सर्वाधिक पढ़ी गईं

एक्सपोर्ट छूट के खात्मे से इंटरनेशनल मार्केट में कमजोर पड़ सकती हैं चीनी स्टील कंपनियां, भारतीय कंपनियों को होगा फायदा

चीन के बाहर की स्टील कंपनियों के लिए बढ़िया मुनाफा कमाने का मौका है. अंतरराष्ट्रीय मार्केट में स्टील के दाम काफी तेजी से बढ़े हैं. भारतीय कंपनियां ने अपना एक्सपोर्ट बढ़ाया तो इन्हें भारी मुनाफा हो सकता है.

Updated: Jul 21, 2021 5:48 PM

Sharp increase in steel prices :  भारत समेत दुनिया भर में स्टील की कीमतों (Steel Price) में तेज इजाफा देखने को मिल रहा है. कोरोना संक्रमण के दूसरे दौर के बाद आर्थिक गतिविधियों में आई रफ्तार ने अंतरराष्ट्रीय मार्केट में स्टील के दाम में बेतहाशा तेजी पैदा कर दी है. भारतीय स्टील कंपनियों के लिए यह मुनाफा कमाने का बढ़िया मौका हो सकता है क्योंकि चीन ने अपने स्टील उद्योग के एक्सपोर्ट को दी जा रही छूट खत्म कर दी है. चीन में लौह अयस्क के दाम तेजी से बढ़ रहे हैं और इस वजह से स्टील के दाम में तेजी है.

चीन अपने घरेलू मैन्यूफैक्चरर्स को महंगे स्टील से बचाने के लिए भी एक्सपोर्ट में कटौती करना चाहता है. इसके साथ ही वह 2060 तक कार्बन न्यूट्रेलिटी का लक्ष्य हासिल करना चाहता है इसलिए वह अपने यहां स्टील उत्पादन और इसके एक्सपोर्ट की रफ्तार पर लगाम लगाना चाहता है. हाल में चीन ने इंपोर्ट ड्यूटी भी घटाई है ताकि बाहर से ज्यादा स्टील आ सके. अब तक चीन दुनिया के स्टील बाजार का सबसे बड़े खिलाड़ियों में शुमार रहा है. लेकिन उसका स्टील एक्सपोर्ट घटने से भारत समेत दुनिया के दूसरे देशों की कंपनियों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में मुनाफा कमाने का मौका मिल सकता है.

क्या फोर्ड इंडिया की होगी भारत से विदाई, जानिए आखिर यह नौबत क्यों आई?

भारत में स्टील के दाम एक साल में दोगुना से भी ज्यादा

भारत में स्टील के दाम पिछले साल के मुकाबले लगभग दोगुना हो गए हैं. जून 2020 में देश में फ्लैट स्टील (Flat steel) की कीमत 38 हजार रुपये प्रति टन थी लेकिन जून 2021 तक यह बढ़ कर 72 हजार रुपये प्रति टन हो गई. लॉन्ग स्टील की कीमतें लगभग डेढ़ गुना बढ़ कर 57,900 रुपये प्रति टन हो गई है. स्टील के दाम बढ़ने से घरेलू बाजार में गाड़ियों के दाम में लगभग नौ फीसदी बढ़ गए हैं. लेकिन भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी मुनाफा कमाने का मौका आ रहा है.

भारतीय स्टील कंपनियां बढ़ाएंगी उत्पादन क्षमता

चीन (China) की ओर से स्टील एक्सपोर्ट की रफ्तार कम करने की संभावना को देखते हुए दुनिया भर की स्टील बनाने वाली कंपनियों ने अपना उत्पादन (Steel Production) तेज कर दिया है. भारत की जेएसडब्ल्यू स्टील (JSW Steel) ने कहा है कि वह 2030 से पहले अपनी कैपिसिटी बढ़ा कर चार करोड़ 50 लाख टन तक करना चाहती है. मलयेशिया, इंडोनेशिया और दूसरे दक्षिण पूर्वी एशियाई ( Southeast Asia) देश भी छह करोड़ टन का अतिरिक्त उत्पादन करने का लक्ष्य ले कर चल रहे हैं.

भारतीय कंपनियों के लिए मुनाफा कमाने का मौका

विश्लेषकों का मानना है कि इस बार चीन के बाहर की स्टील कंपनियों के लिए बढ़िया मुनाफा कमाने का मौका है. अंतरराष्ट्रीय मार्केट में स्टील के दाम काफी तेजी से बढ़े हैं. भारतीय कंपनियां ने अपना एक्सपोर्ट बढ़ाया तो इन्हें भारी मुनाफा हो सकता है. यही वजह है कि सेल (SAIL), टाटा स्टील (TATA STEEL) और जेएसडब्ल्यू (JSW Steel) जैसी बड़ी भारतीय स्टील उत्पादक कंपनियों ने अपनी क्षमता बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है. इस साल अमेरिका में इन्फ्रास्ट्रक्चर पर काफी ज्यादा खर्च करने की योजना की वजह से इंटरनेशनल मार्केट में स्टील के दामों में तेजी बनी रहेगी. यूरोपीय मार्केट में भी स्टील की मांग काफी ज्यादा रहेगी. इसका फायदा न्यूकॉर (Nucor Corp) यूएस स्टील कॉर्प ( U.S. Steel Corp) एसएसएबी एबी (SSAB AB) और आर्सेलर मित्तल (ArcelorMittal SA) जैसी दिग्गज अंतरराष्ट्रीय कंपनियों को हो सकता है. भारतीय स्टील कंपनियां भी मुनाफे की इस दौड़ में शामिल हो सकती हैं.

 

Get Business News in Hindi, latest India News in Hindi, and other breaking news on share market, investment scheme and much more on Financial Express Hindi. Like us on Facebook, Follow us on Twitter for latest financial news and share market updates.

  1. बिज़नस न्यूज़
  2. कारोबार बाजार
  3. एक्सपोर्ट छूट के खात्मे से इंटरनेशनल मार्केट में कमजोर पड़ सकती हैं चीनी स्टील कंपनियां, भारतीय कंपनियों को होगा फायदा

Go to Top