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Nifty 50 ETF: बाजार की तेजी में चुनें रिस्क फ्री इन्वेस्टमेंट, कम लागत में मिल रहा है दमदार रिटर्न

Mutual Funds: अगर आप रिस्क फ्री निवेश की तलाश में हैं तो Nifty 50 ETF आपके लिए म्यूचुअल फंड का सेफ विकल्प हो सकता है.

November 29, 2020 10:18 AM
Nifty 50 ETFMutual Funds: अगर आप रिस्क फ्री निवेश की तलाश में हैं तो Nifty 50 ETF आपके लिए म्यूचुअल फंड का सेफ विकल्प हो सकता है.

Nifty 50 ETF: शेयर बाजार अपने रिकॉर्ड हाई पर है. दिवाली के बाद से सेंसेक्स और निफ्टी हर ट्रेडिंग डे पर नई उंचाइयों तक पहुंच रहे हैं. ऐसे में बाजार का वैल्युएशन हाई होना वाजिब है. पिछले 6 से 7 महीनों के दौरान बाजार में लगातार तेजी रही है और इक्विटी मार्केट में कई शेयरों का वैल्युएशन ज्यादा हो गया है. लॉर्जकैप के साथ मिडकैप में भी इस दौरान रैली देखने को मिली है. मौजूदा स्थिति में बाजार में करेक्शन की आशंका को लेकर निवेशक कनफ्यूज हैं. एक ओर बाजार का हाई वैल्युएशन और दूसरी ओर कोरोना के बढ़ रहे मामले कनफ्यूजन और बढ़ा रहे हैं. इस स्थिति में एक्सपर्ट रिस्क फ्री निवेश की सलाह दे रहे हैं. अगर आप भी किसी ऐसे ही विकल्प की तलाश में हैं तो Nifty 50 ETF आपके लिए म्यूचुअल फंड का सेफ विकल्प हो सकता है.

किसे लगाना चाहिए पैसा

एक्सपर्ट का मानना है कि कंजर्वेटिव निवेशकों के लिए अभी ईटीएफ में निवेश बेहतर विकल्प हो सकता है. ईटीएफ या एक्सचेंज ट्रेडेड फंड शेयरों के एक सेट में निवेश करते हैं. ये अमूमन एक खास इंडेक्स को ट्रैक करते हैं. ईटीएफ को केवल स्टॉक एक्सचेंज से खरीदा या बेचा जा सकता है, जिस तरह आप शेयरों को खरीदते हैं.

निवेश की लागत बेहद कम

Nifty 50 ETF की खासियत है कि इस सेग्मेंट में स्कीम में शामिल स्कीम का एक्सपेंस रेश्यो बेहद कम है. एक्सपेंस रेश्यों कम होने का मतलब है कि आपके निवेश की लागत यहां कम हो जाएगी. एक्सपेंस रेश्यो का मतलब है कि किसी फंड में निवेश के बाद अपने पैसे को मैनेज करने के लिए आप फंड हाउस को हर साल कितना पेमेंट करते हैं.

एक्सपेंस रेश्यो कम या ज्यादा होने का मतलब आप ऐसे समझ सकते हैं कि मान लिया आपने किसी फंड में 10 हजार रुपये निवेश किया और फंड का एक्सपेंस रेश्यो 1.5 फीसदी है. ऐसे में आपको फंड हाउस को एक्सपेंस रेश्यो के रूप में 150 रुपये एक साल में भुगतान करना होगा. दूसरे तरह से देखा जाए तो मान लीजिए कि आपने उस फंड में 10 फीसदी सालाना रिटर्न हासिल किया है तोक आपका वास्तविक रिटर्न 8.5 फीसदी रह जाएगा.

इंडेक्स जैसा रिटर्न

यह इंडेक्स का ही रेप्लिका होता है. कहने का मतलब यह है कि इंडेक्स में जितनी तेजी आएगी, अमूमन इन्हें भी ग्रोथ का उतना फायदा मिल सकता है. एक और फायदा है कि यह इंडेक्स में शामिल शेयरों में निवेश करता है, जिसका मतलब है कि आपका पोर्टफोलियो खुद ही डाइवर्सिफाई हो जाता है.

HDFC निफ्टी 50 ETF

एक्सपेंस रेश्यो: 0.05 फीसदी
एसेट: 469 करोड़

6 महीने का रिटर्न: 36.09 फीसदी
1 साल का रिटर्न: 8.32 फीसदी
लांच डेट: 09 दिसंबर, 2015
लांच के बाद से रिटर्न: 12.58 फीसदी

ICICI प्रू निफ्टी 50 ETF

एक्सपेंस रेश्यो: 0.05 फीसदी
एसेट: 1360 करोड़

6 महीने का रिटर्न: 36.05 फीसदी
1 साल का रिटर्न: 8.37 फीसदी
लांच डेट: 20 मार्च, 2013
लांच के बाद से रिटर्न: 12.64 फीसदी

UTI निफ्टी ETF

एक्सपेंस रेश्यो: 0.07 फीसदी
एसेट: 18647 करोड़

6 महीने का रिटर्न: 36.09 फीसदी
1 साल का रिटर्न: 8.30 फीसदी
लांच डेट: 26 अगस्त, 2015
लांच के बाद से रिटर्न: 11.77 फीसदी

कोटक निफ्टी ETF

एक्सपेंस रेश्यो: 0.12 फीसदी
एसेट: 879 करोड़

6 माह का रिटर्न: 36.04 फीसदी
1 साल का रिटर्न: 8.23 फीसदी
लांच डेट: 2 फरवरी, 2010
लांच के बाद से रिटर्न: 10.60 फीसदी

(सोर्स: वैल्यू रिसर्च)

(Note: यहां जानकारी बीपीएन फिनकैप के डायरेक्टर एके निगम से भी बात चीत के आधार पर दी गई है.)

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