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NDTV के अधिग्रहण की कहानी: अब तक क्या हुआ, आगे क्या होगा? तमाम अहम सवालों के जवाब

Adani Group का ओपन ऑफर सफल रहा तो NDTV के 55% से ज्यादा शेयर्स पर होगा अडाणी समूह का कब्जा, लेकिन क्या ऐसा हो पाएगा?

NDTV के अधिग्रहण की कहानी: अब तक क्या हुआ, आगे क्या होगा? तमाम अहम सवालों के जवाब
देश के सबसे बड़े रईस गौतम अडाणी का उद्योग समूह एनडीटीवी का अधिग्रहण करने जा रहा है. इसके लिए उसने ओपन ऑफर भी पेश किया है.

Adani Group to acquire 29.18% stake in NDTV, launches open offer: देश की जानी-मानी और प्रतिष्ठित मीडिया कंपनी एनडीटीवी (New Delhi Television Ltd – NDTV) पर बहुत जल्द देश के सबसे बड़े रईस गौतम अडाणी के उद्योग समूह का कब्जा हो जाएगा. एनडीटीवी के 29 फीसदी से ज्यादा शेयर पहले ही अप्रत्यक्ष रूप से अडाणी समूह के कब्जे में आ चुके हैं. जल्द ही इस मीडिया कंपनी के 55 फीसदी से ज्यादा शेयर अडाणी ग्रुप के पास होंगे. लेकिन यह सब कैसे हो रहा है और आगे क्या होने वाला है? आखिर क्या हैं NDTV के अधिग्रहण से जुड़ी बारीकियां? आइए जानते हैं इससे जुड़े कुछ बेहद अहम सवालों के जवाब : 

सवाल 1. NDTV के कितने फीसदी शेयर पर अडाणी ग्रुप का कब्जा पक्का हो चुका है? 

  • अडाणी समूह की तरफ से मंगलवार को दी गई जानकारी के मुताबिक एनडीटीवी के 29.18 फीसदी शेयर अप्रत्यक्ष रूप से उसके नियंत्रण में आ चुके हैं. दरअसल ये 29.18 फीसदी शेयर एनडीटीवी की प्रमोटर ग्रुप कंपनी RRPR Holding Pvt Ltd के पास थे. जिन्हें अडाणी समूह ने अपने नियंत्रण में ले लिया है. 

सवाल 2. एनडीटीवी के 29.18% शेयर पर अडाणी ग्रुप का नियंत्रण कैसे?

  • एनडीटीवी के जो 29.18 फीसदी शेयर्स RRPR Holding Pvt Ltd के पास थे, वे अब विश्वप्रधान कॉमर्शियल प्राइवेट लिमिटेड (VCPL) ने ले लिए हैं. VCPL अडाणी ग्रुप की कंपनी एएमजी मीडिया नेटवर्क्स लिमिटेड (AMNL) के पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी है. इस तरह एनडीटीवी के शेयर VCPL के जरिए अडाणी ग्रुप के ही नियंत्रण में होंगे. 

सवाल 3. VCPL ने किस डील के तहत लिये एनडीटीवी के शेयर?

  • दरअसल एनडीटीवी के 29.18 फीसदी शेयर रखने वाली कंपनी RRPR होल्डिंग प्राइवेट लिमिडेट VCPL की करीब 350 करोड़ रुपये की कर्जदार थी. इस कर्ज को ही VCPL ने इक्विटी में बदलकर RRPR होल्डिंग की 99.5 फीसदी हिस्सेदारी अपने नाम कर ली, यानी उस पर कब्जा कर लिया. कर्ज के बदले इक्विटी का विकल्प लोन की शर्तों में पहले से ही शामिल था. VCPL ने सिर्फ उस ऑप्शन का इस्तेमाल किया है. इस तरह जब RRPR होल्डिंग पर VCPL का कब्जा हो गया तो जाहिर है, उसके पास मौजूद एनडीटीवी के 29.18 फीसदी शेयर भी VCPL के कब्जे में आ गए. जैसा कि हम आपको पहले बता चुके हैं, VCPL अडाणी ग्रुप की कंपनी एएमजी मीडिया नेटवर्क्स लिमिटेड (AMNL) के सौ फीसदी स्वामित्व वाली सब्सिडियरी है. लिहाजा VCPL के पास एनडीटीवी के जो 19.18 फीसदी शेयर हैं, वे अब अडाणी ग्रुप के नियंत्रण में हैं. 

सवाल 4. एनडीटीवी का मौजूदा शेयर-होल्डिंग पैटर्न क्या है? 

  • बीएसई (BSE) की वेबसाइट पर मौजूद जानकारी के मुताबिक एनडीटीवी के प्रमोटर्स प्रणव रॉय और राधिका रॉय के पास कुल मिलाकर कंपनी के 32.26 फीसदी शेयर हैं. इनमें से 15.94 फीसदी शेयर डॉ प्रणव रॉय के पास और 16.32 फीसदी इक्विटी शेयर राधिका रॉय के पास हैं. कंपनी के 38.55 फीसदी शेयर पब्लिक के पास हैं, जिसमें आम निवेशकों के पास रिटेल करीब 12.51 फीसदी शेयर हैं. 14.70 फीसदी शेयर फॉरेन पोर्टफोलियो इनवेस्टर्स (FPI) के पास हैं.  

सवाल 5. अडाणी ग्रुप 26% शेयर के लिए ओपन ऑफर क्यों ला रहा है? 

  • SEBI के नियमों के तहत अगर कोई कंपनी किसी दूसरी कंपनी के शेयरों को बड़े पैमाने पर खरीदती है, तो उसके लिए ओपन ऑफर लाना जरूरी होता है. इसी नियम का पालन करने के लिए अडाणी ग्रुप की कंपनियां 26 फीसदी शेयर खरीदने के लिए ओपन ऑफर ला रही हैं. 

सवाल 6. ओपन ऑफर में एनडीटीवी के शेयर किस कीमत पर खरीदे जाएंगे? 

  • ओपन ऑफर के तहत एनडीटीवी के 1 करोड़ 67 लाख 62 हजार 530 फुल्ली पेड-अप शेयर (fully paid-up equity shares) खरीदने का प्रस्ताव है. ये शेयर 294 रुपये प्रति शेयर की दर से खरीदने की पेशकश अडाणी समूह ने की है. ये पेशकश समूह की तीन कंपनियों की तरफ से की गई है, जिनके नाम हैं – VCPL, एएमजी मीडिया नेटवर्क्स और अडाणी एंटरप्राइज़ लिमिटेड.  

सवाल 7. क्या अडाणी समूह का ओपन ऑफर सफल होगा? उसके बाद क्या होगा?  

  • अडाणी समूह का ओपन ऑफर सफल रहा तो एनडीटीवी के 55.18 फीसदी शेयर उसके पास आ जाएंगे. हालांकि ऐसा होगा या नहीं, ये शेयर धारकों के रिस्पॉन्स पर निर्भर है. एनडीटीवी का 4 रुपये फेस वैल्यू वाला शेयर मंगलवार को 376.55 रुपये पर बंद हुआ था. ऐसे में सवाल यह है कि आम निवेशक भला मौजूदा बाजार कीमत से कम पर अपने शेयर अडाणी समूह को क्यों बेचेंगे? वो भी तब जब उन्हें यह कंपनी देश के सबसे रईस शख्स के पास जाती नजर आ रही है? बहरहाल, प्रमोटर्स समेत कुछ बड़े निवेशक अगर किसी और वजह से अपनी पूंजी यहां से निकालकर कहीं और ले जाना चाहें तो वे जरूर इस ओपन ऑफर का इस्तेमाल कर सकते हैं.

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