सर्वाधिक पढ़ी गईं

स्टार्टअप्स ने पकड़ी रफ्तार, इस साल के अंत तक निकल सकते हैं 7.5 लाख प्रत्यक्ष रोजगार

निवेशकों को उम्मीद है कि जल्द ही स्थिति कोविड के पहले दौर पर पहुंच जाएगी.

Updated: Oct 14, 2020 7:06 PM
The funds raised will be used for further scaling up production of Bandicoot and to develop new products and R&D to leverage the technology for the health care segment.The funds raised will be used for further scaling up production of Bandicoot and to develop new products and R&D to leverage the technology for the health care segment.

भारत का स्टार्टअप इकोसिस्टम कोविड-19 की वजह से बुरी तरह प्रभावित हुआ है. एक तरफ जहां 15% स्टार्टअप लॉकडाउन की वजह से अपना कारोबार बंद कर रहे थे, वे अब उम्मीद से अधिक तेजी से पटरी पर आ रहे है. इसके अलावा इस साल 2020 में ही अब तक 7 यूनिकॉर्न स्टार्टअप मिल चुके हैं और इसमें से 4 स्टार्टअप कोविड-19 के दौर में यूनिकॉर्न बनकर उभरे हैं. यह जानकारी एक रिपोर्ट से सामने आई है.

ग्लोबल मैनेजमेंट व स्ट्रैट्जी कंसल्टिंग फर्म जिनोव के साथ साझेदारी में TiE Delhi-NCR ने ‘कोविड-19 एंड द एंटीफ्रैजालिटी ऑफ इंडियन स्टार्टअप इकोसिस्टम’ नाम से रिपोर्ट जारी की है. रिपोर्ट में सामने आया है कि अनलॉक की प्रक्रिया शुरू होने के बाद से डिजिटल स्टार्टअप में ज्यादा तेजी देखने को मिली है और निवेशकों को उम्मीद है कि जल्द ही स्थिति कोविड के पहले दौर पर पहुंच जाएगी.

TiE एक वैश्विक गैर लाभकारी संस्था है, जो मेंटरिंग, नेटवर्किंग, एजुकेशन, इंक्यूबेशन और फंडिंग के माध्यम से एंटरप्रेन्योरशिप को बढ़ावा देने का कार्य करती है. इसका नेटवर्क 14 देशों और 61 चैप्टर में फैला हुआ है. टाई दिल्ली-एनसीआर पूरे टाई नेटवर्क के सबसे सक्रिय चैप्टर में से एक है.

अनलॉक के बाद डिजिटल माध्यम ने बढ़ाया कारोबार

इस रिपोर्ट में फंडिंग, विलय और अधिग्रहण, सेक्टर पर प्रभाव, एंटरप्रेन्योर व निवेशकों की सोच और बाजार के बदलते माहौल जैसे विभिन्न आयामों के अध्ययन से भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम में कोविड-19 के प्रभाव को समझाया गया है. इस रिपोर्ट को सिस्को लॉन्चपैड, नेटएप एक्सीलरेटर और लोवीज इनोवेशन लैब का समर्थन मिला है. रिपोर्ट में कहा गया है कि 2020 की शुरुआत में भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम दुनिया में तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम था. हालांकि कोरोना महामारी के कारण मार्च से लेकर जून 2020 में हुए लॉकडाउन ने इसे खासा प्रभावित किया है.

लॉकडाउन के पहले की तुलना में लॉकडाउन अवधि के दौरान निवेश में 50 फीसदी की कमी आई और करीब 40 फीसदी स्टार्टअप में नकारात्मक प्रभाव देखने को मिला. इसके अलावा 15 फीसदी स्टार्टअप को कोविड-19 के कारण अपना संचालन बंद करने में मजबूर होना पड़ा है. अनलॉक की प्रक्रिया शुरू होने के बाद डिजिटल माध्यमों का उपयोग बढ़ने से शिक्षा, स्वास्थ्य और कॉमर्स जैसे सेक्टर को फायदा हुआ. ट्रैवल, हॉस्पिटैलिटी और मोबिलिटी जैसे सेक्टर अब तेजी से रफ्तार पकड़ रहे हैं.

75 फीसदी स्टार्टअप की हालत धीरे-धीरे ही सही पर स्थायी रूप से लॉकडाउन के बाद बेहतर हो रही है. करीब 30 फीसदी स्टार्टअप ने कमाई के वैकल्पिक रास्ते खोजने के लिए नए बाजार का रुख किया है, जबकि 55 फीसदी स्टार्टअप लागत को कम करते हुए ज्यादा से ज्यादा मुनाफे पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं.

2020 के अंत तक 7.5 लाख प्रत्यक्ष रोजगार

सितंबर 2020 की तिमाही के अंत तक कुल निवेश और स्टार्टअप में निजी निवेश, दोनों कोविड-19 के पहले के दौर पर पहुंच गए हैं. चार भारतीय स्टार्टअप कोविड-19 के दौर में यूनिकॉर्न बनकर उभरे हैं. उम्मीद है कि इस साल के अंत तक भारत 8 यूनिकॉर्न हासिल कर लेगा. यह संख्या 2019 के लगभग बराबर है. इसके अलावा 2020 के अंत तक भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम से 7-7.5 लाख प्रत्यक्ष और 26-28 लाख अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है.

स्टार्टअप ने लागत कम कर आर्थिक स्थिति को बनाया मजबूत

टाई दिल्ली-एनसीआर के अध्यक्ष रंजन आनंदन के मुताबिक भारतीय स्टार्टअप्स ने नए तरीके से अपने बिजनेस में बदलाव किए और अधिकतर स्टार्टअप ने अपनी लागत को कम करते हुए आर्थिक स्थिति को तेजी से मजबूत किया. डिजिटली आधारित सेगमेंट में किसी भी अन्य की अपेक्षा कहीं तेजी से सुधार देखने को मिला है और यह कोविड-19 के पहले के दौर से भी आगे है. निवेश में तेजी से सुधार देखने को मिला है और हमें उम्मीद है कि भारतीय यूनिकॉर्न में 2020 और 2021 में निरंतर बढ़ोतरी देखने को मिलेगी. भारत 2025 तक 100 यूनिकॉर्न हासिल करने के रास्ते पर है.

जिनोव की सीईओ परी नटराजन के मुताबिक कोरोना से उपजे संकट और कुछ स्टार्टअप के बंद होने के बावजूद कई स्टार्टअप ने रोजगार उत्पन्न करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. उम्मीद है कि 2025 तक इससे 15-16 लाख प्रत्यक्ष रोजगार उत्पन्न होंगे.

Get Business News in Hindi, latest India News in Hindi, and other breaking news on share market, investment scheme and much more on Financial Express Hindi. Like us on Facebook, Follow us on Twitter for latest financial news and share market updates.

  1. बिज़नस न्यूज़
  2. कारोबार बाजार
  3. स्टार्टअप्स ने पकड़ी रफ्तार, इस साल के अंत तक निकल सकते हैं 7.5 लाख प्रत्यक्ष रोजगार

Go to Top