए सही समय पर उठाया गया कदम है. इससे न सिर्फ इंडस्ट्री को बूस्ट मिलेगा, इकोनॉमी के लिए भी यह बेहतर कदम साबित होगा. एक्सपर्ट का कहना है कि इससे लिक्विडिटी की समस्या भी दूर होगी और क्रेडिट ग्रोथ सुधरेगा. रेट कट से आटोमोबाइल, एनबीएफसी और बैंक जैसे Rate Sensitive सेक्टर्स को फायदा मिलेगा.

बाजार को ऐसे मिलेगा फायदा

इसे ऐसे समझ सकते हैं कि भारत में लिस्टेड कंपनियां हर तिमाही में करीब 2 लाख करोड़ रुपए ब्याज के रूप में चुकाती हैं. इस लिहाज से सालाना उन्हें 8 लाख करोड़ रुपए पे करना पड़ता है. अगर ब्याज दरों में 25 बेसिस प्वॉइंट की भी कटौती होती है तो कंपनियों का सालाना 20 हजार करोड़ रुपए बचेगा. वहीं, कर्ज सस्ता होने से ऑटो और रियल्टी सेक्टर में डिमांड बढ़ेगी. दूसरी ओर बैंकों का लोनबुक भी बेहतर होगा. जिन कंपनियों पर बड़ा कर्ज है, उन्हें भी राहत मिलेगी.

क्या कहना है एक्सपर्ट का

Avighna Trades के फाउंडर और मैनेजिंग पार्टनर शिवेंद्र फौजदार का कहना है कि RBI MPC ने ब्याज दरों में 25 बेसिस प्वॉइंट की कटौती कर बाजार को चौंका दिया है. महंगाई कंट्रोल में रहने और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आने के साथ ट्रेड वार में नरमी आने से दरें कम करने के लिए स्पेस बना. फिलहाल यह कदम खासतौर से सरकारी बैंकों की सेहत को बूस्ट देने वाला है, जिसका सीधा फायदा बाजार को मिलेगा.

Epic Research के सीईओ नदीम मुस्तफा का कहना है कि बाजार के लिहाज से बात करें तो आरबीआई द्वारा यह सही समय पर उठाया गया कदम है. इससे लिक्विडिटी की समस्या दूर हो सकती है, वहीं क्रेडिट ग्रोथ में सुधार आएगा. इससे बैंक, रीयल्टी, एनबीएफसी के अलावा आटो जैसे रेट सेंसिटिव सेक्टर्स को फायदा मिलेगा. उनका कहना है कि आगे मुथ्थूट फाइनेंस, हीरो मोटोकॉर्प और मन्नापुरम फाइनेंस जैसे शेयरों में तेजी आ सकती है.

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CapitalAim के रिसर्च हेड देबाब्रत भट्टाचारजी का कहना है कि केंद्र सरकार भी रेट कट की उम्मीद कर रही थी. RBI द्वारा रेट कट किए जाने से इंडस्ट्री को बूस्ट मिलेगा, जिसका सीधा फायदा इकोनॉमी को होगा. हालांकि यह देखने वाली बात होगी कि क्या इसका फायदा बैंक भी लोगों को देते हैं या नहीं. जहां तक स्टॉक मार्केट की बात है तो ज्यादातर ब्रोकरेज हाउस इस बात की उम्मीद कर रहे थे. ऐसे में बाजार के लिए यह फैक्टर डिस्काउंट हो चुका है कि आरबीआई द्वारा 25 बेसिस प्वॉइंट की बढ़ोत्तरी हो सकती है. ऐसे में बाजार में कुछ प्रॉफिट बुकिंग भी देखी जा रही है. नियर टर्म की बात करें तो बाजार के लिए बड़ी रैली का स्कोप नहीं है.

रीयल्टी सेक्टर में रिवाइवल आएगा

रिजर्व बैंक की तरफ से रेपो रेट में कटौती के फैसले से लिक्विडिटी की किल्लत से जूझ रहे रीयल्टी सेक्टर में रिवाइवल आएगा. Knight Frank के सीएमडी शिशिर बैजल का कहना है कि रेट का फायदा बैंक कंज्यूमर के दे सकते हैं, ऐसे में उनके लिए मकान खरीदने का फैसला आसान होगा. NAREDCO के प्रेसिडेंट निरंजन हिरानंदानी का कहना है कि रिजर्व बैंक के फैसले से इकोनॉमी में न केवल लिक्विडिटी की किल्लत कम होगी, बल्कि इससे निवेश को बूस्ट मिलेगा. इकोनॉमिक ग्रोथ के लिए यह सकारात्मक पहल है. JLL India के सीईओ और कंट्री हेड रमेशन नायर का कहना है कि वास्तविक होम बायर अब गंभीरता से मकान खरीदने का फैसला लेंगे.

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