मुख्य समाचार:

बंपर फेस्टिव डिस्काउंट देकर फंसी फ्लिपकार्ट और अमेजन! अब सरकार कराएगी जांच

फ्लिपकार्ट और अमेजन का बंपर फेस्टिव डिस्काउंट उनके लिए मुसीबत बन सकता है.

October 16, 2019 11:36 AM
Flipkart, Amazon, फ्लिपकार्ट और अमेजन, E-Commerce Companies Bumper Festive Discount, CAIT, offline retailers, violate foreign investment rulesफ्लिपकार्ट और अमेजन का बंपर फेस्टिव डिस्काउंट उनके लिए मुसीबत बन सकता है.

इस फेस्टिव सीजन में फ्लिपकार्ट और अमेजन ने ग्राहकों को आनलाइन शॉपिंग पर भारी भरकम छूट दी है. लेकिन यह बंपर छूट अब इन कंपनियों के लिए परेशानी बन सकता है. असल में ई-कॉमर्स कंपनियों द्वारा दिए गए बंपर डिस्काउंट की सरकार जांच करेगी. सरकार यह देखेगी कि कहीं इसमें प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) के नियमों का उल्लंघन तो नहीं किया गया है. कॉमर्स मिनिस्ट्री के एक अधिकारी ने न्यूज एजेंसी रॉयटर्स को यह जानकारी दी है. बता दें कि इस बारे में ऑफलाइन रिटेलर्स ने भी सरकार से शिकायत की थी.

फरवरी में FDI के नियमों में बदलाव

केंद्र सरकार ने फरवरी में FDI के नियमों में बदलाव किया था. सरकार का उद्देश्य करीब 13 करोड़ स्माल स्केल रिटेल पर निर्भर ऑफलाइन कारोबारियों को इस तरह के बंपर ऑनलाइन डिस्काउंट से होने वाले नुकसान से बचाना था. नियमों में बदलाव की वजह से ई-कॉमर्स कंपनियों को अपने बिजनेस स्ट्रक्चर में बदलाव करना पड़ा था. सरकार के कदम की अमेरिका ने कड़ी आलोचना की थी, जिसके बाद भारत तथा अमेरिका के व्यापारिक संबंधों में खटास आ गई थी.

फ्लिपकार्ट और अमेजन: हमने नियमों का पालन किया

उस दौरान फ्लिपकार्ट और अमेजन ने कहा था कि उन्होंने नियमों का पालन किया है. जबकि स्थानीय कारोबारी संगठनों का कहना है कि फेस्टिव सीजन को लेकर चल रहे ऑनलाइन सेल में भारी-भरकम डिस्काउंट दिया जा रहा है. यह कुछ मामलों में 50 फीसदी से भी अधिक है. रॉयटर्स ने फ्लिपकार्ट द्वारा सेलर्स को भेजे गए ई-मेल और ट्रेनिंग मटेरियल्स का रिव्यू किया है, जिसमें उसने डिस्काउंट पर सामान बेचने वाले सेलर्स से मिलने वाले सेल्स कमिशन को कम करने की पेशकश की है.

ऑफलाइन रिटेलर्स ने दिखाए सबूत

कॉमर्स मिनिस्ट्री के अधिकारियों ने न्यूज एजेंसी से कहा कि करीब 70 लाख ऑफलाइन रिटेलर्स को रीप्रेजेंट करने वाले संगठन कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) ने ऑनलाइन कंपनियों के खिलाफ शिकायतें की हैं. उन्होंने उनके खिलाफ सबूत भी दिया है. सरकार उनकी शिकायतों का रिव्यू भी कर रही है. CAIT ने आरोप लगाया है कि ई-कॉमर्स कंपनियां FDI के नियमों का उल्लंघन कर रही हैं. हालांकि कॉमर्स मिनिस्ट्री के अधिकारी ने इस बात पर कमेंट नहीं किया कि अगर ई-कॉमर्स कंपनियां जांच में दोषी पाई जाती हैं तो उनके खिलाफ किस तरह का एक्शन लिया जाएगा.

ई-कॉमर्स कंपनियों ने सरकार से की मुलाकात

इस बारे में ई-कॉमर्स कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भी सरकार से मुलाकात की है. फ्लिपकार्ट की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि सरकारी अधिकारियों से इस बारे में अच्छी मुलाकात हुई. हम भारत में नियम में रहकर कारोबार करने के लिए प्रतिबद्ध हैं. अमेजन ने कहा कि अधिकारियों के साथ उसकी बैठक खुली और पारदर्शी रही और वह नियमों का पालन करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. CAIT के महासचिव प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि ग्राहक खरीदारी के लिए ई-कॉमर्स का रुख कर रहे हैं, इस महीने ऑफलाइन बिजनेस में 30-40 फीसदी की गिरावट आई है.

Get Business News in Hindi, latest India News in Hindi, and other breaking news on share market, investment scheme and much more on Financial Express Hindi. Like us on Facebook, Follow us on Twitter for latest financial news and share market updates.

  1. बिज़नस न्यूज़
  2. कारोबार बाजार
  3. बंपर फेस्टिव डिस्काउंट देकर फंसी फ्लिपकार्ट और अमेजन! अब सरकार कराएगी जांच

Go to Top