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Infosys: इंफोसिस के शेयरों में 6 साल की सबसे बड़ी गिरावट, निवेशकों को लगा 52600 करोड़ का झटका; जानें वजह

इंफोसिस के शेयरों में निवेश करने वालों के लिए आज बुरी खबर है.

October 22, 2019 12:37 PM
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Infosys Stock Tank: इंफोसिस के शेयरों में निवेश करने वालों के लिए आज बुरी खबर है. करोबार शुरू होते ही एक झटके में निवेशकों को करीब 52622 करोड़ का झटका लगा है. असल में बाजार खुलते ही इंफोसिस के शेयरों में बड़ी गिरावट आ गई और यह करीब 16 फीसदी टूटकर 645.35 रुपये के भाव पर आ गया. यह 6 साल की सबसे बड़ी गिरावट है. मंंगलवार को यह सेंसेक्स और निफ्टी पर सबसे ज्यादा टूटने वाला शेयर साबित हुआ. इसके साथ ही कंपनी के मार्केट कैप में भी बड़ी गिरावट आ गई. असल में एक दिन पहले ही कंपनी के मैनेजमेंट पर कुछ गंभीर आरोप लगे थे, जिसकी वजह से आज निवेशकों का सेंटीमेंट खराब हुआ.

मार्केट कैप 52622 करोड़ घट गया

शुक्रवार को इंफोसिस का शेयर 767.75 रुपये के भाव पर बंद हुआ था. वहीं, आज यह 691 रुपये के भाव पर खुला, लेकिन कुछ देर में ही करीब 16 फीसदी गिरकर 645.35 रुपये के भाव पर पहुंच गया. यह छह साल की सबसे बड़ी गिरावट है. इस भाव पर आते ही कंपनी का मार्केट कैप भी कम होकर 277450 करोड़ रुपये के करीब रह गया. जबकि शुक्रवार को यह करीब 330073 करोड़ रुपये के करीब था. यानी एक झटके में निवेशकों को 52622 करोड़ रुपयों का नुकसान हो गया.

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क्या है पूरा मामला?

देश की दिग्गज आईटी कंपनी इंफोसिस के मैनेजमेंट पर गंभीर आरोप लगे हैं. एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि कंपनी ने अपना मुनाफा और आमदनी बढ़ाने के लिए अनैतिक कदम उठाए हैं. इस पूरे मामले को लेकर एक ग्रुप ने इंफोसिस के बोर्ड को चिट्ठी लिखकर इसकी जानकारी दी है. देश की दूसरी सबसे बड़ी आईटी कंपनी इन्फोसिस को लेकर व्हीसल ब्लोअर्स ने 20 सितंबर को इस मामले से जुड़ी एक चिट्ठी इंफोसिस बोर्ड को लिखी है. साथ ही उन्होंने अमेरिकी शेयर बाजार के रेग्युलेटर यूएस सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन को भी एक लेटर 27 सितंबर को दी गई है.

लेटर में बताया गया है कि इंफोसिस ने अपने मुनाफे और आमदनी को बढ़ाने के लिए अनैतिक कदम उठाया है. कंपनी के मौजूदा सीईओ सलिल पारेख और सीएफ नीलांजन रॉय भी इसमें शामिल है. सलिल पारेख बड़ी डील में मार्जिन्स को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाने के लिए दबाव बनाते है. साथ ही, आमदनी और मुनाफे का गलत अनुमान बताने को कहते हैं. रिपोर्ट में बताया है कि व्हीसल ब्लोअर्स के आरोपों को लेकर कंपनी ने जांच शुरू कर दी है.

Q2 में 4019 करोड़ रुपये का मुनाफा

वित्त वर्ष 2020 की दूसरी तिमाही में आईटी कंपनी इंफोसिस का मुनाफा तिमाही आधार पर 5.8 फीसदी बढ़कर 4019 करोड़ रुपये रहा है. इंफोसिस ने वित्त वर्ष 2020 के लिए रेवेन्यू ग्रोथ गाइडेंस बढ़ाकर 9-10 फीसदी कर दिया है. इसके पहले यह 8.5-10 फीसदी रखा गया था. इंफोसिस ने EBIT ऑपरेटिंग मार्जिन गाइडेंस रेंज 21-23 फीसदी बरकरार रखा है. इस दौरान कंपनी को 280 करोड़ डॉलर के नए आर्डर मिले. कंपनी ने सितंबर तिमाही में 50 मिलियन डॉलर की कटेगिरी में 2 नए क्लाइंट और 1 मिलियन डॉलर कटेगिरी में 13 नए क्लाइंट जोड़े हैं.

रुपये के टर्म में रेवेन्यू तिमाही आधार पर करीब 7 फीसदी बढ़कर 23255 करोड़ रुपये हो गया है. सितंबर तिमाही के लिए इंफोसिस का आपरेटिंग मार्जिन 21.70 फीसदी रहा है. इंफोसिस ने शेयर धारकों को 8 रुपये प्रति शेयर डिविडेंड देने का ऐलान किया है. सालाना आधार पर इंफोसिस का डिजिटल ग्रोथ 38.4 फीसदी रहा है. कांस्टेंट करंसी ग्रोथ सालाना आधार पर 11.4 फीसदी रहा है.

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