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शेयर बाजार में अभी-अभी शुरू किया है निवेश, इन 4 बातों का जरूर रखें ध्यान

शेयर बाजार में नया-नया निवेश शुरू करने वालों को यह एक ऐसी जगह लग सकती है, जहां कोई भी आसानी से जल्दी पैसा बना सकता है. लेकिन यह सच नहीं है.

October 25, 2020 7:28 AM
New in equity market, follow these tips to manage Emotional Upheavals, How To Manage The Emotional Upheavals Of The Stock MarketRepresentative Image: PTI

Stock Market Tips: शेयर बाजार में नया-नया निवेश शुरू करने वालों को यह एक ऐसी जगह लग सकती है, जहां कोई भी आसानी से जल्दी पैसा बना सकता है. लेकिन यह सच नहीं है. शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव चलता रहता है, लिहाजा बाजार में जीतना-हारना, या निवेश में लाभ कमाना और नुकसान उठाना, एक ही सिक्के के दो पहलू हैं. स्टॉक कॉम्प्लेक्स वेरिएबल्स से संचालित होते हैं, और बाजार के मूल सिद्धांतों को समझने में समय लगता है. शेयर बाजार में निवेश करने वालों को बाजार के उतार-चढ़ाव के साथ भावनात्मक उथल पुथल का सामना करना पड़ता है. इस उथल पुथल को मैनेज करना हर निवेशक को आना चाहिए. स्टॉक मार्केट के उथल-पुथल वाले चरणों में अपनी भावनाओं को काबू करने में मदद के लिए तीन टिप्स मददगार हो सकते हैं.

1. …नुकसान तो होना ही है

अपनी निवेश यात्रा शुरू करने से पहले आपको यह समझना चाहिए कि शेयर बाजारों में नुकसान तो होता ही है. अनुभवी और प्रसिद्ध निवेशकों ने भी अपने जीवन के कुछ पड़ावों पर भारी नुकसान उठाया है. लेकिन असफलताओं के बाद भी उन्होंने अपना संयम बनाए रखा और मार्केट को नहीं छोड़ा.

2. ऐसे कम कर सकते हैं जोखिम

एक निवेशक के रूप में आपको यह ध्यान रखना चाहिए कि भले ही नुकसान होता है, विवेकपूर्ण निवेश निर्णय लेने से जोखिम को कम किया जा सकता है. इसका मतलब है कि कंपनियों के विविध पोर्टफोलियो में आपकी गाढ़ी कमाई का निवेश. आपको कंपनियों पर हमेशा नजर रखनी होगी कि किन कंपनियों में विकास की भरपूर क्षमता है और वह कंपनी ऐसा प्रदर्शित भी कर रही है.

शेयरों का विविधतापूर्ण पोर्टफोलियो होने से यह सुनिश्चित होगा कि भले ही आपके पसंदीदा शेयरों में से एक हिस्सा उम्मीदों पर खरा न उतरे, या बुरी तरह से प्रदर्शन करे, फिर भी आपके पास बचा हुआ हिस्सा आपके लिए नुकसान की भरपाई करेगा. दूसरे शब्दों में अपने निवेश पोर्टफोलियो को बनाते समय, आपको हमेशा रिस्क टू रिवॉर्ड रेश्यो को ध्यान में रखना चाहिए. इसके साथ-साथ आपके पास एक मजबूत पूंजी प्रबंधन रणनीति भी होनी चाहिए। आपकी पूंजी की रक्षा लंबे समय में आपके नुकसान को कम करने में मदद करेगी.

3. शेयर बाजार के बुलबुले में न फंसें

शेयर बाजार के भावनात्मक उथल-पुथल को मैनेज करने की एक और टिप्स है कि शेयर बाजार के बुलबुले में न फंसे- जिसे अक्सर शेयर बाजार को लेकर तर्कहीन आशावादी होना भी कह सकते हैं. शेयर बाजार के बुलबुले के मामले में लोगों का मानना है कि शेयरों का प्रदर्शन बेहतर होगा. आमतौर पर शेयर बाजार के बुलबुले को साइकिल द्वारा दिखाया जाता है, जहां त्वरित विस्तार होता है, जिसकी जगह केवल संकुचन ही ले सकता है. शेयर बाजार के बुलबुले में निवेशकों द्वारा खरीद फरोख्त की जाती है. जब बड़ी संख्या में निवेशक तुरंत लाभ कमाने के उद्देश्य के साथ खरीद शुरू करते हैं तो स्टॉक दुर्लभ हो जाते हैं. इससे ऐसे परिदृश्य सामने आते हैं जहां शेयरों की कीमतें आसमान छूती हैं. याद रखें, ऐसे मामलों में शेयरों की कीमतों में तेजी का कंपनी के अंतर्निहित मूल्य में वृद्धि से कोई लेना-देना नहीं है.

कुछ समय बाद निवेशक यह महसूस करना शुरू करते हैं कि शेयरों की कीमत में वृद्धि का कोई व्यवहारिक कारण नहीं था, और वे शेयरों को बेचना शुरू कर देते हैं. हर्ड मेंटेलिटी या झुंड मानसिकता शेयर बाजार के बुलबुले की एक प्रमुख विशेषता है और एक बेचना शुरू करता है तो बाकी निवेशक भी जल्द से जल्द अपने स्टॉक बेचना शुरू करते हैं.  चूंकि, अब बाजार नीचे जाने लगता है, और कई निवेशकों को काफी नुकसान होता है. जैसे ही बाजार खुद को करेक्ट करना शुरू करता है, बुलबुला पंचर हो जाता है या फट जाता है. शेयर बाजार का बुलबुला फटने से बाजार का अवमूल्यन हो सकता है, या बाजार में दुर्घटना हो सकती है. निवेशकों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ता है, बाजार की रिकवरी दर बहुत धीमी हो जाती है. इस प्रकार, एक निवेशक के रूप में आपको बुलबुले से बचना चाहिए और अपने तर्कसंगत शांति को बनाए रखना चाहिए.

4. फंडामेंटल्स पर ट्रेड

स्टॉक की कीमतें रातोंरात बदल सकती हैं, लेकिन किसी कंपनी का फंडामेंटल कुछ घंटों में किसी बड़े बदलाव से नहीं गुजरता. लंबी अवधि के लिए बुनियादी रूप से मजबूत कंपनियों में निवेश करना आपको इस खेल से अपनी भावनाओं को बाहर निकालने में मदद कर सकता है. किसी कंपनी की ताकत के बारे में जानने के लिए आपको व्यापक मार्केट रिसर्च करनी चाहिए. किसी भी कंपनी के शेयरों में निवेश करने से पहले आपको मुख्य मापदंडों पर विचार करना चाहिए, जैसे- बाजार पूंजीकरण, आय में वृद्धि, शुद्ध आय, डेट इक्विटी रेश्यो, प्राइज टू अर्निंग रेश्यो, जारी किए गए लाभांश, शेयर विभाजन, विलय और अधिग्रहण और इत्यादि. याद रखें, किसी कंपनी के अंतर्निहित मूल्य से ही हमेशा किसी स्टॉक की उचित कीमत का पता चलता है. हालांकि, मजबूत बुनियादी सिद्धांतों वाली कंपनी को शेयर बाजार की उथल-पुथल से प्रभावित किया जा सकता है, लेकिन यह अंततः इसकी ताकत और स्थिति को ठीक कर देगा.

 

Article By: प्रभाकर तिवारी, सीएमओ, एंजेल ब्रोकिंग लिमिटेड

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