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Oil & Gas: ऑयल मार्केटिंग कंपनियों की कमाई पर बढ़ा दबाव, HPCL, BPCL, IOCL में कैसे बनाएं मुनाफे की स्ट्रैटेजी?

बीते 1.5 महीने से रिटेल फ्यूल की कीमतों में किसी तरह की बढ़ोतरी नहीं हुई है. इस वजह से कंपनियों की अर्निंग पर दबाव बढ़ा है और मार्केटिंग संकट जारी है.

पिछले कुछ दिनों से ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) के शेयरों पर दबाव दिख रहा है. (file)

Stock Strategy: पिछले कुछ दिनों से ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) के शेयरों पर दबाव देखने को मिल रहा है. असल में बीते 1.5 महीने से रिटेल फ्यूल की कीमतों में किसी तरह की बढ़ोतरी नहीं हुई है. इस वजह से कंपनियों की अर्निंग पर दबाव बढ़ा है और मार्केटिंग संकट जारी है. ब्रोकरेज हाउस ने OMCs के कमजोर आउटलुक को देखते हुए FY23-24E के लिए अर्निंग का अनुमान 15-60 फीसदी घटा दिया है. ब्रोकरेज का कहना है कि पेट्रोल और डीजल के प्राइसिंग डिसिजन में शॉर्प टर्नअराउंड और कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट प्रमुख रिस्क फैक्टर ​है.

मार्केटिंग संकट जारी

ब्रोकरेज हाउस आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज का कहना है कि OMCs के लिए मार्केटिंग संकट जारी है. कंपनियों का मैटेरियली घाटा बढ़ा है. रिफाइनिंग में लगातार मजबूती के बाद भी ओवरआल अर्निंग पर दबाव देखने को मिल रहा है. यह दबाव पिछले 3 महीने से देखने को मिल रहा है. पिछले 2 से 3 महीनों से इंटरनेशनल कीमतों में तेजी से विस्तार होने और रिटेल फ्यूल में कीमतें न बढ़ने के चलते, पेट्रोल और डीजल पर अनुमानित नुकसान Q1FY23 (17 के सप्ताह तक) के लिए 10.5/ लीटर और 12.5/ लीटर तक बढ़ गया है. जबकि यह Q4FY22 के लिए 1.5 रुपये/लीटर और 1.6/लीटर था.

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अर्निंग का अनुमान 15-60% घटाया

ब्रोकरेज हाउस आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज के अनुसार OMCs के लिए मार्केटिंग सेग्मेंट में लगातार नुकसान हो रहा है. इंटरनेशनल मार्केट में पेट्रोल और डीजल की कीमतें हाई बनी हुई हैं, लेकिन पिछजे 1.5 महीने से फ्यूल की कीमतों में कोई इजाफा नहीं हुआ है. इसे एक बहुत मजबूत रिफाइनिंग मार्जिन एन्वायरमेंट द्वारा ऑफसेट किया गया है. ब्रोकरेज का कहना है कि FY24E के लिए EPS कमजोर रहने का अनुमान है. ब्रोकरेज हाउस ने OMCs के लिए FY23-24E के लिए अर्निंग का अनुमान 15-60 फीसदी घटाया है. इसके पीछे हायर मार्केटिंग घाटा और हायर GRM अनुमान से आफसेट मुख्य वजह हैं. ब्रोकरेज हाउस ने HPCL के लिए रेटिंग डाउनग्रेड कर ADD से REDUCE कर दिया है. वहीं BPCL में BUY से ADD और IOCL में BUY रेटिंग बरकरार रखी है.

क्या हैं रिस्क फैक्टर

BPCL और HPCL के लिए बात करें तो पेट्रोल और डीजल के प्राइसिंग डिसिजन में श्शॉर्प टर्नअराउंड और कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट प्रमुख जोखिम हैं. रिफाइनिंग में तेज गिरावट और यहां तक ​​कि हायर मार्केटिंग लॉस IOCL के लिए रिस्क फैक्टर है.

(Disclaimer: स्टॉक में निवेश की सलाह ब्रोकरेज हाउस के द्वारा दी गई है. यह फाइनेंशियल एक्सप्रेस के निजी विचार नहीं हैं. बाजार में जोखिम होते हैं, इसलिए निवेश के पहले एक्सपर्ट की राय लें.)

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