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PolicyBazaar IPO: महंगा इश्यू और घाटे में चल रही कंपनी में निवेश को लेकर उलझन? पैसे लगाएं या दूर रहने में ही भलाई, एक्सपर्ट्स की ये है राय

PolicyBazaar IPO: पॉलिसीबाजार की पैरेंट कंपनी पीबी फिनटेक के आईपीओ में निवेश को लेकर निवेशकों के मन में उलझन है क्योंकि यह घाटे में चल रही है और इसका वैल्यूएशन भी महंगा दिख रहा है.

Updated: Nov 01, 2021 3:15 PM
“We are lucky as a company to solve a problem where we can educate people about the need for life and health insurance,” Yashish Dahiya, co-founder, PB Fintech, said at the listing ceremony.“We are lucky as a company to solve a problem where we can educate people about the need for life and health insurance,” Yashish Dahiya, co-founder, PB Fintech, said at the listing ceremony.

PolicyBazaar IPO: इंश्योरेंस एग्रीगेटर पॉलिसीबाजार की पैरेंट कंपनी PB Fintech का 5625 करोड़ रुपये का आईपीओ आज सब्सक्रिप्शन के लिए खुल गया है. इस इश्यू के तहत 3750 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी होंगे जबकि 1875 करोड़ रुपये के शेयर ऑफर फॉर सेल के तहत इश्यू होंगे. प्राइमरी मार्केट की बात करें तो इसके भाव प्राइस बैंड के अपर प्राइस 980 रुपये के मुकाबले करीब 150 रुपये प्रीमियम पर हैं. हालांकि इसमें निवेश को लेकर निवेशकों के मन में उलझन है क्योंकि यह घाटे में चल रही है और इसका वैल्यूएशन भी महंगा दिख रहा है. इन सब वजहों से इस इश्यू को लेकर एनालिस्ट्स की भी मिली-जुली राय है.

पीबी फिनटेक इंश्योरेंस और लोन के लिए अग्रणी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है. कंपनी के वित्तीय स्थिति की बात करें तो पिछले तीन वित्त वर्षों में इसे मुनाफा नहीं हुआ है लेकिन रेवेन्यू लगातार बढ़ा है और नुकसान धीरे-धीरे घट रहा है.

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निवेश को लेकर एक्सपर्ट्स की ये है राय

  • अनलिस्टेडएरेनाडॉटकॉम के फाउंडर अभय दोशी के मुताबिक देश में बढ़ती वित्तीय साक्षरता और गाड़ी बीमा से जुड़े कानून के चलते इंश्योरेंस सेक्टर आगे बढ़ रहा है और पीबी फिनटेक जैसी कंपनियों की ग्रोथ हो रही है. हालांकि दोशी के मुताबिक प्राइस बैंड के अपर प्राइस के हिसाब से इसका सेल्स के मुकाबले इश्यू का प्राइस 44 गुना है जो महंगा दिख रहा है. दोशी के मुताबिक इसमें 15-20 फीसदी का लिस्टिंग गेन दिख सकता है लेकिन निवेशकों को लांग टर्म के लिए निवेश करने से पहले इसके प्रदर्शन पर नजर बनाए रखनी होगी और फिर उसके मुताबिक फैसला लेना होगा.

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  • जेएसटी इंवेस्टमेंट्स के सीओओ आदित्य कोंडवार के मुताबिक भारत में अभी इंश्योरेंस सेक्टर बहुत बड़ा नहीं है और ऑनलाइन इंश्योरेंस बहुत ही कम तो एग्रीगेटर्स/ऑनलाइन ब्रोकर्स के लिए स्कोप बहुत अधिक है. हालांकि अब पॉलिसीबाजार जैसे एग्रीगेटर्स के प्लेटफॉर्म की बजाय ब्रोकरेज, फिनेटक कंपनियां और लाइव व जनरल इंश्योरेंस कंपनियां अपना खुद का प्लेटफॉर्म तैयार कर रही हैं. एचडीएफसी एर्गो और आईसीआईसीआई लोम्बार्ड पहले ही पॉलिसीबाजार से बाहर निकल चुकी हैं. इसके अलावा यह घाटे में चल रही है और इश्यू भी महंगा है. ऐसे में कोंडवार ने इसे अवाइड की रेटिंग दी है.
  • INDmoney ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि चूंकि यह तकनीक आधारित स्टार्टअप है तो इसके प्रीमियम वैल्यूएशन को लेकर अधिक चिंता नहीं करनी चाहिए. पिछले हफ्ते इसके शेयर अनलिस्टेड मार्केट में 2100-2300 रुपये के भाव पर थे. रिपोर्ट में एनालिस्ट्स ने कहा कि जो निवेशक तकनीक आधारित प्लेटफॉर्म में निवेश पर अधिक रिस्क उठा सकते हैं, उन्हें इस इश्यू में निवेश को लेकर विचार करना चाहिए.
    (आर्टिकल: सुरभि जैन)
    (स्टोरी में दिए गए स्टॉक रिकमंडेशन संबंधित रिसर्च एनालिस्ट व ब्रोकरेज फर्म के हैं. फाइनेंशियल एक्सप्रेस ऑनलाइन इनकी कोई जिम्मेदारी नहीं लेता. पूंजी बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन हैं. निवेश से पहले अपने सलाहकार से जरूर परामर्श कर लें.)

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