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  1. कई राज्यों में रोक और जागरुकता के बावजूद तेजी से बढ़ रहा प्लास्टिक, अगले 5 साल में दोगुना होगा कारोबार

कई राज्यों में रोक और जागरुकता के बावजूद तेजी से बढ़ रहा प्लास्टिक, अगले 5 साल में दोगुना होगा कारोबार

प्लास्टिक उद्योग जगत ने सरकार से सहारा देने और राहत की मांग की है.

June 26, 2019 10:13 PM
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कई राज्यों में प्लास्टिक के इस्तेमाल पर रोक लगाये जाने और इसके इस्तेमाल से पर्यावरण को होने वाले नुकसान के प्रति लोगों के बीच बढ़ती जागरुकता के बावजूद प्लास्टिक उद्योग का कारोबार 2025 तक दोगुना होकर पांच लाख करोड़ रुपये हो जाने का अनुमान है. उद्योग जगत ने इसके लिये सरकार से उद्योग को सहारा देने और राहत की मांग की है. इनमें बजट में प्लास्टिक पर आयात शुल्क नहीं बढ़ाना भी शामिल है. अखिल भारतीय प्लास्टिक विनिर्माता संघ (AIPMA) के अनुसार अभी प्लास्टिक उद्योग का आकार 2.25 लाख करोड़ रुपये का है. इस उद्योग में 45 लाख लोगों को रोजगार मिला हुआ है. एआईपीएमए ने एक बयान में कहा कि यदि सरकार सही तरीके से समर्थन दे तो प्लास्टिक उद्योग अगले पांच साल में दो गुना होकर पांच लाख करोड़ रुपये का हो जाएगा.

आयात सीमा शुल्क बढ़ाकर 20 फीसदी करने की मांग

संघ ने कहा कि कच्चे माल पर आयात शुल्क बढ़ाने से आपूर्ति बाधित होगी. इससे देश में 50,000 प्लास्टिक प्रसंस्करणकर्ताओं की लागत प्रतिस्पर्धा पर असर पड़ेगा. एआईपीएमए ने सरकार से प्लास्टिक के तैयार सामान के आयात पर सीमा शुल्क बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने की मांग है, जिससे देश में सस्ती और असुरक्षित सामग्री का आयात रुक सके. संघ ने कहा कि इसके अलावा प्लास्टिक के सस्ते तैयार सामान पर डंपिंग रोधी शुल्क लगाया जाना चाहिए. संघ ने कहा है कि कच्चे माल और तैयार सामान के आयात पर सीमा शुल्क में न्यूनतम 12.5 प्रतिशत का अंतर रखा जाना चाहिए ताकि तैयार माल के आयात को हतोत्साहित किया जा सके.

2022 तक सिंगल यूज प्लास्टिक पर रोक लगाने की योजना

प्लास्टिक उद्योग का कारोबार ऐसे समय में बढ़ने का अनुमान लगाया जा रहा है जब देश के कई राज्यों में इस पर रोक लगाई जा रही है. महाराष्ट्र, तमिलनाडु, दिल्ली और हिमाचल प्रदेश समेत कई राज्यों ने प्लास्टिक से बने सामानों के इस्तेमाल पर आंशिक रोक लगाई है. केंद्र सरकार की भी 2022 तक एक बार इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक सामानों पर रोक लगाने की योजना है.

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