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  1. आम चुनावों के चलते खादी की बिक्री में तगड़ा उछाल, FY19 में कारोबार पहुंचा रिकॉर्ड स्तर पर

आम चुनावों के चलते खादी की बिक्री में तगड़ा उछाल, FY19 में कारोबार पहुंचा रिकॉर्ड स्तर पर

दिल्ली NCR, उत्तर प्रदेश और बिहार सहित देश के तमाम राज्यों में खादी के कपड़ों और खासतौर से सिलेसिलाए कपड़ों की मांग तेजी से बढ़ी है.

May 5, 2019 4:46 PM

Khadi Business jumps 29 percent during loksabha Elections 2019

आम चुनावों के दौरान खादी (Khadi) के कुर्ता-पजामा, अंगोछा, गमछा की मांग काफी बढ़ी है. वित वर्ष 2018-19 के दौरान खादी का कारोबार इससे पिछले वर्ष के मुकाबले करीब 29 फीसदी की जोरदार वृद्धि के साथ 3,215 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया.

2013-14 के बाद खादी कारोबार चार गुना बढ़ा

खादी ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) के चेयरमैन विनय कुमार सक्सेना ने कहा कि पिछले पांच साल की यदि बात की जाए तो 2013-14 के बाद खादी के कारोबार में चार गुना वृद्धि दर्ज की गई है. वर्ष 2013-14 में खादी का कारोबार 811 करोड़ रुपये रहा था, जो 2018-19 में समाप्त वित वर्ष में 3,215 करोड़ रुपये पर पहुंच गया.

गर्मी में आरामदायक रहती है Khadi

सक्सेना ने कहा कि बीते वित्त वर्ष में आम चुनावों को देखते हुए खादी के कपड़ों की मांग अच्छी रही है. गर्मी का मौसम होने की वजह से नेताओं और राजनीतिक कार्यकर्ताओं को धूप और गर्मी में काम करना पड़ता है. गर्मी के मौसम में खादी का कपड़ा ज्यादा पहना जाता है. यह धूप और गर्मी में आरामदायक होता है. स्वास्थ्य के लिहाज से भी खादी के कपड़े अनुकूल और फायदेमंद बताए गए हैं.

सिलेसिलाए खादी कपड़ों की डिमांड ज्यादा

KVIC के चेयरमैन ने कहा कि दिल्ली NCR, उत्तर प्रदेश और बिहार सहित देश के तमाम राज्यों में खादी के कपड़ों और खासतौर से सिलेसिलाए कपड़ों की मांग तेजी से बढ़ी है. बीते वर्ष के दौरान खादी की बिक्री में 40 फीसदी हिस्सा कपड़े का रहा है, जबकि 60 फीसदी बिक्री सिलेसिलाए कपड़ों की हुई है. देश के दूरदराज गांवों में कारीगरों द्वारा तैयार खादी का कुर्ता पजामा, जैकेट, अंगोछा, गमछा, महिलाओं के लिये सूट सलवार, धोती साड़ी की लगातार मांग बनी हुई है.

देशभर में 8000 से ज्यादा बिक्री केन्द्र

सक्सेना के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में केवीआईसी के एक हजार से अधिक और बिहार में 400 से अधिक बिक्री केन्द्र हैं. बीते वर्ष इन केन्द्रों पर खादी के कपड़ों की अच्छी मांग रही है. देशभर में आयोग के कुल मिलाकर 8,060 बिक्री केन्द्र हैं.

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