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मेंथा ऑयल में बढ़ी गिरावट, भाव 930 रु के करीब; मुनाफे के लिए क्या करें निवेशक?

Mentha Oil Price Today, Mentha Oil Rate in India: गुरूवार को मेंथा में गिरावट है.

October 22, 2020 12:07 PM
mentha oilMentha Oil Price Today: गुरूवार को मेंथा में गिरावट है.

Mentha Oil Rate Today: मेंथा ऑयल में दबाव के चलते गिरावट बढ़ गई है. आज मेंथा कल के बंद भाव से 4 रुपये कमजोर होकर 932 रुपये के करीब नीचे आ गया. इसके पहले बुधवार को मेंथा में 0.21 फीसदी गिरावट रही और यह 935.9 रुपये प्रति किलो के भाव पर बंद हुआ था. मेंथा में ​इस महीने ज्यादातर दिनों दबाव देखने को मिला है. एक्सपर्ट का कहना है कि हाजिर बाजार में मेंथा ऑयल की डिमांड बेहद सुस्त होने से इसके भाव टूट रहे हैं. फेस्टिव सीजन व छुट्टियों के चलते हाल फिलहाल में मेंथा में कारोबार सुस्त रहने का अनुमान है. अगले कुछ दिनों में निचले स्तरों से कुछ बढ़त आ सकती है, लेकिन इस साल अब मेंथा में ज्यादा तेजी नहीं देखने को मिलेगी.

मेंथा के लिए ऐसे बनाएं स्ट्रैटेजी

केडिया एडवाइजरी के डायरेक्टर अजय केडिया का कहना है कि इस पूरे महीने मेंथा की कीमतों पर दबाव देखने को मिला है. वहीं इस साल मेंथा 25 फीसदी के करीब कमजोर हुआ है. इस साल कोरोना वायरस महामारी की वजह से इंडस्ट्रियल डिमांड पूरी तरह से ठप रही. वहीं अभी भी कमजोर सेंटीमेंट है, जिससे निवेशक दांव लगाने से बच रहे हैं. हालांकि अगले साल से फिर मांग बढ़ने की उम्मीद है. उनका कहना है कि निचले स्तरों से शार्ट टर्म के लिए

उनका कहना है कि आज की बात करें तो मेंथा को नीचे की ओर 931 रुपये के भाव पर सपोर्ट है. यह भाव ब्रेक होता है तो मेंथा पहले 926.7 रुपये और फिर 922.4.3 रुपये तक टूट सकता है. वहीं आज उपर की ओर 940.2 रुपये पर रेजिस्टेंस है. यह भाव मेंथा तोड़ता है तो वह पहले 944.5 रुपये और फिर 949.1 रुपये तक मजबूत हो सकता है. उनका कहना है कि मौजूदा भाव पर 950 रुपये का लक्ष्य बनाकर खरीददारी की जा सकती है.

मेंथा का कहां होता है इस्तेमाल

मेंथा ऑयल का इस्तेमाल फार्मा इंडस्ट्री, कास्मेटिक इंडस्ट्री, एफएमसीजी सेक्टर के साथ ही कंफेक्शनरी उत्पादों में सबसे ज्यादा होता है. भारत दुनिया का सबसे बड़ा मेंथा ऑयल उत्पादक और निर्यातक है. मेंथा ऑयल की सबसे ज्यादा पैदावार यूपी में होती है. देश में होने वाले कुल मेंथा ऑयल के उत्पादन में यूपी की हिस्सेदारी करीब 80 फीसदी है.

पिछले सीजन में मेंथा ऑयल का उत्पादन काफी ज्यादा रहा था. बाजार सूत्रों के अनुसार इस साल पैदावार 40 फीसदी ज्यादा रहकर 52,000-56,000 टन के बीच रह सकती है. इस वजह से मेंथा की उपलब्धता बहुत ज्यादा रही और कीमतों में ज्यादा तेजी नहीं आ सकी. देश में पैदा होने वाला लगभग 75 फीसदी मेंथा ऑयल का निर्यात किया जाता है. इसलिए घरेलू से ज्यादा विदेशी मांग कीमतों को तय करने में बड़ी भूमिका निभाती है.

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