सर्वाधिक पढ़ी गईं

Mid-Cap Fund: बाजार चढ़ने पर जोरदार रिटर्न देते हैं मिडकैप फंड, लेकिन पहले कुछ बातें जान लेना जरूरी

How to invest better mid-cap funds: आमतौर पर मिडकैप इक्विटी फंड बाजार में तेजी आने पर हाई रिटर्न देते हैं.

August 18, 2020 12:38 PM
midcap funds, midcap equity mutual funds, midcap funds may give high return when stock market bullish, how to select better midcap funds, how to invest in mid-cap equity funds, best mutual funds, top mutual fund scheme, you should know some important facts before invest in midcap, risk reward in midcap, largecap Vs midcap, who should invest in midcapHow to choose better mutual funds: आमतौर पर मिडकैप इक्विटी फंड बाजार में तेजी आने पर हाई रिटर्न देते हैं.

Mid-cap Equity Funds: कोरोनावायरस महामारी और उससे जुड़े आर्थिक संकट के बीच एक बार फिर दुनियाभर के बाजार अपने हाई की ओर बढ़ रहे हैं. घरेलू शेयर बाजार में भी मार्च के ले के बाद से जोरदार रिकवरी आई है. जैसा कि बाजार फिर से बढ़ रहे हैं, निवेशक बाजार में फिर पैसा लगाना चाह रहे हैं, खासकर म्यूचुअल फंड में. एक विकल्प है, जिस बारे में निवेशकों को विचार करना चाहिए, वह है मिड-कैप इक्विटी फंड में निवेश. आमतौर पर मिडकैप इक्विटी फंड बाजार में तेजी आने पर हाई रिटर्न देते हैं. इन फंडों में निवेश करने से पहले मिड-कैप इक्विटी फंडों के बारे में कुछ अच्छे तथ्य हैं, जिन्हें जान लेना जरूरी है.

रिस्क रिवॉर्ड रेश्यो

आम तौर पर मिड-कैप फंड छोटी और मझली कंपनियों में निवेश करते हें. ये बड़ी और जानी—मानी कंपनियों में निवेश नहिीं करते हैं, जो विकास के ट्रैजेक्टरी में हों. ऐसी कंपनियों की ओर आमतौर पर रिसर्च एनालिस्ट अनुसंधान द्वारा ज्यादा ध्यान नहीं दिया जाता है. लेकिन, एक बार जब ये कंपनियां अपने साइजर, रेवेन्यूम और लाभ में बढ़ोत्तरी करती हैं, तो उन्हें विश्लेषकों या बाजार द्वारा मान्यता प्राप्त होती है. इसके साथ उन्हें हॉसर वैल्युएशन की वजह से नोटिस किया जाता है. इस कटेगिरी के फंड का उद्देश्य उस वैल्यूएशन में बदलाव प्राप्त करना है, जब एक मिड-कैप कंपनी एक लार्ज-कैप कंपनी में डेवजलप होती है. मध्य-आकार की फर्मों में विस्तार करने की अधिक गुंजाइश है. ऐसे फंडों में निवेशकों के लिए रिस्क रिवॉर्ड रेश्यो भी अधिक है.

एसोसिएट रिस्क

मिड कैप इक्विटी फंड असाधारण रिटर्न दे सकते हैं, लेकिन उनमें बाजार का जोखिम भी अधिक होता है. जिन निवेशकों में जोखिम अधिक लेने की क्षमता होती है, वे मिड कैप इक्विटी फंड में निवेश कर सकते हैं. अधिक रिटर्न के साथ, निवेश एक हाई रिस्क भी कैरी करता है. इसलिए निवेश का निर्णय लेने से पहले अपने वित्तीय लक्ष्यों और जोखिम लेने की क्षमता का आंकलन जरूर करना चाहिए. मिड-कैप इक्विटी फंड में तभी निवेश करें, जब बाजार में उतार-चढ़ाव आपको ज्यादा प्रभावित नहीं करता है और आपका निवेश का लक्ष्य लंबा हो.

कैप्चर रेश्यो

कैप्चर रेशियो म्यूचुअल फंड के प्रदर्शन को उसके बेंचमार्क की तुलना में हाइलाइट करता है. म्यूचुअल फंड प्रदर्शन के मूल्यांकन के लिए कैप्चर रेश्यो का उपयोग करने के लिए, यह जानना आवश्यक है कि अपसाइड और डाउनसाइड कैप्चर रेश्यो क्या है. जैसा कि नाम से संकेत मिलता है, जब बाजार या बेंचमार्क बुलिश होता है तो अपसाइड रेश्यो फंडों के प्रदर्शन को डील करता है. मार्केट या बेंचमार्क मंदी होने पर फंड्स के प्रदर्शन के साथ डाउनसाइड रेश्यो डील करता है.

मूल रूप से, ये रेश्यो बताते हैं कि क्या किसी दिए गए फंड ने बाजार की तेजी या कमजोरी की अवधि के दौरान एक व्यापक बाजार बेंचमार्क से अधिक या कम रिटर्न प्राप्त किया है या नहीं. और अगर हां, तो कितना. 100 से अधिक के अपसाइड कैप्चर रेश्यो से संकेत मिलता है कि फंड ने बेंचमार्क के लिए सकारात्मक रिटर्न की अवधि के दौरान बेंचमार्क से बेहतर प्रदर्शन किया है. 100 से कम का कैप्चर रेश्यो बताता है कि फंड उस अवधि में अपने बेंचमार्क से कम रिटर्न प्राप्त किया है, जब बेंचमार्क लाल निशान में रहा है.

मिड कैप इक्विटी फंड कैसे चुनें?

विभिन्न मिड-कैप स्कीम रिटर्न के लिए विभिन्न प्रतिभूतियों और अलग अलग सेकटर में निवेश करती हैं. फंड हाउस द्वारा फॉलो की जाने वाली रणनीति का पोर्टफोलियो पर प्रभाव पड़ता है. निवेश के कार्यकाल और सेक्टर के अनुसार रिटर्न अलग-अलग होता है.

जोखिम में विविधता लाने के लिए, यह विभिन्न क्षेत्रों में निवेश करने के लिए आदर्श विकल्प है. इससे सेक्टर-विशेष का जोखिम कम होता है. अगर आप अपने पोर्टफोलियो में मिड-कैप इक्विटी का चयन करते हैं, तो आपको यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि प्रोडक्ट को चालू रखने के लिए उसी का एक्सपोजर 25-30% बना रहे.

लार्ज-कैप फंडों की तुलना में मिड-कैप इक्विटी फंड जोखिम भरा होता है क्योंकि वे प्रकृति में तुलनात्मक रूप से अधिक अस्थिर होते हैं. मिड कैप इक्विटी फंड में निवेश करने से पहले, निवेशकों को अपने वित्तीय लक्ष्यों की समीक्षा करनी चाहिए, जोखिम लेने की क्षमता देखनी चाहिए. इसके बाद सही म्यूचुअल फंड का चयन करना चाहिए.

(लेखक: P Saravanan, professor of finance & accounting, IIM Tiruchirappalli)

Get Business News in Hindi, latest India News in Hindi, and other breaking news on share market, investment scheme and much more on Financial Express Hindi. Like us on Facebook, Follow us on Twitter for latest financial news and share market updates.

  1. बिज़नस न्यूज़
  2. कारोबार बाजार
  3. Mid-Cap Fund: बाजार चढ़ने पर जोरदार रिटर्न देते हैं मिडकैप फंड, लेकिन पहले कुछ बातें जान लेना जरूरी

Go to Top