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शेयर बाजार में पैसा लगाने वालों पर कोरोना का कहर, मार्च तिमाही में डूब गए 42 लाख करोड़ रुपये

कोरोना वायरस के चलते शेयर बाजार में लिस्टेड कंपनियों को नुकसान हुआ, वहीं निवेशकों के मार्च तिमाही में 42 लाख करोड़ डूबे.

April 1, 2020 4:54 PM
In march quarter stock market investors looses more than 40 lakh crore rupees, coronavirus make sentiments worst, BSE market cap down, economic growth concern, crude prices fall, global market crashकोरोना वायरस के चलते शेयर बाजार में लिस्टेड कंपनियों को नुकसान हुआ, वहीं निवेशकों के मार्च तिमाही में 42 लाख करोड़ डूबे.

कोरोना वायरस की वजह से जहां दुनियाभर में हेल्थ इमरजेंसी की स्थिति है, वहीं इसने अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर भी बड़ा नुकसान पहुंचाया है. दुनियाभर के शेयर बाजार बुरी तरह से टूट रहे हैं. घरेलू स्तर पर भी देश में कोरोना वायरस के बढ़ते मरीजों के बीच लॉकडाउन और अर्थव्यवस्था में ग्रोथ की चिंता को लेकर बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली है. 20 फरवरी के बाद से बाजार में आई गिरावट ने पूरी मार्च तिमाही का लेखा जोखा बिगाड़ दिया है. 20 जनवरी को सेंसेक्स और निफ्टी अपने रिकॉर्ड हाई पर थे, लेकिन ओवरआल मार्च तिमाही में बाजार में 29 से 30 फीसदी की गिरावट आ गई. इस अफरा तफरी में सिर्फ मार्च तिमाही में निवेशकों के करीब 42 लाख करोड़ रुपये डूब गए.

निवेशकों के साफ हो गए 42 लाख करोड़

पिछले साल 31 दिसंबर को बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप 1,55,53,829.04 रुपये था. जो 31 मार्च 2020 को 1,13,48,756.59 रुपये रह गया. इस लिहाज से मार्च तिमाही में कंपनियों के कुल मार्केट ​कैप में 42 लाख करोड़ की कमी आई. यानी शेयर बाजार में निवेशकों का 42 लाख करोड़ रुपये साफ हो गया. 17 जनवरी को बीएसई लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 1,60,57,157.62 रुपये था, जो 31 जनवरी 2020 को 1,56,50,981.73 रुपये रहा. 28 फरवरी को यह 1,46,87,010.42 रुपये था. जबकि 31 मार्च को घटकर 1,13,48,756.59 रुपये रह गया.

मार्च तिमाही में 29 से 30 फीसदी टूटा बाजार

मार्च तिमाही की बात करें तो सेंसेक्स और निफ्टी में 29 और 30 फीसदी के करीब गिरावट आई है. 1 जनवरी से 31 मार्च के बीच सेंसेक्स करीब 11785 अंक टूट गया. वहीं, इस दौरान निफ्टी भी 3571 अंक टूट गया. मार्च तिमाही में 3 महीनों के दौरान सेंसेक्स 30 के 28 शेयर लाल निशान में रहे. इंडसइंड बैंक इस तिमाही का बिगेस्ट लूजर रहा. यूएचयूएल टॉप गेनर. इस दौरान BSE 500 भी करीब 30 फीसदी टूट गया और इंडेक्स में शामिल 500 में से 470 शेयरों ने निगेटिव रिटर्न दिया. मिडकैप इंडेक्स 30 फीसदी टूटा. सेक्टर की बात करें तो निफ्टी बैंक में 40 फीसदी से ज्यादा गिरावट रही. सभी बैंक शेयर लाल निशान में ही रहे.

मार्च तिमाही में ही बाजार ने बनाया आलटाइम हाई

मार्च तिमाही में शेयर बाजार ने अपना आलटाइम हाई और लो भी बनाया. इस साल 20 जनवरी को सेंसेक्स ने 42273.87 का स्तर टच किया जो रिकॉर्ड हाई है. वहीं, 24 मार्च को यह 25638.9 के स्तर पर आ गया. यह 52 हफ्ते को लो है. निफ्टी ने भी 20 जनवरी को 12,430.50 का रिकॉर्ड हाई बनाया. जब​कि मार्च में 7511.1 का स्तर 52 हफ्ते को लो है.

बाजार में गिरावट की वजह

मार्च तिमाही में बाजार में गिरावट की सबसे बड़ी वजह कोरोना वायरस के चलते आर्थिक ग्रोथ की चिंता है. इसके चलते दुनियाभर के बाजारों में बिकवाली रही. घरेलू शेयर बाजार से विदेशी निवेशकों ने भी जमकर निकासी की है. इसके अलावा पहले से चल रही मंदी से सेंटीमेंट और खराब किए. दूसरी ओर क्रूड की कीमतों में ऐतिहासिक गिरावट की वजह से भी बाजार में दबाव बढ़ा है. रेटिंग एजेंसियां भी लगातार ग्रोथ अनुमान में कटौती कर रही हैं, जिससे बाजार की चिंता और बढ़ी है.

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