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Mutual Fund: लिक्विड और इक्विटी फंड निवेशकों की पसंद! एक्सपर्ट की सलाह- निवेश में रखें लंबी अवधि का नजरिया

नवंबर में फंड हाउसेस के AUM में सबसे ज्यादा इनफ्लो इक्विटी फंड, लिक्विडी फंड और इक्विटी लिंक्ड सेविंग स्कीम्स के जरिए हुआ है.

December 8, 2018 9:16 AM

म्यूचुअल फंड का एसेट बेस नवंबर अंत तक बढ़कर 24 लाख करोड़ रुपये हो गया. अक्टूबर के मुकाबले इसमें 8 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई. खास बात यह है कि नवंबर के दौरान म्यूचुअल फंड में सबसे अधिक निवेश लिक्विड, इक्विटी और इक्विटी लिंक्ड सेविंग स्कीम्स के जरिए हुआ है.

म्यूचुअल फंड कंपनियों के संगठन Amfi के आंकड़ों के अनुसार, अक्टूबर के आखिर तक 42 फंड हाउसेस का कुल एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) 22.23 लाख करोड़ रुपये था, जो नवंबर में बढ़कर 24.03 लाख करोड़ रुपये हो गया है. पिछले साल नवंबर की बात की जाएतो सभी फंड हाउसेस का एयूएम 22.79 लाख करोड़ रुपये था.

लिक्विड और इक्विटी फंड पसंद

फंड हाउसेस के एयूएम में सबसे ज्यादा इनफ्लो इक्विटी फंड, लिक्विडी फंड और इक्विटी लिंक्ड सेविंग स्कीम्स के जरिए हुआ है. इससे साफ है कि निवेशकों का रुझान इन फंड्स की तरफ बढ़ा है. नवंबर में लिक्विड फंड के जरिए 1.36 लाख करोड़ रुपये का इनफ्लो फंड हाउसेस में हुआ. वहीं, इक्विटी और इक्विटी लिंक्ड सेविंग स्कीम्स में निवेश 8400 करोड़ रुपये हुआ. वहीं, बैलेंस्ड फंड में निवेश 215 करोड़ का हुआ.

नवंबर में फंड हाउसेस में इनफ्लो के आंकड़ों से साफ है कि गोल्ड ईटीएफ को लेकर निवेशकों का रुझान बहुत उत्साहजनक नहीं है. गोल्ड ईटीफ में महज 10 करोड़ रुपये का निवेश हुआ. दूसरी ओर, इनकम फंड से निवेशकों को निराशा हुई है. इस फंड से 6518 करोड़ रुपये का आउटफ्लो हुआ.

इक्विटी फंड में लंबी अवधि के नजरिए से निवेश

फाइनेंशियल एडवाइजर फर्म BPN फिनकैप के डायरेक्‍टर एके निगम के अनुसार, फिलहाल जो निवेशक कम से कम 5 साल का नजरिया रखते हैं उन्हें ही इक्विटी मिडकैप में पैसे लगाने चाहिए. अग्रेसिव निवेशक हैं तो इक्विटी लॉर्ज एंड मिडकैप में 2 से 3 साल के लिए निवेश कर सकते हैं. उनका कहना है कि जिस तरह के ग्लोबल हालात हैं, उसे देखकर लगता है कि बाजार में करेक्शन और दिखेगा. इससे मिडकैप सेग्मेंट में दबाव रहेगा. आम चुनाव को लेकर भी मार्केट सतर्क है. हालांकि इसके अलावा अन्य निगेटिव सेंटीमेंट डिस्काउंट हो रहे हैं. उम्मीद है कि आगे मैक्रो इकोनॉमी बेहतर होगी.

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छोटे शहरों से इक्विटी स्कीम में निवेश बढ़ा

पिछले कुछ सालों में, खुदरा निवेशकों खासकर छोटे शहरों और इक्विटी स्कीम्स में भारी इनफ्लो की वजह से फोलियो की संख्या में वृद्धि हुई.म्यूचुअल फंड कंपनियों के संगठन एम्फी के मुताबिक इस साल अक्टूबर के अंत तक 41 सक्रिय म्यूचुअल फंड कंपनियों के पास रिकॉर्ड 7,90,31,596 फोलियो थे. वहीं इस दौरान इक्विटी और इक्विटी लिंक्ड सेविंग्स स्कीम्स (ईएलएसएस) में फोलियो की संख्या 66 लाख बढ़कर 6 करोड़ हो गई. बता दें कि फोलियो व्यक्तिगत निवेशक को दिया जाना वाला खाता नंबर है. हालांकि एक निवेशक के पास एक से ज्यादा फोलियो भी हो सकते हैं.

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