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कार्वी फ्रॉड केस: NSE ने किया आगाह, ब्रोकर्स के साथ पॉवर आफ अटार्नी करते समय रहें अलर्ट

एनएसई ने निवेशकों को स्टॉक ब्रोकर्स के साथ पावर ऑफ अटॉर्नी (PoA) निष्पादित करते समय सावधानी बरतने की सलाह दी है.

December 10, 2019 11:22 AM
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नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने सोमवार को निवेशकों को स्टॉक ब्रोकर्स के साथ पावर ऑफ अटॉर्नी (PoA) निष्पादित करते समय सावधानी बरतने की सलाह दी है. उन्हें उन सभी अधिकारों के बारे में भी निर्दिष्ट किया जो दलाल अपनी ओर से लागू कर सकते हैं. कार्वी स्टॉक ब्रोकिंग फ्रॉड मामले के बाद नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ने निवेशकों को इस बारे में आगाह किया है. एनएसई के अनुसार, निवेशकों को यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि ट्रेड के 24 घंटे के भीतर कांट्रैक्ट नोट प्राप्त हो.

95000 से ज्यादा ग्राहकों के साथ फ्रॉड

बता दें कि हाल ही में कार्वी स्टॉक ब्रोकिंग फ्रॉड का मामला आया था, जिसमें कार्वी कार्वी स्टॉक ब्रोकिंग लिमिटेड द्वारा अपने ग्राहकों द्वारा दिए गए पावर ऑफ अटॉर्नी का दुरुपयोग करके 95,000 से अधिक ग्राहकों के 2,300 करोड़ रुपये की प्रतिभूतियों को अनधिकृत रूप से अपने खुद के खाते में स्थानांतरित कर लिया था. सेबी ने 22 नवंबर को, कार्वी पर स्टॉक ब्रोकिंग गतिविधियों के संबंध में नए ग्राहकों को लेने से रोक दिया था.

फिलहाल प्रमुख स्टॉक एक्सचेंज एनएसई ने निवेशकों को पावर ऑफ अटॉर्नी निष्पादित करते समय सावधान रहने को कहा है. निवेशक उन सभी अधिकारों को निर्दिष्ट करें जो स्टॉक ब्रोकर अमल में ला सकते हैं और उस समय का उल्लेख करें जब तक यह पावर आफ अटार्नी (पीओए) मान्य है. बाजार नियामक सेबी या एक्सचेंजों के अनुसार पीओए अनिवार्य नहीं है.

NSE ने और क्या दी सलाह

एनएसई के अनुसार, निवेशकों को यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि ट्रेड के 24 घंटे के भीतर कांट्रैक्ट नोट प्राप्त हो और ब्रोकर से कम से कम एक तिमाही में खाते का विवरण प्राप्त किया जाए. इसके अलावा, निवेशकों को अपने खातों में नियमित रूप से लॉग—इन करने के लिए कहा गया है ताकि वे डिपॉजिटरी से प्राप्त बैलेंस और डीमैट स्टेटमेंट को सत्यापित कर सकें. कारोबार सदस्य द्वारा रिपोर्ट किए गए फंड्स और शेष प्रतिभूतियों के बारे में मासिक आधार पर एक्सचेंज द्वारा भेजे गए संदेश की जांच कर सकें.

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