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10 साल मेच्योरिटी पर 8.5% सालाना ब्याज, ‘AA’ रेटिंग; लखनऊ नगर निगम बॉन्ड के बारे में जानें सबकुछ

Lucknow Municipal Corporation Bonds: लखनऊ नगर निगम (LMC) के बॉन्ड की लिस्टिंग बीएसई पर हो गई है.

Updated: Dec 02, 2020 12:36 PM
Lucknow Municipal Corporation BondsLucknow Municipal Corporation Bonds: लखनऊ नगर निगम (LMC) के बॉन्ड की लिस्टिंग बीएसई पर हो गई है.

Lucknow Municipal Corporation Bonds: लखनऊ नगर निगम (LMC) के बॉन्ड की लिस्टिंग बीएसई पर हो गई है. लिस्टिंग के मौके पर यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ भी मौजूद थे. उत्तर प्रदेश सरकार ने इस बॉन्ड के जरिए 200 करोड़ रुपये जुटाए हैं. इस बॉन्ड को रेटिंग एजेंसियों से अच्छी रेटिंग मिली है. यह बीएसई बांड प्लेटफॉर्म पर अबतक का 8वां सबसे सफल नगर निगम बॉन्ड है. लखनऊ नगर निगम बॉन्ड जारी करने वाला उत्तर भारत का पहला नगर निगम बन गया है. जानते हैं कि क्या है यह नगर निगम बॉन्ड और इसमें निवेश करने का क्या है फायदा….

8.5 फीसदी सालाना ब्याज

लखनऊ नगर निगम के बॉन्ड की मेच्योरिटी 10 साल की है. इसमें निवेश करने पर निवेशकों को 8.5 फीसदी सालाना ब्याज मिलेगा. बीएसई बॉन्ड  प्लेटफॉर्म पर नगर निगम को 450 करोड़ के लिए 21 बिड मिली जो इश्यू साइज की 4.5 गुना है. यह जानकारी बीएसई ने दी है. बीएसई के अनुसार यह उसके प्लेटफॉर्म पर अबतक का 8वां सबसे सफल नगर निगम बॉन्ड है.

बेहतर रेटिंग

लखनऊ नगर निगम बॉन्ड को रेटिंग एजेंसियों से अच्छी रेटिंग मिली है. इंडिया रेंटिंग्स ने इस बॉन्ड के लिए ‘AA’ रेटिंग दी है. वहीं ब्रिकवर्क ने इसे ‘AA (CE)’ रेटिंग दी है. माना जा रहा है कि इस बॉन्ड के जरिए निवेश जुटाने में भी मदद मिलेगी.

अबतक 11 ऐसे बॉन्ड जारी हुए

अभी तक कुल 11 नगर निगम बॉन्ड से करीब 3690 करोड़ रुपये जुटाये गये हैं. इनमें से बीएसई बॉन्ड प्लेटफॉर्म का योगदान 3,175 करोड़ रुपये है. इसके पहले अमरावती (2000 करोड़ रुपये), विशाखापत्तनम (80 करोड़ रुपये), अहमदाबाद (200 करोड़ रुपये), सूरत (200 करोड़ रुपये), भोपाल (175 करोड़ रुपये), इंदौर (140 करोड़ रुपये), पुणे (495 करोड़ रुपये), हैदराबाद (200 करोड़ रुपये) नगर निगम बॉन्ड हैं.

क्या होते हैं बॉन्ड

बॉन्ड किसी कंपनी या सरकार के लिए पैसा जुटाने का एक माध्यम है. बॉन्ड से जुटाए गया पैसा कर्ज की श्रेणी में आता है. कंपनी जहां अपने कारोबार के विस्तार के लिए बॉन्ड से पैसा जुटाती हैं तो केंद्र या राज्य सकार भी अपने खर्च के लिए समय-समय पर बॉन्ड जारी करती हैं. इसमें बॉन्ड जारी करने वाली संस्था एक निश्चित समय के लिए रकम उधार लेती है और निश्चित रिटर्न यानी ब्याज देने के साथ मूलधन वापस करने की गारंटी देती है. यह नि​वेशकों के लिए निश्चित आय का एक निवेश साधन होता है.

क्या होते हैं म्युनिसिपल बॉन्ड

म्युनिसिपल या नगर निगम बॉन्ड शहरी स्थानीय निकायों द्वारा जारी किए जाते हैं. शहर में विकास कामों को जारी रखने के लिए धन की जरूरत इससे पूरी की जाती है. इस तरह से बॉन्ड जारी कर नगर निगम पैसा जुटाते हैं और उसे शहर के बुनियाद ढांचा विकास जैसे कार्यों पर खर्च करते हैं. मार्केट रेगुलेटर सेबी के अनुसार सिर्फ वही नगर निगम ऐसे बॉन्ड जारी कर सकते हैं, जिनका नेटवर्थ लगातार 3 वित्त वर्ष तक निगेटिव न रहा हो. पिछले एक साल में उन्होंने कोई लोन डिफाल्ट न किया हो.

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