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कोरोना के अलावा MSME पर नोटबंदी और जीएसटी का निगेटिव इफेक्ट, रोजगार के मौके में आई गिरावट

एमएसएमई पर न सिर्फ कोरोना महामारी का बल्कि नोटबंदी और जीएसटी कांप्लेक्सिटी का भी असर पड़ा है.

March 24, 2021 7:29 PM
Number of micro enterprises set up in FY20 declines UNDER PMEGP AND Employment dips DUE TO COVID 19 DEMONTIZATION GST COMPLEXITYRBI had issued a circular in August last year for clarity on the registration of existing businesses under EM part II and/or Udyog Aadhaar Memorandum (UAM).

Skill, Labour, Talent for MSMEs: कोरोना महामारी के चलते अधिकतर सेक्टर्स पर बुरा असर पड़ा है. हालांकि एमएसएमई की बात करें तो इस पर न सिर्फ कोरोना महामारी का बल्कि नोटबंदी और जीएसटी कांप्लेक्सिटी का भी असर पड़ा है. मोदी सरकार के प्रो-एंटरप्रेन्योरशिप स्कीम PMEGP (प्राइम मिनिस्टर्स एंप्लॉयमेंट जेनेरेशन प्रोग्राम) के तहत शुरु किए जाने वाले माइक्रो-एंटरप्राइजेज की संख्या में पिछले वित्त वर्ष 2019-20 में गिरावट रही. वित्त वर्ष 2019 में 73427 पीएमईजीपी माइक्रो-एंटरप्राइजेज सेट अप किए गए जबकि वित्त वर्ष 2019-20 में इसमें 9.2 फीसदी की गिरावट रही और महज 66,653 माइक्रो-एंटरप्राइजेज ही शुरू हो पाए.

खादी एंड विलेज इंडस्ट्रीज कमीशन (केवीआईसी) द्वारा इंप्लीमेंटेड बेनेफिशियरी यूनिट्स के जरिए रोजगार निर्माण में भी गिरावट रही. वित्त वर्ष 2019 में 5.87 लाख रोजगार निर्माण हुआ जबकि वित्त वर्ष 2020 में 5.33 लाख. इससे पहले वित्त वर्ष 2019 में वित्त वर्ष 2018 की तुलना में माइक्रो फर्म्स और रोजगार निर्माण की दर अधिक रही थी. वित्त वर्ष 2018 में 48398 फर्म्स सेटअप किए गए थे जबकि 3.87 लाख रोजगार का निर्माण हुआ था. केवीआईसी के चेयरमैन विनय कुमार सक्सेना से इस मामले में बातचीत के लिए संपर्क नहीं हो सका.

कोरोना के अलावा नोटबंदी और जीएसटी की बुरी मार

केवीआईसी की एक हालिया स्टडी के मुताबिक पीएमईजीपी के तहत 88 फीसदी माइक्रो-बेनेफिशएरीज पर कोरोना महामारी का नकारात्मक प्रभाव पड़ा. इन 88 फीसदी लोगों में 57 फीसदी लोगों के यूनिट्स कोरोवा काल में अस्थायी तौर पर बंद हो गए जबकि 30 फीसदी लोगों ने प्रोडक्शन और रेवेन्यू में गिरावट की बात कही है. केवीआईसी के आंकड़ों के मुताबिक पीएमईजीपी के तहत 24 मार्च 2021 तक 60867 माइक्रो एंटरप्राइजेज को 1834.2 करोड़ रुपये मार्जिन मनी के रूप में दिए गए. पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के इंडस्ट्री कमेटी के उपप्रमुख विश्वनाथ के मुताबिक एंटरप्राइजेज पर सिर्फ कोरोना का ही असर नहीं पड़ा है बल्कि इस पर अन्य बातों का भी प्रभाव पड़ा है. नोटबंदी, जीएसटी कांप्लैक्सिटी इत्यादि के चलते एमएसएमई पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा. विश्वनाथ के मुताबिक कोरोना ने 20-25 फीसदी एमएसएमई को प्रभावित किया जिन्होंने अपना प्रोडक्शन या तो कम कर दिया या अपने ऑपरेशंस बंद कर दिए लेकिन जीएसटी समस्या और नोटबंदी ने बुरी तरह प्रभावित किया.

PMEGP क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी प्रोग्राम

पीएमईजीपी एक प्रमुख क्रेडिट-लिंक्ड सब्सिडी प्रोग्राम है. इसका उद्देश्य गैर-कृषि सेक्टर में माइक्रो-एंटरप्राइजेज की स्थापना कर स्वरोजगार के मौके तैयार करना है. इसके तहत पारंपरिक शिल्पकारों और बेरोजगार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है. एमएसएमई मिनिस्टर नितिन गडकरी द्वारा राज्यसभा में एक प्रश्न के दिए गए लिखित जवाब के मुताबिक इस स्कीम के तहत नए यूनिट्स को सेटअप करने के लिए मैनुफैक्चरिंग सेक्टर में लाभार्थी 25 लाख रुपये तक का लोन हासिल कर सकते हैं और सर्विस सेक्टर में 10 लाख रुपये तक का लोन मिलता है. इस पर उन्हें विभिन्न श्रेणियों में 15-35 फीसदी तक की सब्सिडी दी जाती है. इस स्कीम को 2008 में शुरू किया गया था.

(Article: Sandeep Soni)

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