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सरसों का भाव 8 साल में सबसे ज्यादा, इन 4 वजहों से आ रही है तेजी; दिवाली तक राहत की उम्मीद नहीं

सरसों के भाव बहुत वर्षों के बाद 5000 के पार गए हैं और अभी भी यह 5444 के भाव पर ट्रेड कर रहा है.

October 8, 2020 1:38 PM
MUSTARD SEED PRICE ON PEAK IN 8 YEARSत्यौहारी सत्र और मौसम ने सरसों की मांग बढ़ाई है.

सरसों के भाव आसमान पर पहुंच गए हैं. इसमें पिछले 4 महीने से लगातार तेजी बनी हुई है. NCDEX पर यह पिछले 8 सालों में सबसे अधिक भाव पर ट्रेड कर रहा है. सरसों के भाव लंबे समय बाद 5000 रुपये के पार गए हैं. फिलहाल यह 5444 के भाव पर ट्रेड कर रहा है. उत्पादन में गिरावट के अलावा ऐसे कई कारण मौजूद हैं, जिसकी वजह से इसकी कीमतों में तेजी बनी हुई है. बता दें कि 2019-20 में 7700 मीट्रिक टन सरसों का उत्पादन हुआ था, जबकि 2020-21 में 7650 मीट्रिक टन उत्पादन का अनुमान है.

त्यौहारी सत्र और मौसम ने बढ़ाई मांग

केडिया एडवाइजरी के मैनेजिंग डायरेक्टर अजय केडिया के मुताबिक मस्टर्ड (सरसों) के भाव 8 साल में सबसे अधिक होने के पीछे कई वजहे हैं. लॉकडाउन में एडिबल ऑयल के भाव में तेजी ने मस्टर्ड की कीमतें बढ़ाने में मदद की हैं. इसके अलावा इस समय त्यौहारी सत्र चल रहा है जिसके कारण भी इसकी मांग बढ़ी है. मस्टर्ड में एक खास औषधीय गुण है कि यह बेहतर इम्यूनिटी बूस्टर है, इस वजह से भी कोविड 19 के दौर में इसकी मांग तेजी से बढ़ी है. ठंड में भी सरसों का तेल जमता नहीं है, इसलिए भी सर्दियां आने के पहले इसकी मांग बढ़ी है.

मस्टर्ड ऑयल में मिलावट पर बैन का असर

फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने 23 सितंबर को ने देश भर में मस्टर्ड ऑयल में किसी भी प्रकार की मिलावट को प्रतिबंधित कर दिया. इसकी उद्देश्य 100 फीसदी शुद्ध सरसों का तेल उपभोक्ताओं को उपलब्ध कराना है. सरसों के तेल में आम तौर पर पॉम ऑयल की मिलावट की जाती है, जिसका 90 फीसदी हिस्सा आयात होता है. शुद्ध सरसों के तेल की उपलब्धता को सुनिश्चित करने के लिए एफएसएसएआई द्वारा जारी आदेश ने सरसों की मांग में बढ़ोतरी की है जिसकी वजह से भी मस्टर्ड की कीमतें बढ़ी हैं.

अनलॉक का प्रभाव

कोरोना महामारी के कारण लगाए गए लॉकडाउन को अब धीरे-धीरे हटाया जा रहा है. इसकी वजह से होटल्स, रेस्टोरेंट खुल रहे हैं और मस्टर्ड की डिमांड बढ़ रही है. इसके अलावा अब त्यौहारी सत्र शुरू हो रहा है जिसकी वजह से भी मांग बढ़ रही है.

नवंबर के बाद गिर सकती है कीमतें

अजय केडिया की मानें तो मस्टर्ड के भाव बहुत तेजी से बढ़े हैं और संभवतः इसमें कुछ करेक्शन हो. हालांकि उनका मानना है कि नवंबर के बाद ही इसके भाव नीचे आ सकते हैं. केडिया के मुताबिक मस्टर्ड के भाव अगले कुछ दिन में 5600-5800 का स्तर छू सकते हैं.

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