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4 रुपये/लीटर तक और घटेंगे पेट्रोल-डीजल के भाव! इन वजहों से क्रूड में आ सकती है 64 डॉलर तक गिरावट

एक्सपर्ट का मानना है कि नियर टर्म में क्रूड 64 से 65 डॉलर प्रति बैरल के भाव तक आ सकता है.

November 10, 2018 7:41 AM
Petrol, Diesel, prices, Crude Prices Falling, Rupee Stable, Brent Crude, Over Supply, OPEC, Iran, WTI, क्रूड 7 महीने के लो परएक्सपर्ट का मानना है कि नियर टर्म में क्रूड 64 से 65 डॉलर प्रति बैरल के भाव तक आ सकता है.

इंटरनेशनल मार्केट में क्रूड अपने 7 महीने के लो पर आ गया है. शुक्रवार को यह अप्रैल 2018 के बाद पहली बार 70 डॉलर प्रति बैरल के भाव पर आ गया. एक्सपर्ट मान रहे हैं कि जिस तरह से ग्लोबल स्तर पर माहौल बन रहा है, क्रूड में गिरावट इस साल के अंत तक जारी रहेगी. उनका कहना है कि नियर टर्म में क्रूड 64 से 65 डॉलर प्रति बैरल के भाव तक आ सकता है. एक्सपर्ट का कहना है कि क्रूड में कमजोरी और रुपये में स्टेबिलिटी जारी रही तो आने वाले दिनों में पेट्रोल, डीजल और सस्ता होगा.

बता दें कि वर्तमान में क्रूड, रुपयया और पेट्रोल-डीजल को लेकर सीनैरियो बदला हुआ है. क्रूड में नरमी है, रुपये में स्थिरता है, वहीं पेट्रोल और डीजल सस्ता हो रहा है. जबकि पिछले महीने स्थिति इसके उलट थी.

क्रूड में अभी और आएगी गिरावट

केडिया कमोडिटी के डायरेक्टर अजय केडिया का कहना है कि सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि ईरान पर प्रतिबंधों का जो टेंशन था अब कम हुआ है. यूएस ने मिड टर्म इलेक्शन के चलते 8 बड़े क्रूड इंपोर्टर देशों को ईरान से क्रूड खरीदने की छूट दे दी है. यूएस में क्रूड की इन्वेंट्री पहले से बढ़ी हुई है. वहीं, सउदी अरब सहित अन्य बड़े ओपेक देश भी सप्लाई घटाने के मूड में नहीं हैं. वहीं, साल के अंत में बड़े निवेशक अपना पोर्टफोलियो भी फिर से तैयार करते हें, ऐसे में क्रूड की सेलिंग और बढ़ सकती है. इन वजहों से क्रूड पर दबाव बना हुआ है.

एंजेल ब्रोकिंग के वाइस प्रेसिडेंट, रिसर्च (कमोडिटी एंड करंसी) अनुज गुप्ता का कहना है कि मार्केट में ओवरसप्लाई की स्थिति है. वहीं, आईएमएफ ने ग्लोबल इकोनॉमी को लेकर निगेटिव संकेत दिए हैं. आईएमएफ के अनुसार 2019 में ग्लोबल इकोनॉमी सुस्त रहने के आसार हैं, जिससे ग्लोबल स्तर पर क्रूड की खपत घटेगी. इस वजह से भी क्रूड को लेकर सेंटीमेंट निगेटिव बने हैं.

ग्लोबल टेंशन में भी कमी

एक्सपर्ट मान रहे हें कि यूएस और चीन, यूएस और नॉर्थ कोरिया या यूएस और रूस के बीच पिछले दिनों जिस तरह से तनाव का माहौल बना था, वह कम हुआ है. इससे भी क्रूड की कीमतों को सपोर्ट घटा है. ग्लोबल टेंशन बढ़ने पर बड़े इंपोर्टर्स क्रूड का स्टॉक जमा करने में लग जाते हैं, जिससे तनाव बढ़ने पर सप्लाई घटने की स्थिति में दिक्कत न आए.

64 से 65 डॉलर तक गिर सकता है क्रूड

केडिया का कहना है कि ब्रेंट क्रूड ने 70 और WTI क्रूड ने 60 का अहत सपोर्ट लेवल तोड़ दिया है. अब आने वाले 2 महीनों की बात करें तो ब्रेंट क्रूड 65 डॉलर प्रति बैरल और WTI क्रूड 54 से 55 डॉलर प्रति बैरल की रेंज में जाता हुआ दिख रहा है. वहीं अनुज गुप्ता का मानना है कि आने वाले दिनों में ब्रेंट में 64 से 65 डॉलर प्रति बैरल तक गिरावट बन सकती है. वहीं, WTI बक्रूड भी मौजूदा स्तर से 5 से 6 डॉलर तक सस्ता हो सकता है.

3 से 4 रुपये तक घट सकते पेट्रोल-डीजल के भाव

दोनों ही एक्सपर्ट मान रहे हैं कि क्रूड में नरमी है, वहीं घरेलू स्तर पर बेहतर मैक्रो डाटा से रुपये को सपोर्ट मिल रहा है. जीएसटी कलेक्शन भी 1 लाख करोड़ रुपये के पार हो गया है. इन वजहों से अब रुपये में स्थिरता बढ़ रही है. आने वाले दिनों में रुपया 70 प्रति डॉलर के स्तर तक मजबूत होता दिख रहा है. ऐसे में अगर क्रूड 65 डॉलर और रुपया 70 प्रति डॉलर के आस पास आता है तो पेट्रोल और डीजल मौजूदा स्तर से 3 से 4 रुपये प्रति लीटर और सस्ता हो सकता है.

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