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एसेट अलोकेशन: मंदी और तेजी के हिसाब से बनाएं निवेश की रणनीति, कब कैसा होना चाहिए आपका पोर्टफोलियो

अगर निवेशक हैं तो एसेट अलोकेशन का महत्व समझना जरूरी है. किस दौर में आपको कितना पैसा इक्विटी, गोल्ड, बांड या ऐसे दूसरे एसेट एसेट क्लास में लगाना चाहिए.

April 29, 2020 8:34 AM
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अगर आप निवेशक हैं तो एसेट अलोकेशन का महत्व समझना जरूरी है. किस दौर में आपको कितना पैसा इक्विटी, गोल्ड, बांड या ऐसे दूसरे एसेट एसेट क्लास में होना चाहिए, इसका अपना खास महत्व है. बहुत से लोग होते हैं तो बाजार में आई तेजी देखकर अपना पूरा पैसा वहीं झोंक देते हैं, जहां दूसरे निवेश कर रहे होते हैं. वे मंदी के दौरान भी यही करते हैं. यह गलत रणनीति है. बेहतर है कि आप एसेट अलोकेशन का महत्व समझों और उसी अनुशासन में अपना हर दौर के लिए पोर्टफोलियो तैयार करें. ब्रोकरेज हाउस प्रभुदास लीलाधर ने अलग अलग दौर में आने वाली मंदी, रिकवरी और मजबूत ग्रोथ में अलग अलग एसेट क्लास के प्रदर्शन को ध्यान में रखते हुए ऐसा ही एक पोर्टफोलियो तैयार किया है. इसकी सहायता से आप भी एसेट अलोकेशन में मदद ले सकते हैं.

एसेट अलोकेशन को समझना जरूरी

ब्रोकरेज के अनुसार फरवरी मिड तक देश की अर्थव्यवस्था में रिकवरी के संकेत मिल रहे थे, लेकिन कोरोना वायरस महामारी ने पूरा माहौल खराब कर दिया. 19 प्रमुख इंडिकेटर्स में से ज्यादादर इंडीकेटर निगेटिव संकेत दे रहे हैं. इससे देश की अर्थव्यवस्था पर गहरा चोट पहुंचा है और जीडीपी कई साल के निचले स्तर पर आने की आशंका है. ऐसे में निवेशक हैरान और परेशान हैं कि वे क्या करें. पैसा गोल्ड में लगाएं, बांड में लगाएं या इक्विटी और म्यूचुअल फंड में लगाएं. ऐसे में एसेट अलोकेशन को समझना जरूरी होगा. ब्रोकरेज हाउस ने इकोनॉमिक एक्टिविटी के आधार पर बाजार के 5 मैक्रोमीटर मसलन मजबूत ग्रोथ, स्टडी ग्रोथ, बाजार में गिरावट की शुरूआत, मंदी और रिकवरी के दौरान य​ह स्टडी की है.

रिपोर्ट के अनुसार अभी जो मौजूदा हालात है, उससे नियर टर्म में अर्थव्यवस्था पर गहरा दबाव रहेगा. फाइनेंशियल ईयर 2021 की दूसरी छमाही से ही अर्थव्यवस्था में रिकवरी होनी शुरू होगी. ब्रोकरेज का कहना है कि हमने देखा है कि स्लोडाउन के पीरियड में गोल्ड में तेजी और इक्विटी में कमजोरी आती है, जबकि रिकवरी पीरियड में खससतौर से मिडकैप में तेजी देखने को मिलती है. जबकि मजबूमत ग्रोथ पीरियड के दौरान इक्विटी और गोल्ड दोनों में तेजी रहती है, जबकि डेट में म्यूटेड रिटर्न मिलता है.

रिसर्च: किस फेज में कहां ज्यादा रिटर्न

मजबूत ग्रोथ: गोल्ड (18.8%), स्मालकैप (16.9%), लॉर्जकैप (16.5%), मिडकैप (16.2%), कॉरपोरेट बांड (8.5%)

मंदी का दौर: गोल्ड (19.5%), कॉरपोरेट बांड (10.9%), 10 साल की गवर्नमेंट सिक्युरिटीज (9.6%)

रिकवरी का दौर: स्मालकैप (89.9%), मिडकैप (79.4%), लॉर्जकैप (47.8%), कॉरपोरेट बांड (10.4%), गोल्ड (9.8%)

ग्रोथ और स्लोडाउन में प्रदर्शन

Source: www.plindia.com

कैसा हो एसेट अलोकेशन

Source: www.plindia.com

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